गणतंत्र दिवस: महिला बाइकर्स के करतब देख लोगों ने दबा लीं दांतों तले उंगलियां
सीमा भवानी का यह बल ‘बीएसएफ अकादमी टेकनपुर’ के स्वर्ण जयंती समारोह तथा नयी दिल्ली में ‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ पर भी अपने साहसिक करतब दिखा चुका है. 'सीमा भवानी' नामक इस दल में ज्यादातर महिलाएं ऐसी हैं, जो पहले बाइक चलाना नहीं जानती थी, लेकिन वे अब पारंगत हो चुकी हैं.
दल में शामिल महिलाओं को कठिन प्रशिक्षण के दौर से गुजरना पड़ा है, जिसमें उन्हें सुबह आठ बजे से अपराह्न् एक बजे तक और फिर अपराह्न् साढ़े तीन बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक प्रशिक्षण दिया जाता था.
रोचक बात यह है कि नॉरयांग जब बीएसएफ की इन साहसी महिलाओं के दल में शामिल हुई थीं तो वह बाइक चलाना बिल्कुल नहीं जानती थीं. लेकिन आज वह आत्मविश्वास के साथ न सिर्फ बाइक चला सकती हैं, बल्कि एक ही मोटरसाइकिल पर 10 अन्य सवारों के साथ साहसिक करतब भी दिखा सकती हैं.
गणतंत्र दिवस के मौके पर राजपथ पर देश की बेटियों ने दुनिया के सामने अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया. पहली बार सीमा सुरक्षाबल के मोटरसाइकिल सवार दल सीमा भवानी ने आसियान के 10 देशों के नेताओं एवं शासनाध्यक्षों की मौजूदगी में अपने साहसिक करतब दिखाए.
दल का नेतृत्व सब इंस्पेक्टर स्टेंजीन नोरयांग ने किया. सीमा सुरक्षाबल की 106 महिला कर्मियों ने 26 मोटर साइकिलों पर करतब दिखाए. उनके करतबों ने परेड देखने पहुंचे बच्चों-बूढ़ों सभी में रोमांच भर दिया.
सीमा सुरक्षाबल की मोटरसाइकिल सवार टीम सीमा भवानी मोटर ट्रांसपोर्ट सेंटर स्कूल की स्थापना ‘बीएएसएफ अकादमी टेकनपुर’ में 20 अक्तूबर 2016 को की गई थी.