मोटापा कम करने के लिए की जाती है बैरिएट्रिक सर्जरी!
बैरिएट्रिक सर्जरी एक पेचिदा सर्जरी है इसके बाद मरीज को अपनी जीवनशैली का बहुत ख्याल रखना पड़ता है.
सर्जरी के बाद मरीज को सिर्फ तीन से चार दिन तक हॉस्पिटल में रहना होता है.
इस सर्जरी के जरिए पेट इसीलिए छोटा किया जाता है ताकि मरीज का पेट जल्दी भर जाए. वो कम खाए और उसका वजन ना बढ़े.
बैरिएट्रिक सर्जरी में या तो एक बैंड के जरिए मरीज के पेट को छोटा कर दिया जाता है या फिर उनके पेट के हिस्से को हटाकर छोटा कर दिया जाता है.
बैरिएट्रिक सर्जरी किन लोगों की होनी चाहिए या किसकी नहीं, इसका फैसला सर्जन ही करते हैं.
बैरिएट्रिक सर्जरी में मरीजों की डायबिटीज और हाइपरटेंशन का ट्रीटमेंट भी किया जाता है.
मोटापे के मरीजों में डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और कॉलेस्ट्रॉल संबंधी समस्या भी बढ़ जाती है.
बैरिएट्रिक सर्जरी आमतौर पर तब की जाती है जब वजन कम करने के सभी विकल्प जैसे डायटिंग और कसरत असफल हो जाते हैं.
आमतौर पर बैरिएट्रिक सर्जरी उन लोगों की की जाती है जिनका वजन उनकी जान के लिए खतरा बन जाता है. आइए जानें कैसे होती है ये सर्जरी.
नई दिल्लीः कुछ समय पहले दुनिया की सबसे वजनी महिला इमाम का इलाज मुंबई के सैफी अस्पिताल में किया गया था. इनके ट्रीटमेंट के लिए बैरिएट्रिक सर्जरी का सहारा लिया गया था.
नोट: आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें.