Blood Donation in India: रक्तदान एक ऐसा नेक कार्य है, जो न केवल दूसरों की जान बचाता है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद होता है. भारत में बीते कुछ सालों में लोगों की जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना के चलते ब्लड डोनेशन का रुझान करीब 15 पर्सेंट बढ़ा है. यह बदलाव समाज में एक सकारात्मक संदेश देता है कि, लोग अब रक्तदान को लेकर ज्यादा संवेदनशील और सक्रिय हो रहे हैं.

किस राज्य में सबसे ज्यादा ब्लड डोनेट किया गया

जानकारी के अनुसार, मिजोरम ने रक्तदान सबसे ज्यादा किया गया है. यहां 93.71 प्रतिशत लोग ब्लड डोनेट करते हैं, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है. मिजोरम के लोग सामुदायिक सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाते हैं. यही कारण है कि इस छोटे से राज्य ने पूरे भारत को रक्तदान के क्षेत्र में प्रेरणा दी है.

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क्यों बढ़ा ब्लड डोनेशन का रुझान?

  • जागरूकता अभियान: सरकार और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने समय-समय पर ब्लड डोनेशन कैंप और कैंपेन चलाए हैं
  • सोशल मीडिया का प्रभाव: युवाओं में रक्तदान को लेकर जागरूकता सोशल मीडिया से तेजी से बढ़ी है
  • स्वास्थ्य के फायदे: अब लोग समझने लगे हैं कि रक्तदान करने से शरीर में नई रक्त कोशिकाओं का निर्माण होता है और दाता स्वस्थ रहता है
  • कोविड-19 का असर: महामारी के समय ब्लड की कमी ने लोगों को और अधिक जागरूक किया, जिसके चलते रक्तदान का रुझान बढ़ा

रक्तदान के फायदे

  • रक्तदान से ब्लड प्रेशर और आयरन लेवल कंट्रोल में रहते हैं
  • यह दिल की बीमारियों के खतरे को कम करता है
  • शरीर में नई रक्त कोशिकाओं का निर्माण होता है, जिससे ऊर्जा और ताजगी बनी रहती है
  • सबसे बड़ा फायदा है, किसी की जान बचाना

लोगों के लिए संदेश

ब्लड डोनेशन एक सामाजिक कर्तव्य है. हर स्वस्थ व्यक्ति को साल में कम से कम 1 बार रक्तदान करना चाहिए। यह न केवल दूसरों की मदद करता है, बल्कि दाता को भी स्वस्थ रखता है. मिजोरम जैसे राज्य हमें यह सिखाते हैं कि, जब पूरा समाज एकजुट होता है तो बड़े बदलाव संभव हैं.

भारत में ब्लड डोनेशन का बढ़ता रुझान एक सुखद संकेत है. 15 पर्सेंट की यह बढ़त बताती है कि लोग अब पहले से ज्यादा जागरूक और जिम्मेदार हो गए हैं. आखिरकार, एक बोतल रक्त किसी की पूरी जिंदगी बचा सकता है.

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Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.