बर्फ से ढकी पहाड़ियां, चमकती रोशनी और दुनिया भर के खिलाड़ी- विंटर ओलंपिक 2026 ने खेल प्रेमियों को एक बार फिर रोमांच से भर दिया है. 6 फरवरी से शुरू हुआ यह महाकुंभ 22 फरवरी तक चलने वाला. इटली के मिलानो और कॉर्टिना में हो रहे इस आयोजन में 92 देशों के हजारों एथलीटों ने हिस्सा लिया है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि मेडल जीतने के बाद खिलाड़ियों को सिर्फ पदक ही मिलता है या कुछ और भी? यही सवाल इस बार सबसे ज्यादा चर्चा में है।

मिलानो-कॉर्टिना में जमी बर्फीली जंग

विंटर ओलंपिक 2026 की मेजबानी इटली के मिलानो और कॉर्टिना शहर कर रहे हैं. इस बार कुल 92 देशों के 2,871 एथलीट मैदान में उतरे हैं. इनमें 1,533 पुरुष और 1,338 महिला खिलाड़ी शामिल हैं. 8 प्रमुख खेलों के तहत कुल 116 इवेंट आयोजित किए जा रहे हैं. इन खेलों में अल्पाइन स्कीइंग, आइस हॉकी, कर्लिंग, फिगर स्केटिंग, स्पीड स्केटिंग, स्नोबोर्डिंग, बायथलॉन, बॉबस्लेय, लूज और स्की जंपिंग शामिल हैं.

मेडल के साथ क्या मिलती है रकम?

अक्सर लोग सोचते हैं कि ओलंपिक में मेडल जीतते ही खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति की ओर से बड़ी धनराशि मिलती है, लेकिन सच यह है कि इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी खिलाड़ियों को मेडल के बदले सीधे कोई इनाम राशि नहीं देती है. असली पुरस्कार खिलाड़ियों को उनके अपने देश की सरकार या राष्ट्रीय ओलंपिक समिति से मिलता है. हर देश की नीति अलग होती है. कुछ देश खिलाड़ियों को भारी बोनस देते हैं, जबकि कुछ जगह राशि सीमित होती है.

कौन सा देश दे रहा है बढ़िया इनाम?

मिलानो-कॉर्टिना 2026 के लिए उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार सिंगापुर सबसे ज्यादा इनाम देने वाला देश है. वहां विंटर ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाले खिलाड़ी को करीब 7,88,907 अमेरिकी डॉलर दिए जा रहे हैं. सिल्वर के लिए लगभग 3,94,497 डॉलर और ब्रॉन्ज के लिए करीब 1,97,282 डॉलर तय हैं. दिलचस्प बात यह है कि इस बार सिंगापुर का प्रतिनिधित्व केवल एक एथलीट कर रहा है. 

हांगकांग भी इनाम के मामले में पीछे नहीं है. वहां गोल्ड मेडल के लिए लगभग 7,67,747 डॉलर का बोनस घोषित है. मेजबान देश इटली भी अपने खिलाड़ियों को आकर्षक राशि दे रहा है. इटली में गोल्ड के लिए करीब 2,13,418 डॉलर, सिल्वर के लिए 1,06,707 डॉलर और ब्रॉन्ज के लिए लगभग 71,148 डॉलर दिए जा रहे हैं. 

क्यों अलग-अलग होती है इनाम राशि?

ओलंपिक मेडल का आर्थिक मूल्य हर देश की नीतियों, खेल बजट और प्रोत्साहन योजनाओं पर निर्भर करता है. जिन देशों में खेलों को राष्ट्रीय प्रतिष्ठा से जोड़ा जाता है, वहां सरकारें खिलाड़ियों को मोटा इनाम देकर प्रेरित करती हैं. इससे युवा पीढ़ी को भी खेलों में आने का संदेश मिलता है. कुछ देशों में टैक्स छूट, सरकारी नौकरी, जमीन या अतिरिक्त सुविधाएं भी दी जाती हैं. यानी मेडल सिर्फ एक पदक नहीं, बल्कि खिलाड़ी के भविष्य की दिशा बदलने वाला अवसर बन सकता है.

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