<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/"><channel><title>India at 2047: किरदारों को नहीं स्क्रिप्ट को चुनते हैं मनोज बाजपेयी, बोले - 'जितना मैं अपने आपको सताता हूं, उतना मजा आता है'</title><atom:link href="https://www.abplive.com/india-at-2047/feed" rel="self" type="application/rss+xml"/><link>https://www.abplive.com/</link><description/><lastBuildDate>Mon, 29 Jun 2026 13:40:17 +0530</lastBuildDate><language>en-US</language><sy:updatePeriod>hourly</sy:updatePeriod><sy:updateFrequency>1</sy:updateFrequency><generator>https://www.abplive.com</generator><item><title><![CDATA[India@2047 Conclave: 'हम नॉन स्टॉप काम कर रहे', abp न्यूज़ के कार्यक्रम में CM नायब सैनी का पंजाबी अंदाज भी दिखा]]></title><link>https://www.abplive.com/states/haryana/abp-network-india-at-2047-conclave-nayab-singh-saini-haryana-development-jobs-education-industrial-policy-achievements-3139728</link><comments>https://www.abplive.com/states/haryana/abp-network-india-at-2047-conclave-nayab-singh-saini-haryana-development-jobs-education-industrial-policy-achievements-3139728#respond</comments><pubDate>Wed, 3 Jun 2026 19:33:19 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ एबीपी स्टेट डेस्क ]]></dc:creator><category><![CDATA[ हरियाणा ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/states/haryana/abp-network-india-at-2047-conclave-nayab-singh-saini-haryana-development-jobs-education-industrial-policy-achievements-3139728</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;एबीपी नेटवर्क के इंडिया @2047 कॉन्क्लेव में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य सरकार की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को विस्तार से रखा. उन्होंने कहा कि हम नॉन स्टॉप काम कर हैं. वहीं पंजाब से जुड़े सवाल पर उन्होंने पंजाबी में जवाब दिया. दरअसल, सीएम नायब सिंह सैनी फर्राटेदार पंजाबी बोलते हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;वहीं कार्यक्रम के दौरान सीएम सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में देश ने अभूतपूर्व विकास किया है और हरियाणा भी तेजी से आगे बढ़ा है. सैनी ने दावा किया कि विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए 217 संकल्पों में से 63 को महज 19 महीनों में पूरा कर लिया गया है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;color: #e03e2d;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;a style=&quot;color: #e03e2d;&quot; title=&quot;मानसून से पहले एक्शन में पानीपत नगर निगम, ड्रेनों-नालों की सफाई पर 1.5 करोड़ खर्च करेगा प्रशासन&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/states/haryana/panipat-municipal-corporation-starts-major-drain-cleaning-drive-before-monsoon-rs-1-5-crore-tender-issued-ann-3139518&quot; target=&quot;_self&quot;&gt;मानसून से पहले एक्शन में पानीपत नगर निगम, ड्रेनों-नालों की सफाई पर 1.5 करोड़ खर्च करेगा प्रशासन&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;
&lt;blockquote class=&quot;twitter-tweet&quot;&gt;
&lt;p dir=&quot;ltr&quot; lang=&quot;en&quot;&gt;LIVE: ABP News India@2047 Conclave&lt;br /&gt;&lt;a href=&quot;https://t.co/D4DqsPEaiy&quot;&gt;https://t.co/D4DqsPEaiy&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;
&amp;mdash; Nayab Saini (@NayabSainiBJP) &lt;a href=&quot;https://x.com/NayabSainiBJP/status/2062161865858498838?ref_src=twsrc%5Etfw&quot;&gt;June 3, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;
&lt;script src=&quot;https://platform.x.com/widgets.js&quot; async=&quot;&quot; charset=&quot;utf-8&quot;&gt;&lt;/script&gt;
&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;'25 हजार युवाओं को दिए नियुक्ति पत्र'&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री ने रोजगार के मुद्दे पर कहा कि उनकी सरकार ने युवाओं से किया गया वादा निभाया है. उन्होंने बताया कि 25 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सैनी ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से पहले ही युवाओं को जॉइनिंग लेटर देने का काम किया, क्योंकि सरकार केवल घोषणाएं करने में नहीं बल्कि उन्हें जमीन पर उतारने में विश्वास रखती है. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी युवाओं को रोजगार देने के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;हरियाणा में शिक्षकों के खाली पदों को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस विषय को गंभीरता से ले रही है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उन्होंने बताया कि प्रदेश के हर ब्लॉक में पीएम श्री स्कूल स्थापित किए गए हैं. इसके अलावा मॉडल संस्कृत स्कूल और सीएम मॉडल स्कूल भी शुरू किए जा रहे हैं ताकि बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके. सैनी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि बच्चों को अपने घर के पास ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि हर 20 किलोमीटर के दायरे में एक राजकीय कॉलेज स्थापित किया गया है, जिससे खासकर बेटियों को उच्च शिक्षा हासिल करने में सुविधा मिल रही है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;महिलाओं के लिए लाडो लक्ष्मी योजना का विस्तार&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;महिला कल्याण योजनाओं पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने लाडो लक्ष्मी योजना का विशेष उल्लेख किया. उन्होंने बताया कि पहले चरण में एक लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले परिवारों की महिलाओं को योजना का लाभ दिया गया.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उन्होंने कहा कि पहले बजट में महिलाओं के लिए 5000 करोड़ रुपये सुरक्षित रखे गए थे और पहले वर्ष में 1500 करोड़ रुपये महिलाओं के खातों में भेजे गए. दूसरे बजट में योजना का दायरा बढ़ाकर 6500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सैनी ने बताया कि अब दूसरे चरण में 1.80 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले परिवारों की महिलाओं को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा. इसके अलावा जिन छात्रों ने हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की परीक्षा में 80 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए हैं, उनकी माताओं को भी योजना से जोड़ा गया है. गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बच्चों की माताओं को भी इसका लाभ मिलेगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;color: #e03e2d;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;a style=&quot;color: #e03e2d;&quot; title=&quot;पानीपत में विवाहिता ने की खुदकुशी, एक दिन बाद ही था बेटे का जन्मदिन; ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/states/haryana/panipat-25-year-old-married-woman-committed-suicide-deceaseds-father-accused-his-son-in-law-harassing-dowry-ann-3138221&quot; target=&quot;_self&quot;&gt;पानीपत में विवाहिता ने की खुदकुशी, एक दिन बाद ही था बेटे का जन्मदिन; ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;महंगाई और पेट्रोल-डीजल पर भी बोले&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया इस समय कई वैश्विक चुनौतियों का सामना कर रही है. उन्होंने मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव का जिक्र करते हुए कहा कि इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर काफी हद तक नियंत्रण बना हुआ है. सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दे रही है ताकि ईंधन पर निर्भरता कम हो सके.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उन्होंने बताया कि हरियाणा में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया जा चुका है और इस दिशा में लगातार काम हो रहा है. सैनी ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश इन वैश्विक चुनौतियों से सफलतापूर्वक बाहर निकलेगा.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;नई औद्योगिक नीति से रोजगार बढ़ाने की तैयारी&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;नई औद्योगिक नीति 2026 पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में गुरुग्राम में इस नीति को लॉन्च किया गया है. इसके लिए उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ व्यापक चर्चा की गई और उनके सुझावों को शामिल किया गया.