भारत में मधुमेह जहां तेजी से बढ़ता जा रहा है, वहीं 3217 चिकित्सकों पर एक सर्वेक्षण किया गया, जिसमें 70 प्रतिशत चिकित्सकों ने माना कि आलसी जीवनशैली मधुमेह बढ़ने का प्रमुख कारण बन रहा है, जो वैज्ञानिक तौर पर भी माना जा चुका है. ईमैडिनेक्सस ने 3217 चिकित्सकों पर एक सर्वेक्षण किया, जिसमें डायबिटीज के न सिर्फ कारणों बल्कि इसके फैलने पर कैसे नियंत्रण रखा जा सके इस हल के बारे में भी पता किया गया. सर्वेक्षण के नतीजों में 70 प्रतिशत चिकित्सकों ने कहा कि आलसी जीवनशैली मधुमेह बढ़ने का प्रमुख कारण बन रहा है, जो वैज्ञानिक तौर पर भी माना जा चुका है. वहीं 50 प्रतिशत चिकित्सकों ने कहा कि रोकथाम की नीतियां इसके मामलों को कम कर सकते हैं, ग्रामीण इलाकों में लोग शहरवासियों के मुकाबले इस ओर ज्यादा ध्यान देते हैं. सर्वेक्षण में भाग लेने वाले आधा से ज्यादा डॉक्टरों ने कहा कि सरकार के लिए मधुमेह की पूर्व पहचान करना जरूरी है. 27 प्रतिशत चिकित्सकों ने कहा कि मधुमेह नियंत्रण मुहिम में स्कूली बच्चों को शामिल करना चाहिए. 30 प्रतिशत ने कहा कि लोगों को खानपान और जीवनशैली के बारे में जागरूक करने के लिए प्रयास किया जाना चाहिए, जबकि 44 प्रतिशत कहते हैं कि इसे रोकने के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी की आवश्यकता है. ईमैडीनेक्सस के सह-संस्थापक नीलेश अग्रवाल और अमित शर्मा कहते हैं कि इस सर्वे का मकसद इस समस्या से निपटने के बारे में चिकित्सकों की राय जानना था. मधुमेह से पीड़ित लोगों की संख्या की तुलना में इस रोग के चिकित्सकों की संख्या बेहद कम है.