Rahul Gandhi Injury: राहुल गांधी ने हाथ में क्यों बांध रखी है पट्टी, आखिर उन्हें हुआ क्या है?
Rahul Gandhi Injury: संसद में महिला आरक्षण बिल पर चल रही बहस के दौरान राहुल गांधी हाथ पर पट्टी बांधकर आए. आइए जानते हैं क्या है इसके पीछे की वजह.

- राहुल गांधी के हाथ पर पट्टी, मामूली चोट का दिया हवाला।
- महिला आरक्षण बिल पर तीखा हमला, सरकार की आलोचना की।
- एससी/एसटी, ओबीसी प्रतिनिधित्व पर चिंता, चुनावी चाल बताया।
- बिल को सत्ता कब्जा, राष्ट्र विरोधी, दलित-आदिवासी विरोधी बताया।
Rahul Gandhi Injury: संसद के विशेष सत्र के दौरान महिला आरक्षण बिल पर चल रही बहस के बीच सबकी नजरें राहुल गांधी पर थीं. दरअसल राहुल गांधी के हाथ पर एक पट्टी नजर आ रही थी. जब विपक्ष के नेता लोकसभा में बोलने के लिए खड़े हुए तो उन्होंने सबका ध्यान खींचा. खुद ओम बिरला ने भी उनकी इस पट्टी पर गौर किया और राहुल गांधी से इसके बारे में पूछा.
संसद में चोट के बारे में बताया
स्पीकर के सवाल का जवाब देते हुए राहुल गांधी ने साफ किया कि उनके अंगूठे में चोट लगी है. उन्होंने यह तो नहीं बताया कि चोट कैसे लगी है लेकिन सदन को भरोसा दिलाया कि है एक मामूली चोट है. इसके बाद उन्होंने अपना भाषण जारी रखा.
शुरू हुई बड़ी राजनीतिक बहस
हाथ पर पट्टी बंदी होने के बावजूद राहुल गांधी ने बहस में पूरी सक्रियता से हिस्सा लिया. उनका भाषण जल्द ही महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन को लेकर सरकार की कड़ी आलोचना में बदल गया.
महिला आरक्षण बिल पर तीखा हमला
राहुल गांधी ने यह तर्क दिया कि मौजूदा प्रस्ताव असल में महिला सशक्तिकरण के बारे में नहीं है. उनके मुताबिक असली महिला आरक्षण बिल तो 2023 में ही पास हो चुका था और यह मौजूदा कदम चुनावी ढांचे को बदलने के मकसद से उठाया गया है.
प्रतिनिधित्व को लेकर चिंताएं
अपने भाषण के दौरान उन्होंने यह चिंता जताई है कि प्रस्तावित बदलाव का एससी/एसटी और ओबीसी समुदायों के प्रतिनिधित्व पर बुरा असर पड़ सकता है. उन्होंने यह भी दावा किया कि परिसीमन से जुड़ा यह तरीका दक्षिणी पूर्वोत्तर और छोटे राज्यों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है.
राहुल गांधी का कहना है कि सरकार डरी हुई है. राहुल गांधी के मुताबिक जो काम सरकार ने असम और जम्मू कश्मीर में किया वही अब पूरे देश में करना चाहती है. राहुल गांधी ने साफ तौर से कहा है कि इस विधेयक का महिला सशक्तिकरण से कोई लेन देन नहीं है. बल्कि यह सत्ता पर कब्जा बनाए रखने की कोशिश है.
राहुल गांधी ने कहा कि आप सत्ता हथियाना की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह बिल राष्ट्र विरोधी है और हम सरकार को यह करने नहीं देंगे. उन्होंने कहा कि इस काम से दलितों और आदिवासियों की भागीदारी कम हो रही है.
यह भी पढ़ें: नारी शक्ति वंदन अधिनियम से कितना अलग कांग्रेस का महिला आरक्षण बिल? राहुल गांधी ने किया जिक्र
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL


