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उन्होंने बताया कि नई नीति के लॉन्च के साथ ही करीब 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपये के एमओयू साइन किए गए हैं. सरकार का लक्ष्य हरियाणा को देश का प्रमुख औद्योगिक केंद्र बनाना है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक निवेश बढ़ने से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और युवाओं को अपने राज्य में ही बेहतर नौकरी मिल सकेगी.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;पंजाब चुनाव पर विपक्ष और केजरीवाल पर निशाना&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अगले साल पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी दोनों पर निशाना साधा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उन्होंने कहा कि पंजाब और हरियाणा का रिश्ता बेहद गहरा है. दोनों राज्यों के लोगों के बीच पारिवारिक और सामाजिक संबंध हैं. पंजाब के लोग आज हरियाणा के विकास को देख रहे हैं और तुलना कर रहे हैं कि हरियाणा कहां पहुंच गया और पंजाब कहां खड़ा है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सैनी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने पंजाब के लोगों से किए गए वादे पूरे नहीं किए, जिसके बाद जनता ने उसे सत्ता से बाहर कर दिया. उन्होंने कहा कि बाद में आम आदमी पार्टी ने बड़े-बड़े वादे किए, लेकिन पंजाब के लोगों को अपेक्षित परिणाम नहीं मिले.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;पंजाबी में दिया जवाब, बटोरी सुर्खियां&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब से जुड़े सवाल का जवाब फर्राटेदार पंजाबी में दिया. उन्होंने कहा कि पंजाब और हरियाणा आज भी एक ही परिवार की तरह हैं और दोनों राज्यों के लोगों के बीच गहरा प्रेम और अपनापन है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग हरियाणा में मिल रही सुविधाओं और विकास कार्यों को देख रहे हैं. सैनी ने दावा किया कि डबल इंजन सरकार ही पंजाब को विकास के रास्ते पर आगे ले जा सकती है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;color: #e03e2d;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;a style=&quot;color: #e03e2d;&quot; title=&quot;'सर, मेरे पापा आपकी बात नहीं मान रहे...' PM मोदी हुई BJP नेता सतीश पूनिया की शिकायत! बेटे का पोस्ट वायरल&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/states/haryana/pm-narendra-modi-post-on-heatwave-mahip-poonia-complained-about-father-satish-poonia-rajasthan-3137396&quot; target=&quot;_self&quot;&gt;'सर, मेरे पापा आपकी बात नहीं मान रहे...' PM मोदी हुई BJP नेता सतीश पूनिया की शिकायत! बेटे का पोस्ट वायरल&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;विकसित भारत 2047 के लक्ष्य पर भरोसा&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार प्रधानमंत्री &lt;a title=&quot;नरेंद्र मोदी&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/topic/narendra-modi&quot; data-type=&quot;interlinkingkeywords&quot;&gt;नरेंद्र मोदी&lt;/a&gt; के विकसित भारत 2047 के विजन को आगे बढ़ाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उन्होंने कहा कि रोजगार, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और औद्योगिक विकास जैसे क्षेत्रों में तेजी से काम हो रहा है और आने वाले वर्षों में हरियाणा देश के सबसे अग्रणी राज्यों में शामिल होगा.&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/06/03/d0c98089550f466cca6fce66bb223e8517804949010571278_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[India at 2047 Conclave: विकसित भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती, आयात पर निर्भरता करनी होगी कम]]></title><link>https://www.abplive.com/india-at-2047/abp-network-india-at-2047-conclave-india-must-reduce-energy-import-dependence-to-achieve-viksit-bharat-by-2047-says-dr-arunabha-ghosh-3139720</link><comments>https://www.abplive.com/india-at-2047/abp-network-india-at-2047-conclave-india-must-reduce-energy-import-dependence-to-achieve-viksit-bharat-by-2047-says-dr-arunabha-ghosh-3139720#respond</comments><pubDate>Wed, 3 Jun 2026 19:13:12 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ रजनी उपाध्याय ]]></dc:creator><category><![CDATA[ INDIA AT 2047 ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/india-at-2047/abp-network-india-at-2047-conclave-india-must-reduce-energy-import-dependence-to-achieve-viksit-bharat-by-2047-says-dr-arunabha-ghosh-3139720</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;एबीपी नेटवर्क के विशेष कार्यक्रम 'India @ 2047 Conclave' में देश की अर्थव्यवस्था, उद्योग, सिनेमा और प्रशासन से जुड़ी कई प्रमुख हस्तियों ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम की थीम 'बिल्डिंग भारत @ 2047' रही, जिसके तहत भारत को आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक एक विकसित राष्ट्र बनाने के रोडमैप और उससे जुड़ी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;कॉन्क्लेव के दौरान 'द ग्लोबल एनर्जी क्राइसिस: नेगोशिएटिंग द चेंज' पर बोलते हुए जलवायु विशेषज्ञ और काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर (CEEW) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. अरुणाभा घोष ने कहा कि किसी भी देश का आर्थिक विकास पर्याप्त ऊर्जा उपलब्धता के बिना संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि दुनिया में ऐसा कोई उदाहरण नहीं है जहां ऊर्जा की मजबूत व्यवस्था के बिना कोई देश विकसित अर्थव्यवस्था बना हो.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;कितनी बढ़ सकती है जरूरत&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;डॉ. घोष ने कहा कि भारत यदि 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य हासिल करना चाहता है, तो आने वाले वर्षों में ऊर्जा की मांग में बड़ी वृद्धि देखने को मिलेगी. उनके अनुसार देश की कुल ऊर्जा जरूरतें कम से कम दो से तीन गुना तक बढ़ सकती हैं, जबकि बिजली की मांग अगले दो दशकों में तीन से चार गुना तक बढ़ने की संभावना है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उन्होंने कहा कि बढ़ती मांग को देखते हुए भारत को अपनी ऊर्जा सुरक्षा को और मजबूत करना होगा. इसके लिए देश को अपने ऊर्जा भंडार (रिजर्व) बढ़ाने की जरूरत है. वर्तमान में भारत के पास लगभग 60 दिनों की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने लायक रणनीतिक भंडार मौजूद है, लेकिन भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए इसे और मजबूत करना होगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;ऊर्जा आयात पर अत्यधिक निर्भरता है चुनौती&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;डॉ. घोष ने हाल ही में प्रधानमंत्री &lt;a title=&quot;नरेंद्र मोदी&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/topic/narendra-modi&quot; data-type=&quot;interlinkingkeywords&quot;&gt;नरेंद्र मोदी&lt;/a&gt; की संयुक्त अरब अमीरात (UAE) यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे समझौते देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में मदद कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक ऊर्जा आयात पर अत्यधिक निर्भरता है. वर्तमान में देश अपनी जरूरत का करीब 90 प्रतिशत कच्चा तेल (क्रूड ऑयल) और लगभग 47 प्रतिशत प्राकृतिक गैस विदेशों से आयात करता है. इनमें से बड़ी मात्रा पश्चिम एशिया से और खासतौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते भारत पहुंचती है. ऐसे में किसी भी भू-राजनीतिक तनाव या आपूर्ति बाधा का सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&amp;nbsp;&lt;a title=&quot;CBSE री-वैल्यूएशन 2026 के लिए 40 हजार छात्रों ने किया आवेदन, बोर्ड ने जारी किया बड़ा अपडेट&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/education/cbse-revaluation-2026-forty-thousand-students-complete-application-process-successfully-window-open-till-june-6-3139602&quot; target=&quot;_self&quot;&gt;CBSE री-वैल्यूएशन 2026 के लिए 40 हजार छात्रों ने किया आवेदन, बोर्ड ने जारी किया बड़ा अपडेट&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इस चुनौती से निपटने के लिए डॉ. घोष ने देश की अर्थव्यवस्था के तेजी से इलेक्ट्रिफिकेशन पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि यदि भारत का परिवहन क्षेत्र बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ता है, तो देश अपने भीतर उत्पादित ऊर्जा का बेहतर उपयोग कर सकेगा. सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा जैसे स्रोतों के माध्यम से बिजली उत्पादन बढ़ाकर आयातित ईंधन पर निर्भरता कम की जा सकती है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उन्होंने कहा कि केवल परिवहन ही नहीं, बल्कि घरेलू ऊर्जा उपयोग के क्षेत्र में भी बदलाव की जरूरत है. विशेष रूप से खाना पकाने के ईंधन के क्षेत्र में स्वच्छ और टिकाऊ विकल्पों को बढ़ावा देना होगा. डॉ. घोष ने बताया कि करीब एक दशक पहले देश के केवल 50 प्रतिशत लोगों के पास एलपीजी कनेक्शन था, जबकि आज यह आंकड़ा 80 प्रतिशत से अधिक हो चुका है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि एलपीजी की बढ़ती पहुंच एक सकारात्मक बदलाव है, लेकिन भारत इसकी बड़ी मात्रा भी विदेशों से आयात करता है.