आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना PM-JAY से जुड़ी सेवाओं को और आसान बनाने के लिए केंद्र सरकार ने 'आयुष्मान सारथी' नाम से आधिकारिक WhatsApp चैटबॉट लॉन्च किया है. सरकार का कहना है कि अब लाभार्थियों को कई जरूरी सेवाओं के लिए सरकारी दफ्तर या कॉल सेंटर पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. वे सीधे WhatsApp के जरिए 24 घंटे सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे.

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WhatsApp पर मिलेंगी कई जरूरी सेवाएं

आयुष्मान सारथी के जरिए लाभार्थी PM-JAY के तहत अपनी पात्रता जांच सकेंगे. नया आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए आवेदन कर सकेंगे. कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे और eKYC दोबारा कर सकेंगे. इसके अलावा आधार लिंक करना, कार्ड लॉक या अनलॉक करना, इलाज का रिकॉर्ड देखना, वॉलेट बैलेंस चेक करना आसान होगा. वहीं, 70 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए आयुष्मान वय वंदना कार्ड से जुड़ी सेवाएं भी इसी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी.

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अस्पताल खोजने से लेकर शिकायत दर्ज करने तक की सुविधा

चैटबॉट सिर्फ जानकारी देने तक सीमित नहीं है. इसके जरिए लाभार्थी अपने नजदीकी पैनल वाले अस्पताल खोज सकते हैं. शिकायत दर्ज कर सकते हैं. शिकायत की स्थिति ट्रैक कर सकते हैं या जरूरत पड़ने पर उसे वापस भी ले सकते हैं. इसके अलावा कॉल बैक की सुविधा और अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद फीडबैक देने का विकल्प भी मिलेगा.

सरकार का दावा- सेवा होगी तेज और पारदर्शी

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, आयुष्मान सारथी सुरक्षित API आधारित सिस्टम पर काम करता है और सीधे PM-JAY प्लेटफॉर्म से जुड़ा है. इससे लाभार्थियों को रियल-टाइम जानकारी मिलेगी, सेवा वितरण तेज होगा और सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत कम पड़ेगी. मंत्रालय का मानना है कि इससे शिकायत निवारण और सेवा की निगरानी भी बेहतर होगी.

कैसे करें इस्तेमाल?

आयुष्मान सारथी का इस्तेमाल करना बेहद आसान है. लाभार्थी WhatsApp नंबर +91 72908 23838 पर "HI" भेजकर चैटबॉट शुरू कर सकते हैं या सरकार की ओर से जारी QR कोड स्कैन कर सकते हैं. इसके बाद उन्हें सभी उपलब्ध सेवाओं के विकल्प WhatsApp पर ही मिल जाएंगे.

क्यों है अहम यह पहल?

आयुष्मान भारत दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में से एक है, जिससे करोड़ों लोग जुड़े हैं. ऐसे में WhatsApp जैसे व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाले प्लेटफॉर्म पर सेवाएं उपलब्ध होने से लाभार्थियों के लिए योजना का उपयोग पहले से कहीं अधिक आसान, तेज और सुविधाजनक होने की उम्मीद है. खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों और डिजिटल सेवाओं का सीमित अनुभव रखने वाले लोगों को इसका सीधा फायदा मिल सकता है.

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