सावधान! विंटर्स में ये हेल्थ प्रॉब्लम्स कर सकती हैं परेशान
ज्वॉइंट पेन – बहुत से लोगों को आपने कहते सुना होगा कि सर्दियों में ज्वॉइंट पेन बढ़ जाता है. हालांकि ये अभी तक क्लीयर नहीं है कि ऐसा क्यों है लेकिन ऐसा माना जाता है कि वैदर की वजह से बॉडी में स्टिफनेस बढ़ जाती है. ऐसे में आप हल्की––फुल्की एक्सरसाइज करते रहें जिससे दर्द ना बढ़े.
सिरदर्द होना- कई बार सर्दियों में सिरदर्द की शिकायत भी होने लगती है. इसका कारण सिर में ठंड लगना भी हो सकता है या फिर कोल्ड भी. आप खुद को स्कॉर्फ या टोपी से कवर करके रखें. अगर आप टू-व्हीलर पर ड्राइव कर रहे हैं तो अच्छा हेल्मेट पहनें एंड मुंह को कवर करें. इससे आप सिरदर्द से बच पाएंगे.
ड्राई और इचिंग स्किन- विंटर्स में एक और कॉमन प्रॉब्लम होती है और वो है इचिंग होना. कोल्ड टेम्प्रेचर और लो ह्यूमिडिटी में स्किन में खुजली होनी शुरू हो जाती है. इतना ही नहीं, सर्दियों में स्किन भी बहुत ड्राई हो जाती है. इचिंग से बचने के लिए ऑयली स्ट्रीट फूड खाने से बचें. स्किन पर कोकोनट, ऑल्मंड या ऑलिव ऑयल लगाएं. साथ ही टी में शुगर के बजाय गुड मिलाएं. इससे स्किन की ड्राईनेस भी दूर होगी.
हार्ट अटैक- हाई ब्लड प्रेशर की तरह ही विंटर्स में हार्ट अटैक होने की आशंका भी बढ़ जाती है. दरअसल, हार्ट अटैक का मेन कारण हाई ब्लड प्रेशर है और हार्ट पर अधिक स्ट्रेन पड़ना है. इतना ही नहीं, सर्दियों में बॉडी की हीट मेंटेन करने के लिए भी हार्ट को अधिक मेहनत करनी पड़ती है. सर्दियों में हार्ट अटैक से बचने के लिए गर्म जगहों पर रहें. कमरे का तापमान कम से कम 18C रखें. हीटर का इस्तेमाल करें. बेड को वॉर्म करने के लिए इलेक्ट्रिक ब्लैंककेट का इस्तेमाल करें.
अस्थमा- कोल्ड की वजह से विंटर्स में अस्थमा होने का रिस्क भी बढ़ जाता है. अस्थमा के दौरान सांस फूलने लगता है, सांस लेने में दिक्कत होने लगती है. अस्थमा के मरीजों को सर्दियों में अपना खास ध्यान रखना चाहिए. बहुत ज्यादा ठंड होने पर बाहर ना घूमें. अगर आप बाहर जा रहे हैं तो नाक, कान और सिर ढककर रखें. अपनी मेडिसिन टाइम पर लेते रहें.
गले में सूजन- वायरल इंफेक्शन का सबसे बड़ा कारण गले में सूजन भी है. सर्दियों में वायरल इंफेक्शन होना आम बात है. ऐसा इसलिए क्योंकि विंटर्स में टेम्प्रेचर बार-बार बदलता है. कभी वॉर्म तो कभी हीटिड. ये वैदर गले को बहुत इफेक्ट करता है. विंटर्स में गले की सूजन से बचने का सबसे बढिया उपाय है कि आप सुबह-सवेरे गर्म पानी से गार्गल करें. पानी में हल्का सा नमक भी डाल लें. ये इंफेक्शन से आपको बचाएगा.
कोल्ड- विंटर्स में सर्दी-जुकाम होना आम बात है. इससे बचने के लिए आप अपने हाथ धोते रहें. इससे बैक्टीरिया फेस तक नहीं जाएंगे. खुद को सर्दी में कवर करके रखें. अगर आपको कोल्ड है तो डिस्पोजेबल टिश्यूज का इस्तेमाल करें. इससे कोल्ड फैलने से बचेगा.
डिप्रेशन- क्या आप जानते हैं सर्दियों में भी कई लोग सेंसेशनल डिप्रेशन का शिकार हो जाते हैं. यहां तक की 'विंटर ब्लूज' को सीजनल अफेक्टिव डिस्ऑार्डर (SAD) के नाम से जाना जाता है. सर्दियों में ये मूड चेंज दिन में कभी भी हो सकता है. यदि आप चाहते हैं कि आप सर्दियों में डिप्रेशन से बचे रहे तो आप दिनभर खुद को घर में बंद करने के बजाय नैचुरल सनलाइट लें. नींद पूरी करें.
वजन बढ़ना- सर्दियों में रोजाना एक्सरसाइज करना काफी मशक्कत भरा हो सकता है. इसके साथ ही सर्दियों में छुट्टियों के दौरान खूब खाया भी जाता है. ऐसा माना जाता है कि सर्दियों में भूख भी बहुत लगती है क्योंकि बॉडी हैवी फूड जल्दी ऑब्जर्व कर लेती है. अगर आप चाहते हैं कि सर्दियों में भी आप फिट रहे तो आपको कम से कम 30 मिनट का वर्कआउट जरूर करना चाहिए. साथ ही कूकीज और मीठे को नजरअंदाज करने की कोशिश करें.
हाई ब्लड प्रेशर- आपको जानकर हैरानी होगी लेकिन सर्दियों में ब्लडप्रेशर हाई हो जाता है और समर्स में कम रहता है. ऐसा इसलिए क्योंकि कम टेंपरेचर में ब्लड वैसल्स नैरो हो जाती हैं जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है. दरअसल, ब्लड को नैरो वेंस और आट्रीज तक पहुंचने में काफी प्रेशर लगता है. अगर आप चाहते हैं कि सर्दियों में भी ब्लड प्रेशर नॉर्मल रहे तो आप डॉक्टर की सलाह पर अपनी दवाएं लेते रहें.
सर्दियां किसे अच्छी नहीं लगती. लेकिन सर्दियां साथ में लाती है बहुत सारी हेल्थ प्रॉब्लम्स. आज हम आपको बता रहे हैं कुछ ऐसी ही हेल्थ प्रॉब्लम्स के बारे में जिसे जान आप ना सिर्फ इनसे समय रहते बच सकते हैं बल्कि आप सर्दियों को भी खूब एन्जॉय कर सकते हैं.