&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;यह भी पढ़ें - &lt;a title=&quot;India at 2047 Conclave: विकसित भारत के लिए ऊर्जा सबसे अहम, 2047 तक इतने गीगावाट क्षमता का लक्ष्य जरूरी- शिशिर प्रियदर्शी  &quot; href=&quot;https://www.abplive.com/india-at-2047/abp-network-india-at-2047-conclave-energy-will-be-the-key-to-viksit-bharat-by-2047-shishir-priyadarshi-3139617&quot; target=&quot;_self&quot;&gt;India at 2047 Conclave: विकसित भारत के लिए ऊर्जा सबसे अहम, 2047 तक इतने गीगावाट क्षमता का लक्ष्य जरूरी- शिशिर प्रियदर्शी &lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/06/03/bdf17a906a1808a6efe68c5c55e4fb0017804941159481294_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[India at 2047 Conclave: बारिश में क्यों थम जाती है मुंबई? BMC कमिश्नर अश्विनी भिड़े ने दिया हर सवाल का जवाब]]></title><link>https://www.abplive.com/india-at-2047/abp-network-india-at-2047-conclave-bmc-commissioner-ashwini-bhide-on-mumbai-monsoon-housing-and-development-plan-3139638</link><comments>https://www.abplive.com/india-at-2047/abp-network-india-at-2047-conclave-bmc-commissioner-ashwini-bhide-on-mumbai-monsoon-housing-and-development-plan-3139638#respond</comments><pubDate>Wed, 3 Jun 2026 16:29:39 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ एबीपी स्टेट डेस्क ]]></dc:creator><category><![CDATA[ INDIA AT 2047 ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/india-at-2047/abp-network-india-at-2047-conclave-bmc-commissioner-ashwini-bhide-on-mumbai-monsoon-housing-and-development-plan-3139638</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुंबई को देश की आर्थिक राजधानी कहा जाता है. हर साल लाखों लोग यहां बेहतर रोजगार और बेहतर जिंदगी की तलाश में आते हैं. लेकिन मानसून आते ही मुंबई की रफ्तार पर सवाल उठने लगते हैं. बारिश के दौरान जलभराव, ट्रैफिक जाम और लोकल ट्रेन सेवाओं पर असर जैसी समस्याएं अक्सर चर्चा में रहती हैं. एबीपी नेटवर्क के इंडिया@2047 कॉन्क्लेव में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की कमिश्नर अश्विनी भिड़े ने इन्हीं मुद्दों पर खुलकर बात की. उन्होंने मानसून की तैयारियों, अवैध निर्माण, बढ़ती आबादी, आवास संकट और मुंबई के भविष्य को लेकर विस्तार से अपनी बात रखी.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अश्विनी भिड़े ने कहा कि अक्सर यह धारणा बनाई जाती है कि बारिश आते ही मुंबई ठहर जाती है, जबकि वास्तविक स्थिति इससे अलग है. उन्होंने बताया कि पिछले साल मुंबई में 125 मिलीमीटर से अधिक बारिश हुई थी, लेकिन लोकल ट्रेन सेवाएं केवल कुछ घंटों के लिए प्रभावित हुई थीं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;color: #e03e2d;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;a style=&quot;color: #e03e2d;&quot; title=&quot;Mumbai News: बांद्रा में अवैध निर्माण कार्रवाई का बदला लेने की साजिश? आरोपी को 3 दिन की ट्रांजिट कस्टडी&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/states/maharashtra/mumbai-news-accused-huzaifa-contact-with-pakistani-gangster-shahzad-bhatti-retaliation-action-against-illegal-construction-in-bandra-ann-3139595&quot; target=&quot;_self&quot;&gt;Mumbai News: बांद्रा में अवैध निर्माण कार्रवाई का बदला लेने की साजिश? आरोपी को 3 दिन की ट्रांजिट कस्टडी&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उनके मुताबिक बसों के कुछ रूट बदले गए थे, लेकिन शहर का अधिकांश हिस्सा सामान्य रूप से चलता रहा. उन्होंने कहा कि बीएमसी ने कई इलाकों में पानी जमा होने की समस्या को कम करने के लिए बड़े जल भंडारण टैंक बनाए हैं. इसके अलावा जल निकासी व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति पहले की तुलना में काफी कम हुई है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुंबई की सबसे बड़ी चुनौती क्या है, इस सवाल पर अश्विनी भिड़े ने कहा कि कोई एक व्यक्ति किसी शहर की समस्याएं हल नहीं कर सकता. बीएमसी एक बड़ा संस्थान है जो करोड़ों लोगों के जीवन से जुड़े कई जरूरी काम करता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उन्होंने कहा कि नागरिकों तक बेहतर सेवाएं पहुंचाना ही उनकी और उनकी पूरी टीम की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है. चाहे सड़कें हों, फुटपाथ हों, कचरा प्रबंधन हो या फिर मानसून के दौरान राहत कार्य, हर क्षेत्र में सुधार करना लगातार चलने वाली प्रक्रिया है.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;iframe title=&quot;India@ 2047: Making Mumbai Great Again Remaking the Maximum City  |ABPLIVE&quot; src=&quot;https://www.youtube.com/embed/OZKB2SEtJ2w&quot; width=&quot;815&quot; height=&quot;458&quot; frameborder=&quot;0&quot; allowfullscreen=&quot;allowfullscreen&quot;&gt;&lt;/iframe&gt;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;हर दिन हजारों टन कचरे का प्रबंधन बड़ी चुनौती&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;बीएमसी कमिश्नर ने बताया कि मुंबई जैसे महानगर में हर दिन करीब 7 से 8 हजार मीट्रिक टन कचरा निकलता है. यह कचरा शहर के अलग-अलग हिस्सों से इकट्ठा किया जाता है और फिर उसे प्रोसेसिंग साइट तक पहुंचाया जाता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उन्होंने कहा कि यह काम सुनने में आसान लगता है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर इसे व्यवस्थित तरीके से करना बेहद चुनौतीपूर्ण है. इसके बावजूद बीएमसी लगातार इस व्यवस्था को बेहतर बनाने की कोशिश कर रही है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मानसून से निपटने के लिए क्या है बीएमसी की तैयारी?&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मानसून की तैयारियों पर बोलते हुए अश्विनी भिड़े ने बताया कि बीएमसी ने इस बार भी कई स्तरों पर तैयारी की है. उन्होंने कहा कि शहर के प्रमुख और छोटे नालों की सफाई पूरी कर ली गई है. मुंबई में 8 बड़े पंपिंग स्टेशन और 35 से अधिक छोटे पंपिंग स्टेशन सक्रिय हैं. इसके अलावा 500 से ज्यादा हाई कैपेसिटी पंप लगाए गए हैं, जिन्हें आधुनिक आईओटी तकनीक से जोड़ा गया है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इन पंपों की निगरानी कंट्रोल रूम से की जाती है. जैसे ही किसी इलाके में पानी जमा होने की स्थिति बनती है, वहां से पानी निकालने की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जा सकती है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;'लो-लाइंग इलाकों में जलभराव रोकना संभव नहीं'&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;बीएमसी कमिश्नर ने माना कि मुंबई के कुछ निचले इलाकों में भारी बारिश और हाई टाइड के दौरान पानी भरना पूरी तरह रोका नहीं जा सकता. उन्होंने कहा कि समुद्र से घिरे शहर होने के कारण कुछ प्राकृतिक सीमाएं हैं. लेकिन बीएमसी का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि पानी जल्दी निकले और लोगों को कम से कम परेशानी हो.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;खतरनाक इमारतों को लेकर भी सतर्कता&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुंबई में हर साल कई पुरानी और जर्जर इमारतें खतरा बनती हैं. इस पर अश्विनी भिड़े ने कहा कि बीएमसी लगातार ऐसी इमारतों की पहचान करती है. उन्होंने बताया कि सी-1 श्रेणी की इमारतों को सबसे ज्यादा खतरनाक माना जाता है और उन्हें खाली कराना जरूरी होता है. हालांकि कई बार निवासी अदालत से स्थगन आदेश ले आते हैं, जिससे कार्रवाई में देरी होती है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;बीएमसी ऐसे मामलों में अदालत का रुख करती है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए जागरूक भी करती है. उनका कहना था कि मानव जीवन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अवैध निर्माण क्यों नहीं रुकते?&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुंबई में अवैध निर्माण और अतिक्रमण का मुद्दा हमेशा चर्चा में रहता है. इस पर बीएमसी कमिश्नर ने कहा कि यह सिर्फ मुंबई नहीं बल्कि लगभग हर बड़े शहर की समस्या है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उन्होंने कहा कि जमीन की कमी और महंगी भूमि कीमतों के कारण लोग रहने और रोजगार के लिए वैकल्पिक रास्ते तलाशते हैं. इसी वजह से कई बार अवैध निर्माण और अतिक्रमण सामने आते हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अश्विनी भिड़े ने बताया कि बीएमसी के 26 वार्डों में लगातार ऐसी संरचनाओं के खिलाफ कार्रवाई होती रहती है. लेकिन यह एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;'हॉकर्स और झुग्गियों का मुद्दा सिर्फ कानून नहीं'&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;बीएमसी कमिश्नर ने कहा कि सड़क किनारे दुकान लगाने वाले हॉकर्स और झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोग भी शहर की अर्थव्यवस्था का हिस्सा हैं. उनका कहना था कि जब तक इन लोगों के लिए उचित विकल्प नहीं तैयार किए जाते, तब तक केवल कार्रवाई से समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल सकता. इसलिए सरकार और स्थानीय प्रशासन विभिन्न योजनाओं के जरिए वैकल्पिक व्यवस्था विकसित करने की दिशा में काम कर रहे हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुंबई की बढ़ती आबादी को लेकर पूछे गए सवाल पर अश्विनी भिड़े ने कहा कि शहर का भविष्य केवल प्रशासन नहीं तय करता, बल्कि अर्थव्यवस्था और विकास की दिशा भी इसे प्रभावित करती है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उन्होंने कहा कि मुंबई अब सिर्फ एक औद्योगिक शहर नहीं रह गया है. यह वित्तीय सेवाओं, मनोरंजन, आतिथ्य और सूचना-प्रौद्योगिकी गतिविधियों का बड़ा केंद्र बन चुका है. अश्विनी भिड़े के अनुसार सरकार अब केवल मुंबई शहर नहीं बल्कि पूरे मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) को ध्यान में रखकर विकास योजनाएं बना रही है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उन्होंने बताया कि नीति आयोग की मदद से एमएमआर के लिए ग्रोथ हब योजना तैयार की गई है. इसका उद्देश्य महाराष्ट्र को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में मदद करना है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उन्होंने कहा कि वर्तमान में एमएमआर का आर्थिक योगदान करीब 160 अरब डॉलर है, जिसे बढ़ाकर 300 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अटल सेतु और तीसरी मुंबई का विजन&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;बीएमसी कमिश्नर ने कहा कि अटल सेतु जैसे बड़े प्रोजेक्ट मुंबई के बोझ को कम करने में अहम भूमिका निभाएंगे. उनके मुताबिक ट्रांस हार्बर लिंक बनने के बाद मुंबई के बाहर के क्षेत्रों तक पहुंच आसान हुई है. इन इलाकों में नए विकास केंद्र तैयार किए जा रहे हैं, जिन्हें लोग भविष्य की &quot;तीसरी मुंबई&quot; के रूप में देख रहे हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उन्होंने कहा कि बेहतर परिवहन सुविधाओं के कारण लोग मुंबई से कुछ दूरी पर रहकर भी आर्थिक अवसरों का लाभ उठा सकेंगे.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुंबई में घर खरीदना क्यों मुश्किल है?&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;आवास के मुद्दे पर अश्विनी भिड़े ने कहा कि मुंबई में घरों की ऊंची कीमतों का सबसे बड़ा कारण जमीन की कीमत है. उन्होंने कहा कि निर्माण लागत लगभग हर शहर में समान होती है, लेकिन मुंबई में जमीन बेहद महंगी है. यही वजह है कि यहां मकानों की कीमतें आम लोगों की पहुंच से बाहर हो जाती हैं.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;झुग्गी पुनर्विकास से बदली तस्वीर&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उन्होंने बताया कि दो दशक पहले मुंबई की करीब 70 से 75 प्रतिशत आबादी झुग्गियों में रहती थी. अब यह आंकड़ा घटकर लगभग 50 प्रतिशत रह गया है. इसका श्रेय स्लम पुनर्वास योजनाओं को जाता है, जिनके तहत लाखों लोगों को नए घर मिले हैं. सरकार अब क्लस्टर डेवलपमेंट मॉडल पर ज्यादा जोर दे रही है ताकि बड़े स्तर पर पुनर्विकास किया जा सके.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अश्विनी भिड़े ने कहा कि मुंबई महानगर क्षेत्र में 10 लाख से ज्यादा नए घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है. इनमें स्लम पुनर्वास परियोजनाएं, म्हाडा योजनाएं और किफायती आवास योजनाएं शामिल हैं. उनका मानना है कि बड़े क्लस्टर आधारित विकास मॉडल से बेहतर सड़कें, सार्वजनिक सुविधाएं और आधुनिक बुनियादी ढांचा भी विकसित होगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;color: #e03e2d;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;a style=&quot;color: #e03e2d;&quot; title=&quot;महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव: महायुति ने जारी की उम्मीदवारों की लिस्ट, बागियों से की ये अपील&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/states/maharashtra/maharashtra-legislative-council-elections-bjp-ncp-and-shiv-sena-mahayuti-official-candidates-list-issued-ann-3139498&quot; target=&quot;_self&quot;&gt;महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव: महायुति ने जारी की उम्मीदवारों की लिस्ट, बागियों से की ये अपील&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;बीएमसी कमिश्नर ने कहा कि मुंबई कभी पूरी तरह तैयार हो जाने वाला शहर नहीं है. यह एक जीवंत और लगातार बदलने वाला महानगर है. उन्होंने कहा कि जहां-जहां मेट्रो पहुंच रही है, वहां पुनर्विकास की रफ्तार बढ़ रही है. दक्षिण मुंबई से लेकर उपनगरों तक नए आवास, नई तकनीक और आधुनिक सुविधाओं के साथ बदलाव दिखाई दे रहा है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उनका कहना था कि किसी भी शहर की असली पहचान उसके निरंतर विकास में होती है. मुंबई भी उसी दिशा में आगे बढ़ रही है और आने वाले वर्षों में इसकी तस्वीर और ज्यादा आधुनिक तथा व्यवस्थित दिखाई देगी.&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/06/03/aaff45656e426e7032d7e8ee3d9c43b417804839895371278_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[India @2047: महंगाई के बीच एविएशन सेक्टर को मिली राहत, सरकार देगी 10000 करोड़ का फंड- राम मोहन नायडू]]></title><link>https://www.abplive.com/business/atf-news-government-likely-to-roll-10-thousand-crore-fund-amid-aviation-turbine-fuel-costs-rise-due-to-iran-us-war-3139622</link><comments>https://www.abplive.com/business/atf-news-government-likely-to-roll-10-thousand-crore-fund-amid-aviation-turbine-fuel-costs-rise-due-to-iran-us-war-3139622#respond</comments><pubDate>Wed, 3 Jun 2026 15:59:09 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ प्रतीक्षा राणावत ]]></dc:creator><category><![CDATA[ बिजनेस ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/business/atf-news-government-likely-to-roll-10-thousand-crore-fund-amid-aviation-turbine-fuel-costs-rise-due-to-iran-us-war-3139622</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;ATF News:&lt;/strong&gt; ईरान और यूएस के बीच चल रहे युद्ध की वजह से तेल से जुड़े हर एक सेक्टर पर असर पड़ रहा है. इस युद्ध की वजह से क्रूड ऑयल की कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है. जिससे पेट्रोल- डीजल समेत गैस और यहां तक कि एविएशन के लिए इस्तेमाल होने वाला फ्यूल भी महंगा हो रहा है. इससे एविएशन इंडस्ट्री से लेकर यात्रियों तक को महंगाई और यात्रा में असुविधा का सामना करना पड़ रहा है. इसे देखते हुए अब सरकार ने एविएशन सेक्टर को थोड़ी राहत देने की कवायद की है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;उड्डयन मंत्री ने एबीपी न्यूज़ से क्या कहा?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;एबीपी न्यूज़ के कार्यक्रम इंडिया@ 2047 में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने बताया, ''एविएशन सेक्टर लोगों के लिए अफोरटेबल रहे, इसके लिए सरकार काम कर रही है. आज ही कैबिनेट की एक बैठक हुई है, जिसमें प्राइस स्टेबिलाइज़ेशन फंड हमने अप्रूव किया है, जिससे ऑयल मार्केंटिंग कंपनी को 10 हजार करोड़ का फंड मिलेगा.''&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उन्होंने बताया कि हम इस फंड से एटीएफ में एक स्टेबिलिटी ला पाएंगे. जिस वजह से अगर लॉस हो या प्रॉफिट हो तो 10 हजार करोड़ से उसे बैलेंस करने का मौका मिलेगा. मिडिल ईस्ट में रोज हालात बदल रहे हैं. उसका एटीएफ पर प्रभाव पड़ रहा है.''&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;बता दें कि यह फैसला केंद्र सरकार ने मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण ईंधनों की बढ़ती कीमतों के कारण किया है. इस वद्धि की वजह से एयरलाइंस और सरकारी तेल कंपनियों पर अतिरिक्त खर्च का बोझ पड़ रहा है. इस स्थिति से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने फंड की घोषणा का फैसला लिया है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें: &lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/business/abp-network-india-at-2047-conclave-surjit-bhalla-on-flaws-in-india-s-policymaking-know-the-details-3139511&quot;&gt;India@2047: भारती की पॉलिसी मेकिंग में कमी, अभी भी है मुफ्त चीजें बांटने का कल्चर- सुरजीत भल्ला&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;घरेलू उड़ानों की ना बढ़ें कीमतें&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;इसी बीच भारतीय एयरलाइंस ने इंडियन ऑयल (IOC) और भारत पेट्रोलियम (BPCL) जैसी तेल कंपनियों से अपील की है कि वो युद्ध खत्म होने तक डोमेस्टिक फ्लाइट्स के लिए ATF की कीमतें न बढ़ाए. मार्च और अप्रैल के महीने में यात्रा करने वालों की संख्या कम रहने के कारण एयरलाइंस को कुछ उड़ानें कम करनी पड़ीं. अप्रैल में डोमेस्टिक फ्लाइट्स में यात्रा करने वालों की संख्या मार्च की तुलना में 4.2% घटकर लगभग 1.38 करोड़ रह गई.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;पिछले महीने बढ़ी थीं ईंधन की कीमतें&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;बता दें कि इससे पहले पिछले महीने ATF (Aviation Turbine Fuel) की कीमत में 8.56% की बढ़ोतरी की गई थी. जिसके बाद ATF का भाव 96,638 रुपये प्रति किलोलीटर से बढ़कर 1,04,927 रुपये प्रति किलोलीटर हो गया है. गौरतलब है कि भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है. इसलिए मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने पर तेल की कीमतें बढ़ जाती हैं, जिसका असर एयरलाइंस और सरकारी तेल कंपनियों दोनों पर पड़ता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&amp;nbsp;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/business/economist-surjit-bhalla-said-no-country-in-the-world-wants-to-invest-in-india-know-the-reason-3139542&quot;&gt;दुनिया का कोई देश भारत में पैसा नहीं लगाना चाहता, जाने-माने इकोनॉमिस्ट सुरजीत भल्ला ने ऐसा क्यों कहा?&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;iframe title=&quot;YouTube video player&quot; src=&quot;https://www.youtube.com/embed/QqrNAzucdpU?si=dtj96-q30hnINJBR&quot; width=&quot;560&quot; height=&quot;315&quot; frameborder=&quot;0&quot; allowfullscreen=&quot;allowfullscreen&quot;&gt;&lt;/iframe&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/06/03/06134f41b6b29b047ae8353ac3d85c431780483963636940_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[India at 2047 Conclave: विकसित भारत के लिए ऊर्जा सबसे अहम, 2047 तक इतने गीगावाट क्षमता का लक्ष्य जरूरी- शिशिर प्रियदर्शी  ]]></title><link>https://www.abplive.com/india-at-2047/abp-network-india-at-2047-conclave-energy-will-be-the-key-to-viksit-bharat-by-2047-shishir-priyadarshi-3139617</link><comments>https://www.abplive.com/india-at-2047/abp-network-india-at-2047-conclave-energy-will-be-the-key-to-viksit-bharat-by-2047-shishir-priyadarshi-3139617#respond</comments><pubDate>Wed, 3 Jun 2026 15:46:22 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ रजनी उपाध्याय ]]></dc:creator><category><![CDATA[ INDIA AT 2047 ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/india-at-2047/abp-network-india-at-2047-conclave-energy-will-be-the-key-to-viksit-bharat-by-2047-shishir-priyadarshi-3139617</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;एबीपी नेटवर्क के विशेष कार्यक्रम India @ 2047 Conclave में देश की अर्थव्यवस्था, उद्योग, सिनेमा और प्रशासन से जुड़े कई प्रमुख विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम की थीम 'बिल्डिंग भारत @ 2047' रही, जिसमें भारत की आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने के रोडमैप और उससे जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा की गई.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;कॉन्क्लेव के दौरान चिंतन रिसर्च फाउंडेशन (CRF) के अध्यक्ष शिशिर प्रियदर्शी ने विकसित भारत और नेट जीरो: क्या भारत दोनों लक्ष्य हासिल कर सकता है? विषय पर अपने विचार रखे. उन्होंने कहा कि भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल है जो विकास और पर्यावरणीय सस्टेनिबिलिटी दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;शिशिर प्रियदर्शी ने कहा कि अधिकांश विकसित देश इस तरह की दोहरी चुनौती का सामना नहीं कर रहे हैं, लेकिन भारत को एक तरफ तेजी से आर्थिक विकास करना है तो दूसरी तरफ पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्यों को भी पूरा करना है. ऐसे में ऊर्जा क्षेत्र की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होने वाली है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;इसमें करनी होगी वृद्धि&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उन्होंने कहा कि यदि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनना है, तो देश को अपनी ऊर्जा उत्पादन क्षमता में बड़े पैमाने पर वृद्धि करनी होगी. उनके अनुसार विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में ऊर्जा सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें- &lt;a title=&quot;CBSE री-वैल्यूएशन 2026 के लिए 40 हजार छात्रों ने किया आवेदन, बोर्ड ने जारी किया बड़ा अपडेट&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/education/cbse-revaluation-2026-forty-thousand-students-complete-application-process-successfully-window-open-till-june-6-3139602&quot; target=&quot;_self&quot;&gt;CBSE री-वैल्यूएशन 2026 के लिए 40 हजार छात्रों ने किया आवेदन, बोर्ड ने जारी किया बड़ा अपडेट&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उन्होंने बताया कि आने वाले दो दशकों में देश की बिजली और ऊर्जा की मांग कई गुना बढ़ने वाली है. उद्योगों, कारोबारों और आम नागरिकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए ऊर्जा उत्पादन क्षमता का विस्तार जरूर होगा. इसी को ध्यान में रखते हुए भारत को वर्ष 2047 तक लगभग 2,000 गीगावॉट बिजली उत्पादन क्षमता का लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;कही ये बड़ी बात&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;प्रियदर्शी ने कहा कि वर्तमान क्षमता की तुलना में यह लगभग चार गुना वृद्धि होगी. इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए बड़े निवेश, दीर्घकालिक योजना और मजबूत ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्टर की जरूरत पड़ेगी. विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए देश के हर क्षेत्र तक विश्वसनीय और सस्ती ऊर्जा पहुंचाना जरूरी है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उन्होंने बताया कि केवल रिन्यूएबल ऊर्जा स्रोतों के भरोसे इतनी बड़ी ऊर्जा मांग को पूरा करना आसान नहीं होगा. उनके मुताबिक ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि बिजली की कीमत आम लोगों और उद्योगों के लिए किफायती बनी रहे. उन्होंने कहा सिर्फ हरित ऊर्जा की ओर बढ़ना ही पर्याप्त नहीं है. हमारी जिम्मेदारी यह भी है कि हम स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में आगे बढ़ते हुए लोगों को सस्ती और भरोसेमंद ऊर्जा उपलब्ध कराएं.&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;यह भी पढ़ें -&amp;nbsp;&lt;a title=&quot;Mukhyamantri Hunar Vikas Yojana 2026: हायर एजुकेशन लेनी है और जेब है खाली तो न हो परेशान, इस योजना में सरकार दे रही बंपर पैसा&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/education/mukhyamantri-hunar-vikas-yojana-2026-how-palanhar-students-can-get-education-support-3137664&quot; target=&quot;_self&quot;&gt;Mukhyamantri Hunar Vikas Yojana 2026: हायर एजुकेशन लेनी है और जेब है खाली तो न हो परेशान, इस योजना में सरकार दे रही बंपर पैसा&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/06/03/f7866c139787464e90e7a7c035635cf017804816217951294_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[भारत में अमेरिका से ज्यादा एआई कंज्यूमर स्टार्टअप्स, भविष्य में और बढ़ेंगे मौके- आनंदन]]></title><link>https://www.abplive.com/india-at-2047/abp-network-india-at-2047-conclave-india-has-more-ai-consumer-startups-than-usa-says-rajan-anandan-3139599</link><comments>https://www.abplive.com/india-at-2047/abp-network-india-at-2047-conclave-india-has-more-ai-consumer-startups-than-usa-says-rajan-anandan-3139599#respond</comments><pubDate>Wed, 3 Jun 2026 15:06:49 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ प्रमोद कुमार ]]></dc:creator><category><![CDATA[ INDIA AT 2047 ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/india-at-2047/abp-network-india-at-2047-conclave-india-has-more-ai-consumer-startups-than-usa-says-rajan-anandan-3139599</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;India at 2047 Conclave:&lt;/strong&gt; इन दिनों हर जगह एआई की चर्चा है. सेमिनारों से लेकर सरकारों तक के स्तर पर एआई को लेकर खूब मंथन और चर्चा चल रही है. अभी एआई के मामले में पश्चिमी कंपनियां आगे हैं. OpenAI, Google, Anthropic जैसी कंपनियों के चैटबॉट्स पूरी दुनिया में पॉपुलर हो चुके हैं और ये कंपनियां अभी भी भारी निवेश कर रही हैं. इस पूरी तस्वीर में आखिर भारत कहां खड़ा है और भारत में एआई को लेकर क्या तैयारियां हो रही हैं, इस पर Peak XV Partners के फाउंडर Rajan Anandan ने ABP India at 2047 Conclave में अपने विचार रखे हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;AI को लेकर किस रास्ते पर चल रहा है भारत?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;आनंदन ने कहा कि अगले 10 सालों में भारत एआई के मामले में काफी आगे होगा. अभी भारत एआई मॉडल्स पर अरबों के निवेश के मॉडल को कॉपी नहीं करेगा और भारत को यह रास्ता लेना भी नहीं चाहिए. एआई कंजप्शन के मामले में हम अग्रणी देशों में बने हुए हैं. उन्होंने कहा कि चैटजीपीटी और जेमिनी के लिए पहली या दूसरी सबसे बड़ी कंज्यूमर मार्केट भारत है. इससे भी रोचक बात यह है कि भारत में आज अमेरिका की तुलना में ज्यादा एआई कंज्यूमर स्टार्टअप्स हैं. इसका मतलब है कि भारत में कंज्यूमर इनोवेशन इकोसिस्टम बहुत वाइब्रेंट है. दुनिया की सबसे तेज ग्रोथ करने वाली एआई एजुकेशन कंपनी भी भारत में है. एआई ऐप्लिकेशन लेवल के मामले पर भारतीय कंपनियां बहुत बड़ा बिजनेस बनाने वाली हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;वॉइस एआई के मामले में भारतीय कंपनियां होंगी आगे- आनंदन&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;आनंदन ने कहा कि वॉइस एआई के मामले में भारतीय कंपनियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं. अभी भले ही इलेवनलैब्स पहले स्थान पर है, लेकिन अगले दो सालों में टॉप-5 में शामिल सभी कंपनियां भारतीय होंगी. ऐसा इसलिए है क्योंकि इन कंपनियों का कॉस्ट स्ट्रक्चर विदेशी कंपनियों की तुलना में काफी सस्ता है. एआई मॉडल के मामले में आनंदन ने कहा कि भारत को गूगल की तरह 3 ट्रिलियन पैरामीटर वाले मॉडल की जरूरत नहीं है. भारत को ऐसे मॉडल पर फोकस करना चाहिए, जो कम कीमत पर यहां के लोगों की बेसिक जरूरतें पूरा कर पाएं. भारत सरकार ने 12 फाउंडेशन मॉडल कंपनियों को फंड किया है और भारत को अपने एआई मॉडल बनाने होंगे.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;एआई से नौकरियों पर पड़ेगा असर- आनंदन&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;आनंदन ने कहा कि एआई के कारण हर देश में नौकरियों पर असर पड़ेगा. एआई के कारण औद्योगिक क्रांति से भी बड़ा असर होगा. आज जो नौकरियां हैं वो अगले कुछ सालों में खत्म हो सकती हैं, लेकिन नई नौकरियां भी पैदा होंगी. इसके लिए लोगों को नई स्किल्स सीखनी होंगी. आनंदन ने यह भी उम्मीद जताई कि एआई के कारण बीमारियों के इलाज ढूंढे जा सकेंगे और लोग 150 साल तक जी सकेंगे.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;a title=&quot;अब एपिसोड्स में दिखेंगी Reels? इंस्टाग्राम और फेसबुक के लिए Meta टेस्ट कर रही नया फीचर&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/technology/reels-series-feature-meta-testing-new-way-to-counter-tiktok-check-details-3139540&quot; target=&quot;_self&quot;&gt;अब एपिसोड्स में दिखेंगी Reels? इंस्टाग्राम और फेसबुक के लिए Meta टेस्ट कर रही नया फीचर&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/06/03/72efa5bf6f1800bcf982786c7dd4cf8f17804793745081164_original.png" width="220"/></item><item><title><![CDATA[India@2047: भारती की पॉलिसी मेकिंग में कमी, अभी भी है मुफ्त चीजें बांटने का कल्चर- सुरजीत भल्ला]]></title><link>https://www.abplive.com/business/abp-network-india-at-2047-conclave-surjit-bhalla-on-flaws-in-india-s-policymaking-know-the-details-3139511</link><comments>https://www.abplive.com/business/abp-network-india-at-2047-conclave-surjit-bhalla-on-flaws-in-india-s-policymaking-know-the-details-3139511#respond</comments><pubDate>Wed, 3 Jun 2026 13:16:22 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ एबीपी बिजनेस डेस्क ]]></dc:creator><category><![CDATA[ बिजनेस ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/business/abp-network-india-at-2047-conclave-surjit-bhalla-on-flaws-in-india-s-policymaking-know-the-details-3139511</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;ABP India at 2047 Conclave: &lt;/strong&gt;एबीपी नेटवर्क के India@2047 कॉन्क्लेव में प्रख्यात इकोनॉमिस्ट सुरजीत सिंह भल्ला ने भी अपनी बात रखी. उन्होंने 'आर्थिक संकट: सरकार को क्या करना चाहिए?' (Economic Crisis: What Should the Government Do?) विषय पर अपनी बात रखी.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष की वजह से हर देश में क्राइसिस हुआ है. इस युद्ध की वजह से कई चीजें प्रभावित हुई हैं.ये क्राइसिस भारत के लिए कोई अलग नहीं है. ये हर जगह है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हमें 8 से 8.5 फीसदी की ग्रोथ रेट की जरूरत है. भारत में कभी ऐसा पॉलिटिकल डोमिनेशन नहीं रहा है. हमें इकोनॉमी की ग्रोथ के लिए स्ट्रक्चरल बदलाव की जरूरत है.&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;&lt;strong&gt;आर्थिक सुधारों की धीमी गति चिंताजनक&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;कार्यक्रम में उन्होंने हाल के एक विश्लेषण को साझा करते हुए कहा कि भाजपा की लगातार चुनावी जीतों और राजनीतिक स्थिरता ने सरकार को एक कम्फर्ट जोन में ला दिया है. उन्होंने इस बात के लिए आगाह भी किया कि राजनीतिक प्रभुत्व की वजह से सरकार के भीतर कड़े आर्थिक सुधारों को लागू करने की इच्छाशक्ति थोड़ी कम हुई है, जिसे दूर करना 'विकसित भारत' की राह के लिए बहुत जरूरी है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/business/economist-surjit-bhalla-said-no-country-in-the-world-wants-to-invest-in-india-know-the-reason-3139542&quot;&gt;&lt;strong&gt;दुनिया का कोई देश भारत में पैसा नहीं लगाना चाहता, जाने-माने इकोनॉमिस्ट सुरजीत भल्ला ने ऐसा क्यों कहा?&lt;/strong&gt;&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;iframe title=&quot;YouTube video player&quot; src=&quot;https://www.youtube.com/embed/H1RIPQ3h0c4?si=v5n67n9C_2LebKew&quot; width=&quot;560&quot; height=&quot;315&quot; frameborder=&quot;0&quot; allowfullscreen=&quot;allowfullscreen&quot;&gt;&lt;/iframe&gt;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;केवल राजनीतिक स्थिरता ही काफी नहीं&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उन्होंने साफ तौर पर कह दिया कि देश में निजी निवेश में आ रही गिरावट और विदेशी पूंजी प्रवाह के रूप में दिख रहे चेतावनी भरे संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. उनके मुताबिक, राजनीति रूप से मजबूत होना बड़ी उपलब्धि है, लेकिन सिर्फ इसी के दम पर भारत 2047 तक विकसित भारत नहीं बन सकता. इसके लिए ग्राउंड लेवल पर लगातार रिफॉर्म्स होते रहने की जरूरत है. उन्होंने आर्थिक उतार-चढ़ाव से निपटने और सस्टेनेबल ग्रोथ के लिए सरकार को आक्रामक और समावेशी नीतियां अपनाने की सलाह दी.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;भारत के आर्थिक विजन को लेकर वह पहले भी सुझाव दे चुके हैं कि देश को कमोडिटी मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत बनाने के लिए अपने सॉवरेन फंड्स का सही इस्तेमाल करना चाहिए ताकि वैश्विक स्तर पर भारतीय निवेश मजबूत हो.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/india-at-2047/abp-network-india-at-2047-conclave-montek-singh-ahluwalia-new-economic-vision-for-building-india-2047-3139413&quot;&gt;&lt;strong&gt;विकसित भारत @ 2047: मोंटेक सिंह ने बताया मजबूत इकोनॉमी और नए PPP मॉडल का रास्ता&lt;/strong&gt;&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/06/03/d6ab96fb11b5e6c0c5cb911d97226e8717804713499201379_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[मजबूत डेटा ही बनेगी विकसित भारत की नींव: 'India @ 2047 Conclave' में डॉ. सौरभ गर्ग]]></title><link>https://www.abplive.com/business/dr-saurabh-garg-at-the-india-2047-abp-network-conclave-robust-data-will-form-the-foundation-of-a-developed-india-3139490</link><comments>https://www.abplive.com/business/dr-saurabh-garg-at-the-india-2047-abp-network-conclave-robust-data-will-form-the-foundation-of-a-developed-india-3139490#respond</comments><pubDate>Wed, 3 Jun 2026 12:37:53 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ एबीपी बिजनेस डेस्क ]]></dc:creator><category><![CDATA[ बिजनेस ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/business/dr-saurabh-garg-at-the-india-2047-abp-network-conclave-robust-data-will-form-the-foundation-of-a-developed-india-3139490</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;ABP India at 2047 Conclave: &lt;/strong&gt;ABP नेटवर्क के खास कार्यक्रम &amp;nbsp;India@2047 कॉन्क्लेव में &amp;nbsp;भारत सरकार के सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) में वर्तमान सचिव डॉ. सौरभ गर्ग भी शामिल हुए.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इस दौरान उन्होंने कहा कि सही डेटा और आधुनिक टेक्नोलॉजी के बिना भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाना संभव नहीं है. डॉ. गर्ग ने कहा कि जब भी कोई सरकारी योजना बनती है, तो उसे सही आंकड़ों की जरूरत होती है. यदि आंकड़े सही नहीं हैं, तो नीतियां भी जमीन पर असरदार नहीं होंगी.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;&lt;strong&gt;सही आंकड़े का होना क्यों जरूरी?&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;स्टैटिक्स एंड प्रोग्राम इंप्लीमेंटेशन मिनिस्ट्री के सेक्रेटरी डॉ. सौरभ गर्ग ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि कई देशों में इनकम सर्वे होता है, ये हम भी कर रहे हैं. हमें अच्छी संख्या में जवाब मिले हैं. हम सर्वे में मुख्य रूप से इनकम के सोर्स पूछते हैं. इनकम डेटा हाइली कॉन्फिडेंशियल होते हैं. पॉलिसी मेकिंग के लिए ऐसे सर्वे होना जरूरी है ताकि लोगों की इनकम को देखते हुए जरूरत के हिसाब से पॉलिसी बनाई जा सकें. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि 2047 तक भारत का Statistical System इतना मजबूत होना चाहिए कि हर फैसला पक्के सबूतों और डेटा के आधार पर लिया जाए.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/business/economist-surjit-bhalla-said-no-country-in-the-world-wants-to-invest-in-india-know-the-reason-3139542&quot;&gt;&lt;strong&gt;दुनिया का कोई देश भारत में पैसा नहीं लगाना चाहता, जाने-माने इकोनॉमिस्ट सुरजीत भल्ला ने ऐसा क्यों कहा?&lt;/strong&gt;&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;iframe title=&quot;YouTube video player&quot; src=&quot;https://www.youtube.com/embed/fhpmWtiMAqY?si=V59vd44FvOqS0EE6&quot; width=&quot;560&quot; height=&quot;315&quot; frameborder=&quot;0&quot; allowfullscreen=&quot;allowfullscreen&quot;&gt;&lt;/iframe&gt;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;Empowerment और Technology दोनों पर हो काम&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;डॉ. गर्ग कहते हैं कि उनका मंत्रालय डेटा जुटाने के पुराने तौर-तरीकों को बदलकर आधुनिक सैंपलिंग और डिजिटल टूल्स का इस्तेमाल कर रहा है ताकि कम समय के अंदर ही देश के कोने-कोने की आर्थिक स्थिति का पता लगाया जा सके. इसके अलावा, सरकार और जनता के बीच डेटा को लेकर पूरा भरोसा भी होना चाहिए. इसके लिए डेटा की क्वॉलिटी को अंतर्राष्ट्रीय मानकों के स्तर पर ले जाना चाहिए.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;छोटे से छोटे स्तर का आंकड़ा भी जरूरी&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;डॉ. गर्ग के मुताबिक, केवल देश या राज्य स्तर का बड़ा आंकड़ा लेना ही जरूरी नहीं है. 'बिल्डिंग भारत' के तहत जिला, ब्लॉक और ग्रामीण स्तर पर बारीकी से डेटा इकट्ठा किया जाएगा ताकि यह जानने में मदद मिले कि असल में विकास की जरूरत किस पिछड़े इलाके को सबसे ज्यादा है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/india-at-2047/abp-network-india-at-2047-conclave-montek-singh-ahluwalia-new-economic-vision-for-building-india-2047-3139413&quot;&gt;&lt;strong&gt;विकसित भारत @ 2047: मोंटेक सिंह ने बताया मजबूत इकोनॉमी और नए PPP मॉडल का रास्ता&lt;/strong&gt;&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/06/03/8fb8b19c38ac72d07d29169b5fec5faa17804693449001379_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[India@ 2047 Conclave: माइनिंग से लेकर ट्रक ड्राइविंग तक... देश की तकदीर कैसे बदल रहीं महिलाएं? India@2047 में दिग्गजों ने सुनाई कहानी]]></title><link>https://www.abplive.com/india-at-2047/abp-network-india-at-2047-conclave-from-mining-to-truck-driving-know-how-women-changes-india-nehal-solanki-yogita-l-karthika-sindhu-pandre-3139456</link><comments>https://www.abplive.com/india-at-2047/abp-network-india-at-2047-conclave-from-mining-to-truck-driving-know-how-women-changes-india-nehal-solanki-yogita-l-karthika-sindhu-pandre-3139456#respond</comments><pubDate>Wed, 3 Jun 2026 11:44:24 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ निधि पाल ]]></dc:creator><category><![CDATA[ INDIA AT 2047 ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/india-at-2047/abp-network-india-at-2047-conclave-from-mining-to-truck-driving-know-how-women-changes-india-nehal-solanki-yogita-l-karthika-sindhu-pandre-3139456</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;India at 2047 Conclave:&lt;/strong&gt; एबीपी नेटवर्क के खास कार्यक्रम 'India @ 2047 Conclave' के मंच पर वूमेन इन इंफ्रा के सेशन में चार गेस्ट नेहल सोलंकी, योगिता रघुवंशी, एल. कृतिका और सिंधु पांद्रे ने शिरकत की. ये महिलाएं देश के इंफ्रास्ट्रक्चर में महत्वपूर्णं भूमिकाएं निभा रही हैं. आइए आपको इन चारों के बारे में बताते हैं और यह भी जानेंगे कि इनका वर्किंग प्रोफेशन कितना कठिन है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;हर कोई हर काम कर सकता है&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;योगिता एक महिला ट्रक ड्राइवर हैं. जब उनको पूछा गया कि वो इस पुरूषों के माने जाने वाले पेशे में कैसे आईं, तो उन्होंने कहा कि इसे पुरुषों का क्षेत्र मानने वालों में मैं शामिल नहीं हूं. यह हमारा दिमाग सोचता है कि ये काम पुरुषों का है और ये महिलाओं का है, जबकि सारे काम महिलाएं और पुरुष दोनों कर सकते हैं. मैं जब इस पेशे में आई थी तो सोचा था कि इससे जो कमाई होगी उससे परिवार और बच्चों की देखभाल कर सकूं.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;मेघालय है फेवरेट डेस्टिनेशन&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;जब मैंने ट्रक ड्राइवर बनने के बारे में सोचा था तो किसी को यकीन नहीं हुआ था. क्योंकि बचपन में जब सब कहते थे कि लड़की ये काम नहीं कर सकती वो काम नहीं कर सकती, तब मैं सारे वो काम करती थी, जैसे छत पर चढ़कर पतंग उड़ाना. ट्रक ड्राइविंग से मैंने देश घूमा है और मुझे मेघालय बहुत अच्छा लगता है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;विकसित भारत 2027 को लेकर क्या कहा?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;विकसित भारत को लेकर योगिता ने कहा कि लोगों की खेती की जमीन को लेकर बार-बार उस पर सड़कें न बनाकर बाईपास ज्यादा बनने चाहिए. जहां-जहां बाईपास बनेगे वहां बस्तियां बनती जाएंगी. प्रदूषण को लेकर कहा जा रहा है कि गर्मियों में तापमान बढ़ता ही जा रहा है, क्योंकि पेड़ काटे जा रहे हैं. इसको लेकर पहले ध्यान देना चाहिए. नेचर की सेफ्टी पर ध्यान देना चाहिए. देश में एजुकेशन बहुत जरूरी है, न कि किसी को भी धक्का मारकर आगे बढ़ना चाहिए. सभी लोग सभी फील्ड में आगे बढ़ने चाहिए, जिससे 2047 में विकास और बेहतरीन हो सकेगा.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;नेहल सोलंकी- वूमेन माइनिंग रेस्क्यू टीम&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&amp;nbsp;नेहल ने कहा कि मेरी फैमिली माइनिंग बैकग्राउंड से आती है. हिंदुस्तान जिंक में मैं पहली फीमेल माइनिंग इंजीनियर थी. लोग ऐसा एक्सपेक्ट नहीं करते कि महिला माइनिंग इंजीनियर होगी. मैंने जब कॉलेज में एडमिशन लिया था, तब मैं अपने क्लास में सिंगल फीमेल स्टूडेंट थी. मैं अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ा रही हूं. एक दिन जब मेरे पिता तो ऐसे ही एक मंच पर बुलाया गया तो उनको बहुत गर्व हुआ और वो इमोशनल हुए. उन्होंने कहा कि ये एक दिन माइनिंग इंडस्ट्री की सीईओ बनेगी.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;इस प्रोफेशन में आने से पहले कितनी दिक्कतें आईं?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;जब मैंने माइनिंग की फील्ड में आगे बढ़ने का फैसला लिया तो सबसे पहले लोगों ने मना किया कि ये लड़कियों के लिए नहीं है, लेकिन मैंने यह निर्णय ले लिया था. मेरी मां भी इस फैसले को लेकर खुश नहीं थीं. जब मैंने कॉलेज में एडमिशन लिया था तो माइनिंग इंजीनियरिंग में मैं अकेली लड़की थी. तब मैंने खुद भी रोना शुरू किया कि ये मेरी फील्ड नहीं है, मैं इसे नहीं कर सकती. तब मेरे पिता ने मेरा फुल सपोर्ट किया.