आजकल खराब खानपान, स्ट्रेस और खराब लाइफस्टाइल के कारण डायबिटीज के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. डायबिटीज का असर सिर्फ ब्लड शुगरलेवल, किडनी, आंखों और दिल पर ही नहीं पड़ता बल्कि यह धीरे-धीरे हड्डियों और जोड़ों को भी कमजोर कर देती है. कई रिसर्च बताती है कि हाई ब्लड शुगर हड्डियों की मजबूती को सीधे प्रभावित करता है और फ्रैक्चर का खतरा बढ़ा देता है.

वहीं डॉक्टर्स के अनुसार भी डायबिटीज रोगियों में सामान्य लोगों की तुलना में दो गुना ज्यादा हड्डियां टूटने की संभावना रहती है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि डायबिटीज के कारण आपकी हड्डियां भी तो कमजोर नहीं हो रही है.

डायबिटीज हड्डियों को कैसे करती है कमजोर?

लंबे समय तक बढ़ा हुआ ब्लड शुगर हड्डियों के बनने और टूटने की प्रक्रिया के बीच संतुलन बिगाड़ देता है. इससे हड्डियों का घनत्व कम होने लगता है और वह ज्यादा नाजुक हो जाती है. एक्सपर्ट्स बताते हैं कि शुगर के कारण घुटने के ओस्टियोआर्थराइटिसलिगामेंटमोच और जोड़ों की सूजन की समस्या बढ़ जाती है. ऐसे में हड्डियां कमजोर होने लगती है. इसके अलावा हाइपरग्लाइसेमिया यानी लगातार बढ़ता हुआ शुगरलेवल शरीर में सूजन पैदा करता है. इसका असर भी सीधा जोड़ों पर पड़ता है, जिससे उनमें दर्द, अकड़न और चलने फिरने में दिक्कत होती है. वहीं समय पर इलाज नहीं कराने पर यह कंडीशनआर्थराइटिस तक पहुंच सकती है.

इन लक्षणों को नहीं करना चाहिए नजरअंदाज

डायबिटीज में हड्डियों के कमजोर होने के लक्षण आपको पहले से ही दिखाई देने लगते हैं. इन लक्षणों में लगातार जोड़ों में दर्द, जोड़ों में सूजन, मामूली चोट से हड्डी का टूट जाना, हड्डियों में बार-बार दर्द और बोनडेंसिटी में कमी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं.

कैसे कर सकते हैं बचाव?

  • हड्डियों को कमजोर होने से बचाने के लिए डायबिटीज के मरीजों को अपने खान-पान और लाइफस्टाइल दोनों का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है.
  • ऐसे में हड्डियों को कमजोर होने से बचाने के लिए डायबिटीज के मरीजों को कैल्शियम और विटामिनडी से भरपूर खाना खाना चाहिए. इसमें दूध, दही, पनीर, हरी सब्जियां और दालें शामिल कर सकते हैं.
  • वहीं डायबिटीज के मरीजों को रोजाना सुबह की हल्की धूप में कुछ देर टहलना चाहिए.
  • रोजाना हल्की फिजिकलएक्टिविटी या योग भी करना चाहिए.
  • इसके अलावा डायबिटीज के मरीजों को मीठा और हाई कार्बोहाइड्रेटफूड कम खाना चाहिए.
  • साथ ही डायबिटीज के मरीजों को वजन भी कंट्रोल में रखना चाहिए.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.