Most Expensive War: दूसरे विश्व युद्ध को मानव इतिहास का सबसे महंगा युद्ध माना जाता है. इतिहासकार और आर्थिक विशेषज्ञ यह अनुमान लगाते हैं कि आज की महंगाई के हिसाब से देखें तो इस युद्ध की कुल लागत लगभग 10 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच जाती है. यह मोटे तौर पर ₹830 लाख करोड़ के बराबर है. वहीं दूसरी ओर अमेरिका और ईरान के बीच हालिया सैन्य तनाव ने भी दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खींचा है.
दूसरे विश्व युद्ध में 10 ट्रिलियन डॉलर खर्च
दूसरा विश्व युद्ध 1939 से 1945 तक चला और इसमें दुनिया की कई प्रमुख शक्तियां शामिल थीं. विशेषज्ञों का यह मानना है कि सैन्य खर्च, बुनियादी ढांचे की तबाही और आर्थिक नुकसान के मामले में यह युद्ध आज भी बेजोड़ है.
ऐतिहासिक अनुमानों के मुताबिक आज के समय में इस युद्ध की कुल लागत लगभग 10 ट्रिलियन डॉलर होगी. 6 साल तक चले इस युद्ध के दौरान पूरे के पूरे शहर, उद्योग, रेलवे, बंदरगाह और अर्थव्यवस्थाएं तबाह हो गईं.
अकेले अमेरिका ने भारी रकम खर्च की
बताया जाता है कि युद्ध के दौरान अकेले अमेरिका ने लगभग $341 बिलियन खर्च किए थे. जब महंगाई के हिसाब से इसे समायोजित किया जाता है तो आज इस रकम की कीमत लगभग 5.74 ट्रिलियन डॉलर होने का अनुमान है. इस संघर्ष के दौरान अमेरिका ने हथियार, विमान, नौसेना के बेड़े, टैंक, सैन्य ठिकानों और वैश्विक अभियानों में भारी निवेश किया.
यह भी पढ़ेंः दुनिया की सबसे लंबी लड़ाई कितने साल चली थी, क्या था उस युद्ध का परिणाम?
6 करोड़ से ज्यादा लोगों की जान गई
आर्थिक तबाही के अलावा दूसरे विश्व युद्ध ने एक भारी मानवीय त्रासदी भी पैदा की. इतिहासकारों का यह अनुमान है कि युद्ध के दौरान 6 करोड़ से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गंवाई थी. इनमें यूरोप, एशिया और दूसरे क्षेत्र के सैनिक और आम नागरिक शामिल थे.
आधुनिक युद्ध भी महंगे होते जा रहे
आधुनिक युद्ध भी तकनीकी रूप से एडवांस्ड और आर्थिक रूप से खर्चीले हो गए हैं. मिसाइल रक्षा प्रणाली, ड्रोन, साइबर युद्ध, सैटेलाइट और स्टेल्थ लड़ाकू विमान पर अब अरबों डॉलर खर्च होते हैं. 2026 में अमेरिका के बीच चल रहे तनाव से जुड़ी रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि सैन्य अभियान और रक्षात्मक कार्रवाईयों में काफी ज्यादा खर्च रहा है.
यह भी पढ़ेंः अंतरिक्ष में सैटेलाइट्स को कहां से मिलती है बिजली, जानें कैसे किया जाता है इनका मेंटेनेंस?