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;माइनिंग इंडस्ट्री में कौन सा रेस्क्यू मुश्किल था?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;कुछ वक्त पहले माइन में एक इक्यूपमेंट में फायर हुआ था, वहां पर काफी लोग थे. इस कंडीशन में माइन में बहुत सारी जहरीली गैस इकट्ठी हो गई थी, तब मैं वहां पर थी. मैं वहां गई और मैंने खुद माइन से पांच लोगों को बाहर निकालकर उनकी जान बचाई.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;कार्तिका- आरटीजी ऑपरेटर&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मैं क्रेन ऑपरेटर हूं. मैं पोर्ट पर क्रेन ऑपरेट करती हूं. मैंने अपना करियर कोच्चि से शुरू किया, तब मैं अदाणी पोर्ट पर आई, उस वक्त मेरे साथ वहां पर कोई महिला क्रेन ऑपरेटर नहीं थी, पर मुझे लोगों का बहुत साथ मिला. जब मैंने अदाणी पोर्ट ज्वाइन किया तब मेरे साथ सिर्फ मेल एंप्लाय थे. क्रेन तक पहुंचने के लिए मुझे 30 मीटर की ऊंचाई पर चढ़ना पड़ता है, तब क्रेन चलाती हूं. डे और नाइट शिफ्ट दोनों में काम करती हूं.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;सिंधु पांद्रे- वेदांता एल्युमिनियम&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सिंधु पांद्रे को वेदांता एलुमिनियम में 19 वर्षों का अनुभव है. भारत की पहली ऑल-वुमेन पॉटलाइन का नेतृत्व कर रही हैं. एलुमिनियम को &amp;ldquo;मेटल ऑफ फ्यूचर&amp;rdquo; बताया. सिंधु का कहना है कि एलुमिनियम भविष्य की धातु है और इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण में इसकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है. हमारी पूरी पॉटलाइन महिलाओं द्वारा ऑपरेट और मेंटेन की जाती है. भारी मशीनरी, हाई टेम्परेचर और हाई इलेक्ट्रिक करंट के बीच महिलाएं पूरी दक्षता से काम कर रही हैं. कभी मैन्युफैक्चरिंग को पुरुषों की दुनिया माना जाता था, लेकिन अब महिलाएं रिजल्ट देकर नेतृत्व कर रही हैं.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;यह भी पढ़ें: &lt;a title=&quot;India at 2047 Conclave Live: 'महिला और पुरुष कोई भी काम कर सकते हैं', ABP न्यूज के कॉन्क्लेव में बोलीं देश की पहली महिला ट्रक ड्राइवर&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/news/india/abp-network-india-at-2047-conclave-live-updates-ram-mohan-naidu-cr-pati-nayab-singh-saini-mohan-yadav-manoj-bajpayee-india-development-3139373&quot; target=&quot;_self&quot;&gt;India at 2047 Conclave Live: 'महिला और पुरुष कोई भी काम कर सकते हैं', ABP न्यूज के कॉन्क्लेव में बोलीं देश की पहली महिला ट्रक ड्राइवर&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/06/03/ebd6040d62cfc7c5ca865e26239246f117804672092871014_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[India at 2047: किरदारों को नहीं स्क्रिप्ट को चुनते हैं मनोज बाजपेयी, बोले - 'जितना मैं अपने आपको सताता हूं, उतना मजा आता है']]></title><link>https://www.abplive.com/india-at-2047/abp-network-india-at-2047-conclave-manoj-bajpayee-talks-on-his-characters-films-roles-3139454</link><comments>https://www.abplive.com/india-at-2047/abp-network-india-at-2047-conclave-manoj-bajpayee-talks-on-his-characters-films-roles-3139454#respond</comments><pubDate>Wed, 3 Jun 2026 11:40:52 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ एबीपी एंटरटेनमेंट डेस्क ]]></dc:creator><category><![CDATA[ INDIA AT 2047 ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/india-at-2047/abp-network-india-at-2047-conclave-manoj-bajpayee-talks-on-his-characters-films-roles-3139454</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;ABP नेटवर्क के India@2047 कॉन्क्लेव में एक्टर मनोज बाजपेयी ने भी शिरकत की.&amp;nbsp; मनोज बाजपेयी ने 'टेल्स अनटोल्ड:प्लेइंग रियल लाइफ हीरो&amp;rsquo; सेशन में रियल लाइफ कैरेक्टर्स को निभाने से लेकर चुनौतियों और जिम्मेदारी पर चर्चा की. . इस दौरान उन्होंने अपने किरदारों से लेकर अपनी अपकमिंग फिल्म गर्वनर के बारे में भी बात की.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;कैसे फिल्मों का चुनाव करते हैं मनोज?&amp;nbsp;&lt;br /&gt;&lt;/strong&gt;वरिष्ठ पत्रकार और एंकर दिबांग ने मनोज बाजपेयी से पूछा था कि वे अपनी फिल्मों का चुनाव कैसे करते हैं. इस पर एक्टर ने कहा, &quot;मैं किसी किरदार को नहीं चुनता, मैं सक्रिप्ट चुनता हूं. मैं उस स्क्रिप्ट में मौजूद किरदार को चुनता हूं. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि किरदार किसी रियल इंसान पर बेस्ड है या किसी मरे हुए पर, या किसी काल्पनिक पात्र पर जिसे मैंने पहले कभी नहीं निभाया है.&quot;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;एक ही तरह की अप्रोच हर किरदार के लिए बोरिंग हो जाती है&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;उन्होंने कहा, मुझे जितना मैं अपने आपको सताता हूं, उतना ही मुझे मजा आता है. मुझे हमेशा लगता है कि आप एक्टर क्यों बने हैं. या आप एक्टर सिर्फ ग्लैमर के लिए बने हैं या आप एक्टर इसलिए बने हैं, आपको नाम, पैसा और शोहरत मिलेगी. मेरे लिए गांव से लेकर दिल्ली पहुंचने तक की जर्नी बहुत लंबी है करीब 18 साल. मैं जिस समय आया, उस समय ज्यादा सुविधाएं नहीं थीं.&amp;nbsp; इसलिए जब मैं आया को अलग-अलग किरदार में ढलता चला गया.&amp;nbsp; एक्टर अगर एक ही तरह की ग्रामर को लेकर चल रहा है और वो हर किरदार के लिए उसे ही इस्तेमाल कर रहा है तो मेरे लिए वो बोरिंग हो जाता है. तो मैं उसको बहुत जल्दी पढ़ लेता हूं. मेरे लिए ये बड़ी प्रीडिक्टेबल चीजें हो जाती हैं कि कैसे अप्रोच करेगा, कैसे परफॉर्म करेगा.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;फिल्म खत्म होने तक किरदार को जीते हैं मनोज&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;मनोज ने आगे कहा, &amp;ldquo;दो तरह के एक्टर होते हैं एक जो किरदार को अपने पास बुलाता है और दूसरा जो किरदार के पास जाता है. मैं किरदार के पास जाने में यकीन रखता हूं.&amp;rdquo; उन्होंने कहा, &amp;ldquo;किरदार में उतरना कई बार अंधेरे कुएं में उतरने जैसा होता है, लेकिन मैं उसी यात्रा को सबसे ज्यादा एंजॉय करता हूं. &amp;ldquo;जब तक फिल्म खत्म नहीं होती, मैं उसी किरदार में जीता रहता हूं.&amp;rdquo;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;अपकमिंग फिल्म गर्वनर के लिए मनोज ने क्या की तैयारी?&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;मनोज ने इस दौरान अपनी अपकमिंग फिल्म गर्वनर पर भी बात की. एक्टर ने कहा, &quot;&amp;nbsp;&amp;ldquo;1991 के आर्थिक संकट और RBI गवर्नर की जिम्मेदारी को समझना मेरे लिए बिल्कुल नई दुनिया थी. इस किरदार के जरिए मुझे सिर्फ एक्टिंग नहीं, बल्कि बहुत कुछ सीखने और समझने का मौका मिला. आरबीआई के काम करने के तरीके को समझना और आर्थिक शब्दों को सहज तरीके से बोलना सबसे मुश्किल हिस्सा रहा. इसके लिए इतनी तैयारी करनी पड़ी कि जब मैं बोलूं तो ऐसा न लगे कि कोई एक्टर बोल रहा है, बल्कि ऐसा लगे कि सच में कोई इकोनॉमिस्ट बोल रहा है.&amp;rdquo;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;मनोज ने आगे कहा, &amp;ldquo;कम बोलने वाले इंसान को स्क्रीन पर दिखाना सबसे बड़ा चैलेंज होता है.. अगर आप लहजे को जरूरत से ज्यादा पकड़ने की कोशिश करेंगे तो आप उस भाषा बोलने वालों को ऑफेंड भी कर सकते हैं.&amp;rdquo; मनोज ने फिल्म का फेमस&amp;nbsp; डायलॉग भी बोलकर दिखाया, &amp;ldquo;कुर्सी में दीमक लगेगा तो कुर्सी नया आ जाएगा, देश दूसरा कहां से लाएगा सर.&amp;rdquo; &amp;ldquo;बेचना और बचाना में सिर्फ एक मात्रा का फर्क है.&amp;rdquo;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;iframe title=&quot;LIVE | ABP Network India@2047 Conclave: Tales Untold- Playing Real Heroes | Manoj Bajpayee&quot; src=&quot;https://www.youtube.com/embed/X9lWT0P-kWg&quot; width=&quot;400&quot; height=&quot;225&quot; frameborder=&quot;0&quot; allowfullscreen=&quot;allowfullscreen&quot;&gt;&lt;/iframe&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मनोज ने ओटीटी को बताया गेमचेंज&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;मनोज बाजपेयी ने ओटीटी को अपने लिए गेम चेंजर बताया. उन्होंने कहा, &amp;ldquo;लॉकडाउन में लोगों ने मेरा पुराना काम खोज-खोजकर देखा. ओटीटी पर लोग अकेले बैठकर फिल्मों को ज्यादा गहराई से महसूस करते हैं.मैंने कभी कमर्शियल एलिमेंट नहीं ढूंढा, हमेशा कहानी और किरदार को फॉलो किया. ओटीटी &amp;nbsp;ने मुझे वो दर्शक दिए जो थिएटर में शायद मेरी फिल्मों तक नहीं पहुंचते थे.&amp;rdquo;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/06/03/94b385d087e8c93bd2dcd352bbcec93e1780469183775209_original.jpg" width="220"/></item></channel></rss>