IN PICS: यहां जानें मोदी सरकार में कब-कब हुए हैं रेल हादसे
उत्तर प्रदेश में एक हफ्ते के अंदर एक और बड़ा रेल हादसा हुआ है. आज़मगढ़ से दिल्ली से जा रही कैफियत एक्सप्रेस ट्रेन के इंजन सहित दस डिब्बे पटरी से उतर गए. इस हादसे में 50 लोगों के घायल होने की खबर है. ये ट्रेन बीती रात डंफर से टकरा गई. ये हादसा औरैया जिले के अछल्दा और पाता रेलवे स्टेशनों के बीच हुआ है. मोदी सरकार में इससे पहले भी साल 2014 के बाद से कई बड़े रेल हादसे हो चुके हैं. जानें मोदी सरकार में कब-कब हुए हैं रेल हादसे.
19 अगस्त उत्तर प्रदेश में मुजफ्फरनगर के खतौली में कलिंगा उत्कल एक्सप्रेस के 12 डिब्बे पटरी से उतर गए. इस रेल हादसे में 23 लोगों की मौत हो गई थी. जबकि 97 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे.
21 जनवरी 2017 को कुनेरू में जगदलपुर-भुवनेश्वर हीराखंड एक्सप्रेस ट्रेन के डिब्बे पटरी से उतर गए थे. इस भयानक हादसे में 40 लोगों की मौत हो गई थी और 68 लोग घायल हो गए थे.
28 दिसंबर 2016 को उत्तर प्रदेश में कानपुर के नजदीक अजमेर-सियालदाह एक्सप्रेस के 15 कोच पटरी से उतर गए थे. इस हादसे में 40 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे.
4 मई 2014 को दिवा सावंतवादी पैसेंजर ट्रेन पटरी से उतर गई थी. हादसे में 20 लोगों की मौत हो गई थी और 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे.
30 मार्च 2017 को यूपी के महोबा में महाकौशल एक्सप्रेस ट्रेन के डिब्बे पटरी से उतर गए थे. इस हादसे में 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे.
20 मार्च 2015 को उत्तर प्रदेश में रायबरेली के बछरांवा में जनता एक्सप्रेस पटरी से उतर गई थी. इस हादसे में 32 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 150 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे.
20 नवंबर 2016 को उत्तर प्रदेश में कानपुर देहात के पुखरायां में इंदौर-पटना एक्सप्रेस ट्रेन के 14 डिब्बे पटरी से उतर गए थे. इस भयानक हादसे में 150 लोगों की मौत हो गई थी और 260 लोग घायल हो गए थे.
26 मई 2014 को यूपी के ही संत कबीर नगर में गोरखाधाम एक्सप्रेस ने एक मालगाड़ी को टक्कर मार दी थी. इस हादसे में 25 लोगों की मौत हो गई थी.