अनदेखी तस्वीरें: सादगी से भरे हरदिल अजीज नेता थे मनोहर पर्रिकर

गोवा के ज्यादातर लोगों की तरह मनोहर पर्रिकर को भी फुटबॉल खेलना काफी पसंद था.
पर्रिकर सीएम रहते हुए भी विमान में इकॅानमी क्लास में यात्रा करना पसंद करते थे. वह एयरपोर्ट पर यात्रियों के साथ लाइन में लगते थे और बोर्डिंग पास लेते थे. वह पब्लिक ट्रांसपोर्ट का भी इस्तेमाल करते थे
मुख्यमंत्री होने के बावजूद वो अपने साथ किसी तरह का तामझाम नहीं रखते थे. मुख्यमंत्री बनने के बाद भी वह अपने लंबरेटा स्कूटर से मुख्यमंत्री कार्यालय के लिए निकल जाया करते थे.
बीजेपी में मनोहर पर्रिकर पहले ऐसे नेता थे, जिन्होंने साल 2013 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री पद की दावेदारी की वकालत की थी.
लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर का रविवार को निधन हो गया. वह 63 साल के थे. राजनीति में अपने सरल और सीधे स्वभाव के कारण चर्चा में रहने वाले पर्रिकर एक मंझे हुए राजनेता थे.
मध्यमवर्गिय परिवार में 13 दिसंबर, 1955 में जन्मे पर्रिकर ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रचारक के रूप में करियर शुरू किया.
वह सर्वस्वीकार्य नेता थे. ना सिर्फ बीजेपी बल्कि दूसरे दलों के लोग भी उनका मान-सम्मान करते थे.
मनोहर पर्रिकर सीएम बनने के बाद भी अपनी स्कूटर खूब चलाते थे. वह अमूमन हाफ शर्ट और साधारण पैंट पहनते थे.
पर्रिकर की सादगी ये थी कि विपक्षी पार्टी भी उनकी तारीफ में कसीद गढ़ते थे. पर्रिकर के रक्षामंत्री रहते ही भारत ने पाकिस्तान पर साल 2016 में सर्जिकल स्ट्राइक किया था.
एक बार एक महिला मनोहर पर्रिकर के जनता दरबार में अपने बेटे के लिए लैपटॉप मांगने आई. वहां मौजूद अधिकारियों ने कहा कि सर यह महिला योजना के अंतर्गत नहीं आती है. इसके बाद पर्रिकर ने अपने पैसे से उनके लिए लैपटॉप की व्यवस्था कराई.
वह सीएम रहते काम को लेकर काफी सीरियस रहते थे. रात में जगकर फाइलों को निपटाना उनकी आदस सी बन गई थी. वह 16 से 18 घंटे काम करते थे.
वह 2014 से 2017 तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कैबिनेट में रक्षा मंत्री रहे.