मौसम बदलने के साथ खांसी और सर्दी-जुकाम की परेशानी आम है, लेकिन अगर आपको बार-बार खांसी आ रही है और गले में जलन भी महसूस होती है, तो इसकी वजह वायु प्रदूषण भी हो सकता है. हवा में मौजूद धूल, धुआं और छोटे-छोटे हानिकारक कण सांस के जरिए शरीर में पहुंचते हैं. इससे गले और सांस की नली में जलन होने लगती है. खासकर उन इलाकों में रहने वाले लोगों को ज्यादा परेशानी होती है, जहां गाड़ियों का धुआं, निर्माण कार्य की धूल और दूसरी वजहों से हवा की गुणवत्ता खराब रहती है. ऐसे में खांसी को लगातार नजरअंदाज करना ठीक नहीं है.

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बार-बार खांसी और खराश 

अगर आपको दिन में कई बार खांसी आती है या गले में बार-बार खराश महसूस होती है तो इसके पीछे वायु प्रदूषण  वजह हो सकती है. हवा में मौजूद धूल और धुएं के कण सांस की नली में जलन पैदा करते हैं. इसके कारण सूखी खांसी, गले में खुजली और बार-बार गला साफ करने की जरूरत महसूस होती है. कुछ लोगों को नाक में जलन, छींक और आंखों में पानी आने जैसी परेशानियां भी होती हैं.  

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सांस लेने में परेशानी और सीने में जकड़न

प्रदूषित हवा का असर केवल गले तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह फेफड़ों को भी प्रभावित करता है. ज्यादा प्रदूषण के संपर्क में आने पर कुछ लोगों को सांस लेने में परेशानी, सीने में जकड़न और सांस फूलने की शिकायत होती है. अस्थमा या सांस से जुड़ी दूसरी बीमारियों से परेशान लोगों में ये लक्षण ज्यादा नजर आते हैं. अगर बाहर निकलने के बाद खांसी या सांस लेने की परेशानी बढ़ जाती है, तो हवा की गुणवत्ता पर ध्यान देना जरूरी है. सांस लेने में बहुत ज्यादा परेशानी हो या सीने में तेज दर्द हो, तो तुरंत मेडिकल मदद लें.

प्रदूषण से बचने के लिए क्या करें?

वायु प्रदूषण से बचने के लिए कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए. अगर आपके इलाके में प्रदूषण का स्तर ज्यादा है, तो बाहर निकलने से पहले हवा की गुणवत्ता की जानकारी लें और जरूरी न होने पर लंबे समय तक बाहर रहने से बचें. बाहर जाना जरूरी हो, तो अच्छी फिटिंग वाला N95 मास्क इस्तेमाल कर सकते हैं. घर में धूल जमा न होने दें और धुएं से बचें. पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है, लेकिन ध्यान रखें कि पानी पीने से प्रदूषण का असर खत्म नहीं होता. अगर खांसी लगातार बनी रहती है, या बढ़ती जा रही है या उसके साथ बुखार और सांस लेने में परेशानी होती है, तो डॉक्टर से जांच करवाएं.

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Discription: बार-बार खांसी और गले में खराश प्रदूषण के कारण हो सकती है. अगर खांसी लंबे समय तक बनी रहे या सांस लेने में परेशानी हो, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें.