Deaths Outnumber Births In England And Wales: इंग्लैंड और वेल्स में जनसंख्या को लेकर एक बड़ा बदलाव सामने आया है. ताजा अनुमान बताते हैं कि अब वहां जन्म लेने वाले बच्चों की तुलना में मरने वाले लोगों की संख्या अधिक होने लगी है. सामाजिक मामलों पर काम करने वाले थिंक टैंक सेंटर फॉर सोशल जस्टिस ने इस बदलाव को "डेथ डे" का नाम दिया है. संस्था का कहना है कि यह केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि भविष्य की बड़ी जनसांख्यिकीय चुनौती का संकेत है.

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मौत की संख्या अधिक

ऑफिस फॉर नेशनल स्टैटिस्टिक्स के अनुमान के अनुसार जुलाई 2026 से इंग्लैंड और वेल्स में हर साल मौतों की संख्या जन्म से अधिक रहने लगेगी. 2025-26 ऐसा आखिरी वित्तीय वर्ष माना जा रहा है, जब जन्म लेने वाले बच्चों की संख्या मामूली रूप से ज्यादा थी. अनुमान है कि 2026-27 के दौरान करीब 5.84 लाख बच्चों का जन्म होगा, जबकि इसी अवधि में लगभग 5.88 लाख लोगों की मौत हो सकती है.

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क्या है इसके पीछे की वजह?

telegraph की रिपोर्ट में बताया गया है का मानना है कि इसके पीछे सबसे बड़ी वजह लगातार घटती जन्म दर है. पहले की तुलना में अब दंपति कम बच्चे पैदा करना चाहते हैं या परिवार शुरू करने में देरी कर रहे हैं. महंगे घर, बच्चों की परवरिश पर बढ़ता खर्च, कामकाजी जीवन का दबाव और लचीले कार्य विकल्पों की कमी जैसे कारण भी इस फैसले को प्रभावित कर रहे हैं. इसके अलावा कई महिलाएं पहले करियर पर ध्यान देना चाहती हैं, जबकि शादी और मातृत्व की उम्र भी लगातार बढ़ रही है.

क्यों लोग उठा रहे हैं ऐसा कदम?

सीएसजी का कहना है कि अगर यही स्थिति बनी रही तो आने वाले वर्षों में इसके सामाजिक और आर्थिक दोनों तरह के गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं. संस्था के रिसर्च डायरेक्टर एडवर्ड डेविस का कहना है कि परिवारों को पर्याप्त सहयोग नहीं मिलने की वजह से यह स्थिति पैदा हुई है. उनका मानना है कि जो लोग माता-पिता बनना चाहते हैं, वे भी बढ़ते खर्च और बदलती परिस्थितियों के कारण अपने सपने पूरे नहीं कर पा रहे हैं.

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आर्थिक और सामाजिक कारणों से ऐसा नहीं कर पा रहे

रिपोर्ट के मुताबिक 2024 से 2034 के बीच पूरे ब्रिटेन में जन्म की तुलना में करीब 4.5 लाख अधिक मौतें होने का अनुमान है. वहीं एक अन्य एनालिसिस में कहा गया है कि 16 से 45 वर्ष की लगभग 30 लाख महिलाएं ऐसी हो सकती हैं, जिनके बच्चे नहीं होंगे. यह संख्या पिछली पीढ़ियों की तुलना में करीब छह लाख अधिक है. एक्सपर्ट इसे "मिसिंग पेरेंट्स" की स्थिति बता रहे हैं, जहां परिवार बसाने की इच्छा होने के बावजूद लोग आर्थिक और सामाजिक कारणों से ऐसा नहीं कर पा रहे.

2010 के बाद से लगातार गिर रही जनसंख्या

ब्रिटेन में जन्म दर साल 2010 के बाद से लगातार गिर रही है. वर्ष 2025 में करीब 5.85 लाख बच्चों का जन्म दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष से भी कम है और 1977 के बाद का सबसे निचला स्तर माना जा रहा है. प्रति महिला औसतन बच्चों की संख्या भी घटकर लगभग 1.4 रह गई है, जबकि किसी देश की आबादी को स्थिर बनाए रखने के लिए यह आंकड़ा करीब 2.1 होना चाहिए. महिलाओं की पहली बार मां बनने की औसत उम्र भी बढ़कर 29.6 वर्ष हो गई है.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.