जानें 500-1000 के नोट बंद होने के बाद क्या कहते हैं देश के अखबार
500 और 1000 के नोट बीती रात 12 बजे से बंद हो गए है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस फैसले के बाद चारों ओर अफरा-तफरी मच गई है. रात में एटीएम पर लंबी-लंबी लाइनें देखने को मिलीं. आइए अब आपको बताते हैं कि देश के बड़े हिंदी और अंग्रेजी अखबारों ने इस खबर को फ्रंट पेज पर किस तरह जगह दी है.
दैनिक भास्कर ने भी कुछ इसी तरह लिखा है. उन्होंने अपनी हैडिंग में एटीएम का जिक्र भी किया है.
दैनिक जागरण ने लिखा, ‘’आजादी के बाद काले धन के खिलाफ सबसे बड़ा कदम, 500 व 1000 के नोट बंद.’’
दैनिक अखबार जनसत्ता ने लिखा, ‘सरकार ने बंद किए बड़े नोट, आज से 500-1000 के नोट कागज के टुकड़े.’ बता दें कि फिलहाल 500-1000 के नोट की मार्किट वेल्यू खत्म हुई है. अभी इन्हें कागज के टुकड़े न समझें.
नवभारत टाइम्स ने लिखा, ''मोदी ने किया मनी पल्यूशन पर अटैक.''
द इंडियन एक्सप्रेस ने लिखा, ''द ग्रेट कैश क्लीन-अप.'
द टेलीग्राफ ने लिखा, ''500-100 के नोट खत्म.''
मुंबई मिरर ने लिखा, ''पीएम मोदी ने दिए 'हजार' सरप्राइजिज़.
द टाइम्स ऑफ इंडिया ने लिखा, ‘’ ब्लैक आउट, 500-1000 के नोट वैध नहीं.’’
हिंदुस्तान ने लिखा, ‘’काले धन पर बड़ा प्रहार, 500-1000 के नोट बंद.’’
इकॉनोमिक्स टाइम्स ने लिखा, ''बड़े नोटों पर मोदी स्ट्राइक.''