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सर्दी में ज्यादा बिजली खर्च होती है या गर्मी में? हकीकत जानकर उड़ जाएंगे होश

कविता गाडरी   |  03 Jan 2026 09:33 PM (IST)

बिजली वितरण कंपनियों के अनुसार जिस तरह से ठंड बढ़ रही है, उससे इस सर्दी में दिल्ली की पीक पावर डिमांड 6000 मेगावाट तक पहुंच सकती है. पिछले साल सर्दियों में अधिकतम मांग 5655 मेगावॉट रही थी.

सर्दी में ज्यादा बिजली खर्च होती है या गर्मी में? हकीकत जानकर उड़ जाएंगे होश

सर्दी में बिजली खपत

तापमान गिरने के साथ ही दिल्ली में बिजली की मांग भी तेजी से बढ़ने लगी है. आमतौर पर यह माना जाता है कि बिजली की सबसे ज्यादा खपत गर्मी में होती है, लेकिन इस बार सर्दी में भी बिजली की डिमांड ने पुराने रिकॉर्ड के करीब पहुंचकर सबको चौंका दिया है. दरअसल 1 जनवरी 2026 को दिल्ली में  अधिकतम बिजली मांग 5603 मेगावाॅट दर्ज की गई, जो इस सर्दी का अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है. वहीं 2 जनवरी को डिमांड 5595 वॉट रही यह अनुमानित पीक पावर डिमांड से महज 405 वोट मेगावाॅट कम है.

इन सर्दियों में 6000 मेगावॉट तक जा सकती हैं पावर डिमांड

बिजली वितरण कंपनियों के अनुसार जिस तरह से ठंड बढ़ रही है, उससे इस सर्दी में दिल्ली की पीक पावर डिमांड 6000 मेगावाट तक पहुंच सकती है. पिछले साल सर्दियों में अधिकतम मांग 5655 मेगावॉट रही थी. अधिकारियों का कहना है कि कुछ ही दिनों के अंतराल में यह तीसरी बार है, जब सर्दी के मौसम में बिजली की मांग 5000 मेगावाॅट से ज्यादा दर्ज की गई है. बीते कुछ वर्षों में सर्दियों की बिजली मांग अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो सर्दियों में बिजली की खपत लगातार बढ़ती जा रही है. 2023-2024 में अधिकतम मांग 5816 मेगावाॅट रही, जबकि 2022-2023 में 5526 मेगावाॅट रही और 2021-2022 में 5104 मेगावाॅट रही थी. इससे साफ है कि सर्दी भी अब बिजली खपत के लिहाज से भी जरूरी मौसम बनती जा रही है. ठंड में क्यों बढ़ रही बिजली की मांग? डिस्कॉम अधिकारियों के अनुसार दिल्ली में हर साल बिजली की मांग में 6 से 8 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह मौसम है. सर्दी बढ़ने पर हीटर, ब्लोअर और अन्य इलेक्ट्रिक उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ जाता है, जिससे खपत में इजाफा होता है. वहीं बढ़ती मांग को देखते हुए बिजली वितरण कंपनियों ने पहले से तैयारी की है. मांग पूरी करने के लिए 840 मेगावाॅट सोलर, 232 मेगावॉट रूफटॉप सोलर, 500 मेगावाॅट विंड, 77 मेगावाॅट हाइब्रिड और 647 मेगावाॅट हाइड्रो पावर की व्यवस्था की गई. एआई और मशीन लर्निंग से लगाया जा रहा अनुमान बिजली कंपनियां अब मौसम आधारित अनुमान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग की मदद ले रही है. इससे यह पता लगाया जाता है कि तापमान, नमी, हवा की गति और मौसम में बदलाव का बिजली की मांग पर कितना असर पड़ेगा. साथ ही बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के जरिए एक्स्ट्रा बिजली को स्टोर कर पीक समय में इस्तेमाल की योजना बनाई गई है.

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Published at: 03 Jan 2026 09:33 PM (IST)
Tags:Delhi Power Demandwinter electricity consumptionsummer vs winter power use
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