यूपी: एग्जिट पोल में किसी पार्टी को नहीं मिला बहुमत, अब ये हैं सरकार बनाने के विकल्प
तीसरा विकल्प- तीसरा विकल्प के मुताबिक सरकार तो किसी बनती नहीं दिख रही लेकिन ये आंकड़ा जानना भी आपके लिए बेहद जरूरी है. यूपी में बीजेपी अगर 176 सीटों के साथ 6 अन्य को अपने साथ कर ले तो आंकड़ा 182 तक पहुंचता जो बहुमत से दूर है लेकिन बीजेपी अल्पमत की सरकार बना सकती है.
दूसरा विकल्प- दूसरे विकल्प की बात करें तो अगर समाजवादी पार्टी और बीएसपी एक साथ आ जाए तो बहुमत आसानी से मिल सकता है. एसपी की 169 सीटें और बीएसपी की 72 सीटें मिलकर 241 के आंकड़े तक पहुंचते हैं. ये भी बहुमत के 202 के आंकड़े से बहुत आगे जाता है. एग्गिट पोल के बीच यूपी के सीएम अखिलेश यादव ने बड़ा बयान दिया है. अखिलेश ने बीबीसी को दिए इंटरव्यू में कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो मायावती की पार्टी बीएसपी के साथ भी हाथ मिला सकते हैं. अखिलेश ने कहा कि कोई नहीं चाहेगा कि राष्ट्रपति शासन हो और बीजेपी रिमोट कंट्रोल से उत्तर प्रदेश को चलाए. इस बीच अखिलेश ने बयान दिया है कि उन्हें जरूर पड़ने पर सरकार बनाने के लिए बीएसपी से समर्थन लेने में कोई परहेज़ नहीं है.
पहला विकल्प- बीजेपी के साथ अगर बीएसपी के हाथ मिला ले तो बहुमत का आंकड़ा आसानी से मिल सकता है. बीजेपी की 176 और बीएसपी की 72 सीट मिलकर 248 सीट का आंकड़ा पहुंचता है. यूपी में बहुमत के लिए 202 का जादुई आंकड़ा चाहिए. बीएसपी और बीजेपी मिलकर इस आंकड़े के बहुत आगे जाते दिख रहे हैं. अतीत पर नजर डालें तो बीजेपी के बीएसपी के साथ जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. बीजेपी के समर्थन से ही 1995 में मायावती ने मुलायम सिंह यादव से गठबंधन की सरकार में समर्थन वापस ले लिया था. इसी के बाद यूपी में गेस्ट हाउस कांड हुआ था.
ABP एबीपी न्यूज़-सीएसडीएस के एग्जिट पोल के मुताबिक उत्तर प्रदेश में कोई भी पार्टी बहुमत के आंकड़े को छू नहीं पा रही है. बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बन सकती है. ABP एबीपी न्यूज़-सीएसडीएस के एग्जिट पोल के मुताबिक बीजेपी को 164-176 मिलती दिख रही है समाजवादी पार्टी को 156 से 169 सीटें मिलने का अनुमान है वहीं बीएसपी तीसरी पार्टी रहेगी.
बीएसपी के खाते में 60-72 सीटें जाने की संभावना है. यूपी में किसी को भी बहुमत नहीं मिल पा रहा है, ऐसे में मायावती किंगमेकर साबित हो सकती हैं. हम आपको बता रहे हैं कि अगर इतनी सीटें इन पार्टियों को मिलती हैं तो फिर यूपी में सरकार बनाने के क्या विकल्प हैं.