तेलंगाना के 99 फीसदी लोग खाते हैं नॉन वेज लेकिन देश में कम हुई मांसाहारियों की संख्या
चौंकाने वाली बात यह है कि देश में मांसाहारी 2004 के मुकाबल अब कम हो गए है.
एक्सपर्ट के मुताबिक तेलंगाना में मीट की खपत इसलिए ज्यादा है क्योंकि वहां के कल्चर में यह खाना है.
आंकड़ों के मुताबिक तेलंगाना में 2014-15 में 505 लाख मेट्रिक टन मीट और 1,061 करोड़ अंडों का उत्पादन किया गया था.
2004 में देश में 75 फीसदी मांसाहारी थे, जबकि 2014 में 71 फीसदी मांसाहारी थे.
इस सर्वे में 15 साल और उससे ऊपर के लोगों को शामिल किया गया था. इसमें से 98.8 प्रतिशत पुरुष और 98.6 प्रतिशत महिलाएं मांसाहारी निकलीं.
शाकाहारी राज्यों में सबसे टॉप पर राजस्थान आता है. उसके बाद पंजाब और हरियाणा मौजूद हैं.
नॉन वेज पर किए गए एक सर्वे के मुताबिक कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. सर्वे के मुताबिक तेलंगाना में सबसे ज्यादा लोग मांसाहारी हैं. वहीं, राजस्थान में सबसे ज्यादा लोग शाकाहरी हैं. यह सर्वे ‘रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया’ की तरफ से कराया गया है.
तेलंगाना के बाद पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, उड़ीसा और केरल का नंबर आता है. इन राज्यों में भी मांसाहारियों की संख्या ज्यादा है.
‘’तेलंगाना के लोग बकरे और चिकन से नाश्ता करते हैं. इसके साथ ही गुर्दा, पाया, भेजा, किडनी भी खाई जाती है.’
सर्वे के मुताबिक तेलंगाना सबसे ज्यादा मीट खाने वाला राज्य है. यहां 99 फीसदी लोग मीट खाते हैं.