दुनिया में कुछ ऐसे देश हैं जहां काम और पर्सनल लाइफ के बीच बैलेंस को बहुत महत्व दिया जाता है. कुछ देशों ने तो ऐसे कानून भी बनाए हैं जो कर्मचारियों को काम के बाद आराम करने का पूरा अधिकार देते हैं, वहां के लोग काम को जरूरी मानते हैं, लेकिन जीवन का आनंद लेना उससे भी ज्यादा जरूरी समझते हैं. अगर आप भी सोचते हैं कि जीवन में काम के साथ-साथ आराम, परिवार और अपने शौक के लिए भी समय होना चाहिए, तो ये पांच देश आपको जरूर पसंद आएंगे, तो आइए जानते हैं उन देशों के बारे में जहां वर्क-लाइफ बैलेंस सच में बेहतरीन है. 

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इन 5 देशों में है शानदार वर्क-लाइफ बैलेंस

1. नीदरलैंड - नीदरलैंड को दुनिया के उन देशों में गिना जाता है जहां लोग कम काम करके भी खुश और बैलेंस लाइफ जीते हैं. यहां औसतन लोग हफ्ते में लगभग 30 से 36 घंटे ही काम करते हैं. कई लोग पार्ट-टाइम जॉब करना पसंद करते हैं और यह यहां बिल्कुल सामान्य बात है. इस देश की एक खास बात यह भी है कि अगर कोई कर्मचारी अपने काम के घंटे कम करना चाहता है, तो वह कानूनी रूप से इसकी मांग कर सकता है. नियोक्ता बिना ठोस कारण के इसे मना नहीं कर सकते हैं. यहां कर्मचारियों को हर साल कम से कम 20 दिन की पेड लीव मिलती है, साथ ही यहां की संस्कृति भी ऐसी है कि अगर कोई व्यक्ति रोज देर तक ऑफिस में रुकता है, तो उसे मेहनती नहीं बल्कि खराब योजना बनाने वाला माना जाता है. इसलिए लोग समय पर काम खत्म करके अपने परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताना पसंद करते हैं. 

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2. डेनमार्क - डेनमार्क की कार्य संस्कृति भरोसे पर आधारित है. यहां कंपनियां अपने कर्मचारियों पर भरोसा करती हैं कि वे अपना काम समय पर और ईमानदारी से करेंगे. यहां सामान्य कार्य हफ्ते लगभग 37 घंटे का होता है. ज्यादातर लोग शाम के करीब 4 बजे तक ऑफिस से निकल जाते हैं ताकि वे अपने बच्चों के साथ समय बिता सकें या अपने शौक पूरे कर सकें. डेनमार्क में कर्मचारियों को कम से कम पांच हफ्ते की पेड लीव मिलती है. इसके अलावा माता-पिता के लिए बहुत अच्छी पेरेंटल लीव भी दी जाती है.

3.  स्वीडन - स्वीडन में यह सोच बहुत मजबूत है कि जीवन में परिवार और खुशहाली सबसे पहले आते हैं.यहां लोग काम को अपनी पहचान नहीं बल्कि जीवन का एक हिस्सा मानते हैं. यहां का आधिकारिक कार्य हफ्ते लगभग 40 घंटे का होता है, लेकिन कंपनियां कर्मचारियों को काफी लचीलापन देती हैं. अगर किसी को जल्दी घर जाना हो या घर से काम करना हो, तो यह सामान्य बात मानी जाती है.  स्वीडन की सबसे खास बात है यहां मिलने वाली पेरेंटल लीव है. माता-पिता को कुल मिलाकर लगभग 480 दिनों की पेड लिव मिलती है, जिसे वे आपस में बांट सकते हैं. इसके अलावा हर साल कम से कम 25 दिन की पेड लीव मिलती है. लोग अक्सर गर्मियों में छुट्टियां लेकर नेचर के बीच समय बिताते हैं या अपने परिवार के साथ यात्रा करते हैं.

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4. जर्मनी - जर्मनी अपनी मेहनत और अनुशासन के लिए जाना जाता है. यहां लोग काम के दौरान पूरी लगन से काम करते हैं, लेकिन काम खत्म होने के बाद अपने पर्सनल लाइफ का पूरा आनंद लेते हैं. यहां औसतन कार्य हफ्ते 34 से 40 घंटे का होता है. जैसे ही काम के घंटे पूरे होते हैं, लोग ऑफिस से निकल जाते हैं और फिर काम के बारे में ज्यादा नहीं सोचते हैं. जर्मन संस्कृति में फेइराबेंड नाम की एक परंपरा है, जिसका मतलब है काम खत्म होने के बाद आराम और निजी समय का आनंद लेना. यहां कर्मचारियों को आमतौर पर 20 से 30 दिन की पेड लीव मिलती है, साथ ही कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए कड़े श्रम कानून भी हैं. 

5. फ्रांस - फ्रांस उन देशों में से एक है जहांं काम और पर्सनल लाइफ को कानूनी रूप से भी सुरक्षित किया गया है. यहां सामान्य कार्य हफ्ते लगभग 35 घंटे का होता है. सबसे खास बात है राइट टू डिस्कनेक्ट यानी काम के घंटों के बाद ईमेल या मैसेज का जवाब देना जरूरी नहीं होता, अगर आपका बॉस रात में या छुट्टी के समय काम से जुड़ा संदेश भेजता है, तो आप उसे अनदेखा कर सकते हैं और यह पूरी तरह स्वीकार्य है. 

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