उत्तराखंड: 1.8 करोड साल पुराना अवशेष मिला, लेकिन नहीं है डायनासोर
वन विभाग के लोग कह रहे हैं कि अब जंगल की जांच की जाएगी, खास तौर पर बिजलीघर के आस पास के इलाके की. ये जीव आखिर क्या है ये जानने के लिए कंकाल की जांच की जाएगी और तभी शायद डायनासोर वाले इस राज से पर्दा उठ पाएगा.
इलाके के बुजुर्ग बताते हैं कि उन्होंने ऐसी कोई चीज आज तक नहीं देखी, वन विभाग के अधिकारी बता रहे हैं कि ऐसा कोई जीव जसपुर के जंगलों में नहीं रहता. लेकिन 12 साल से बंद कमरे को जब खोला गया तो ये सामने था और प्रत्यक्ष को भला प्रमाण की क्या आवश्यकता.
पुलिस से लेकर वन विभाग तक के लोग हैरान हैं. भीड़ पुलिस थाने के बाहर जमा है और इस जिवाश्म के साथ सेल्फी लेना चाहती है. पूरे इलाके में चाय और पान की दूकानों पर सिर्फ इसी की चर्चा है और आखिर हो भी क्यों ना, ये टीरेक्स का जिवाश्म लग रहा है.
जसपुर के एक बिजलीघर में एक कमरा 12 साल से बंद था. खोला तो एक मशीन के नीचे ये जिवाश्म मिला. जिसने भी देखा हैरान रह गया. बिजली विभाग के अधिकारियों ने पुलिस और वन विभाग के लोगों को बुला लिया. पुलिसवाले इस जिवाश्म को कोतवाली ले आए.
उत्तराखंड के जसपुर से जो कहानी सामने आई है वो आपको हिला कर रख देगी. एक ऐसा जिवाश्म मिला है जिसे देख कर जुरासिक पार्क की तस्वीर आंखों के सामने घूम जाती है. ये जिवाश्म बिल्कुल डायनासोर की तरह दिखता है. लेकिन डायनासोर नहीं है.