बारिश में डूबा नागपुर शहर, चारों तरफ पानी ही पानी, देखें तस्वीरें
भारी बारिश की वजह से महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस का शहर नागपुर पूरी तरह से डूब गया. इसकी वजह से विधानसभा का सेशन रद्द कर दिया गया, स्कूल कॉलेजों में छुट्टी हो गई और नाव से बच्चे निकाले गये. आगे तस्वीरों में जानिए और कितने बिगड़े नागपुर के हालात.
नागपुर को महाराष्ट्र की दूसरी राजधानी समझा जाता है. शहर में हर साल विधानसभा का शीतकालीन सत्र होता है और 1961 के बाद ऐसा पहली बार हो रहा है कि शहर में मानसून सत्र का आयोजन हो रहा है. नागपुर शहर में कल रात भारी बारिश हुई थी और आज सुबह 10 बजे जब विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई तो सदन में अंधेरा पसरा था. विधानसभा अध्यक्ष हरिभाऊ बागडे ने सदन की कार्यवाही एक घंटे के लिए स्थगित कर दी और कहा कि स्विचिंग केंद्र में पानी भरने की वजह से इसे बंद किया गया है.
फिलहाल बारिश धीमी हो रही है. सीएम ने नागपुर स्मार्ट सिटी कंट्रोल रूम शहर का जायजा लिया और अधिकारियों से बात की. नागपुर शहर में विधानसभा, आरएसएस का मुख्यालय है. सीएम देवेंद्र फडणवीस और नितिन गडकरी यहीं से आते है.
नागपुर के सभी इलाको में पानी भरा हुआ है. मानेवाड़ा, नरेंद्र नगर, महालक्ष्मी नगर, सोने गांव, एयरपोर्ट रोड सभी इलाको में पानी-पानी है. विधान भवन, एयरपोर्ट सुबह बंद थे. विमानों को हैदराबाद डाइवर्ट किया गया था. बाद मे बारिश कम होने के बाद फ्लाइट्स नागपुर पहुंचे.
भारी बारिश के कारण बिजली गुल होने की वजह से महाराष्ट्र विधान मंडल के दोनों सदनों की कार्यवाही आज नहीं चल सकी. इस वजह से सरकार विपक्ष के साथ ही अपनों के भी निशाने पर आ गई. विधानसभा और विधान परिषद की आज सुबह बैठक शुरू होने के कुछ ही देर बाद अंधेरे की वजह से कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया. शहर में भारी बारिश के बाद विधान भवन में बिजली आपूर्ति करने वाले स्विचिंग केंद्र में पानी भरने के कारण बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ी.
सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हुई तो विधानसभा अध्यक्ष को उनकी सीट पर पहुंचाने के लिए सुरक्षा स्टाफ को अपने मोबाइल फोन की टॉर्च जलानी पड़ी. बागडे ने सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित करने का एलान किया. विपक्षी कांग्रेस और एनसीपी के नेता के कुछ बोलना चाहते थे लेकिन बिजली नहीं होने की वजह से माइक काम नहीं कर रहे थे और उनकी आवाज सुनाई नहीं दी. इसी तरह दोपहर में जब विधान परिषद की कार्यवाही शुरू हुई तो सभापति नाइक निम्बालकर ने सदन को दिन भर के लिए स्थगित कर दिया.