कड़ाके की ठंड और बदलते मौसम के साथ ही बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है. ऐसे में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी 'इम्यूनिटी' को मजबूत बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है. हाल ही में एक फेसबुक लाइव सत्र के दौरान योग गुरु स्वामी रामदेव ने सर्दियों में स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने और बीमारियों से लड़ने के लिए जरूरी सुझाव साझा किए.
इम्यूनिटी रातों-रात नहीं, निरंतरता से बनती है
रामदेव बाबा ने अपने खास अंदाज में दर्शकों को समझाते हुए कहा कि इम्यूनिटी कोई ऐसी चीज नहीं है जिसे रातों-रात हासिल किया जा सके. उन्होंने इसकी तुलना 'कंपाउंड इंटरेस्ट' (चक्रवृद्धि ब्याज) से की. उन्होंने बताया कि जिस तरह धीरे-धीरे जमा किया गया धन समय के साथ कई गुना बढ़ जाता है, उसी तरह जब हम शरीर को लंबे समय तक सही पोषण और अच्छी आदतें देते हैं तो उसके फायदे कई गुना बढ़कर मिलते हैं. यही अनुशासन हमें लंबी उम्र, बेहतर स्टैमिना और बीमारियों से लड़ने की शक्ति प्रदान करता है.
पतंजलि च्यवनप्राश: 51 जड़ी-बूटियों का संगम
सत्र के दौरान उन्होंने पारंपरिक आयुर्वेदिक औषधि 'च्यवनप्राश' के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने बताया कि पतंजलि बैलेंस सेंटर्स में अलग-अलग उम्र और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के हिसाब से कई तरह के च्यवनप्राश उपलब्ध हैं. एक विशेष फार्मूले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें 51 जड़ी-बूटियों से निकले 5,000 से अधिक औषधीय यौगिक शामिल हैं. ये तत्व शरीर के प्राकृतिक रक्षा तंत्र को मजबूत करते हैं और सर्दियों के दौरान होने वाली थकान और संक्रमण से बचाते हैं.
शुगर के मरीजों के लिए खास विकल्प
अक्सर मधुमेह (डायबिटीज) से पीड़ित लोग मीठा होने के कारण च्यवनप्राश के सेवन से बचते हैं. इस समस्या का समाधान बताते हुए रामदेव बाबा ने कहा कि अब शुगर-फ्री विकल्प भी मौजूद हैं. इससे मधुमेह रोगी भी बिना किसी चिंता के अपनी इम्यूनिटी बढ़ा सकते हैं और सर्दियों की बीमारियों से खुद को सुरक्षित रख सकते हैं.
अंत में उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी औषधि तभी असरदार होती है जब आपकी जीवनशैली सही हो. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे च्यवनप्राश जैसे पारंपरिक सप्लीमेंट्स के साथ-साथ:
- प्रतिदिन योगाभ्यास करें.
- अनुशासित जीवन जिएं.
- खान-पान में सावधानी बरतें.
स्वामी रामदेव के अनुसार, पारंपरिक आयुर्वेद और आधुनिक अनुशासन का मेल ही हमें स्वस्थ और ऊर्जावान बनाए रख सकता है.