डायबिटीज कम करने के लिए करें इस आटे का इस्तेमाल!
नोट: आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें.
गेहूं के आटे में दूसरा आटा मिलाकर उसकी रोटियों का सेवन करने से आसानी से डायबिटीज से लड़ा जा सकता है.
ये ध्यान रखें कि चने और सोया का आटा गैस बनाता है.
अगर आप खमीरी रोटी बनाना चाहते हैं तो गेहूं, चने और मेथी के मिश्रण को दूध या दही के साथ गूंथ सकते हैं.
गेहूं, चने और मेथी के मिश्रण को अच्छी तरह गूंथे जिससे उसमें गांठे ना पड़ें.
जिन लोगों को गैस की समस्या रहती है उन्हें गेहूं के आटे में बेसन मिलाकर इस्तेमाल करना चाहिए.
गेहूं और चने के आटे में मेथी के बीज या मेथी पत्ते मिलाना भी डायबिटीज मरीजों के लिए फायदेमंद है.
चने के आटे के बजाय सोया का आटा भी मिलाया जा सकता है.
गेहूं के आटे में चने का आटा मिलाकर खाना फायदेमंद होता है.
डायबिटीक मरीजों को हमेशा दूसरे आटे का मिश्रण मिलाकर उसकी रोटियां खानी चाहिए.
गेहूं के आटे में शुगर लेवल बहुत ज्यादा होता है. ऐसे में गेहूं का आटा डायबिटीज के मरीजों के लिए अच्छा नहीं माना जाता.
नई दिल्लीःअक्सर लोग डायबिटीज के दौरान किस आटे का इस्तेमाल करें इसको लेकर बहुत कन्फ्यूजन रहता है. लोगों को समझ में नहीं आता कि किस आटे की रोटी खाना होगा अधिक फायदेमंद. अगर आपके साथ भी ऐसा है तो अब चिंता की बात नहीं. आज हम आपको बता रहे हैं कि किस आटे की रोटियां खाना आपके लिए हो सकता है फायदेमंद.