नई दिल्लीः पुणे में स्वाइन फ्लू से पिछले तीन महीने के दौरान 24 लोगों की मौत हो चुकी है. 135 लोगों में स्वाइन फ्लू का H1N1 वायरस पाये जाने के बाद नगर निगम अब हरकत में आया है. पुणे के डॉ नायडू सांसर्गिक रोगांचे अस्पताल में करीब तीन महीनों से स्वाइन फ्लू के रोगियों की संख्या में लगातार इजाफा देखने को मिला है. अस्पताल में 753 मरीजों को एहतियातन भर्ती कराया गया जिसमें 135 मरीजों में स्वाइन फ्लू के वायरस पाये गए. डॉक्टरों का कहना है कि ठंड के मौसम में स्वाइन फ्लू का वायरस हावी हो जाता है, जैसे-जैसे तापमान बढ़ेगा मरीजों की संख्या में कमी आएगी. आरोग्य विभाग प्रमुख डॉ सोमनाथ परदेशी का कहना है कि आम तौर पर ऐसा देखा जाता है कि किसी भी बीमारी का वायरस हर पांच साल में एक बार दोबारा ज्यादा सक्रिय पाया जाता है लेकिन इस बार सिर्फ दो साल के भीतर ही स्वाइन फ्लू ने लोगों को अपने शिकंजे में ले लिया. पुणे में 2009 में 431 मरीजों की स्वाइन फ्लू से मौत हो गई थी, जिसके बाद हड़कंप मच गया था. इसके करीब दो साल बाद तक लोगों की स्वाइन फ्लू को लेकर प्रतिरोधक क्षमता बढ़ी. लेकिन 2015 में एक बार फिर 153 मरीज स्वाइन फ्लू की भेंट चढ़ गए. इस साल तीन महीनों में 135 स्वाइन फ्लू के मरीज पाए गए और 24 मरीजों की मृत्यु हो गयी. डॉक्टरों का कहना है कि लोग चाहे घर में हों या बाहर, उन्हें बीमारी से बचने के लिए खास सावधानी बरतनी चाहिये.