भारी बारिश से बाद 'जलमग्न' हुआ महाराष्ट्र का कोल्हापुर, तस्वीरें दे रही हैं 'जल प्रलय' की गवाही
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने फडणवीस से बात की और बाढ़ से निपटने के लिए केंद्र से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया. एक अधिकारी ने बताया कि सांगली में राहत एवं बचाव कार्य में लगी एक नौका के पलट जाने से नौ लोग डूब गए और चार लापता हैं.
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सांगली और कोल्हापुर में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा के लिए हवाई सर्वेक्षण किया. क्षेत्र में भारी वर्षा के बाद ये सबसे अधिक प्रभावित जिले हैं जहां कृष्णा और पंचगंगा नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है.
एनडीआरएफ की टीम बोट के जरिए लोगों को बचाने में जुटी है. रिहायशी इलाकों में एनडीआरएफ नाव के जरिए लोगों की जिंदगी को बचाने की कोशिश कर रही है. एक-एक घऱ से महिलाएं-बुजुर्ग सब को सकुशल बाहर निकाला जा रहा है और सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाया जा रहा है.
कोस्टगार्ड-SDRF की एक एक टीम रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है. सांगली में 11 टीम रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हैं, जिसमें सेना-NDRF की 8, कोस्टगार्ड की 2 और सेना की एक टीम शामिल है.
महाराष्ट्र में बाढ़ से बुरा हाल है. पश्चिम महाराष्ट्र के सांगली, सतारा, कोल्हापुर और अकोला में हालात बिगड़े हुए हैं. अभी तक महाराष्ट्र में 27 लोगों की मौत हो चुकी है. आज भी बारिश का अलर्ट है. इसके अलावा कोंकण के सिंधुदुर्ग, रत्नागिरी में बाढ़ से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है.
बाढ़ में फंसे लोगों की मदद और उन तक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए एयरफोर्स और कोस्टगार्ड भी तैनात है. कोल्हापुर में रेस्क्यू के लिए कुल 22 टीमों को लगाया गया है. एनडीआरएफ की 5 और नौसेना की 14 टीम जिले में मौजूद हैं, इसके साथ ही 200 के करीब जवानों वाली सेना की एक कॉलम भी रेस्क्यू में जुटी है.