हाल के दिनों में डिजिटल लेन-देन करने वाले आम नागरिकों और व्यापारियों के मन में यूपीआई शुल्क को लेकर कई तरह के भ्रम पैदा हो गए थे. केंद्र सरकार ने इस स्थिति को पूरी तरह साफ करते हुए एक आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना जारी की है. इस नई गाइडलाइन के बाद हर उपभोक्ता यह आसानी से समझ सकता है कि दैनिक उपयोग में बिना कोई अतिरिक्त पैसे दिए किस प्रकार से डिजिटल लेन-देन जारी रखा जा सकता है. लेकिन अगर यूपीआई पर चार्जेस लगे तो किन तरीकों से फ्री पैसा भेज सकते हैं, चलिए जानें.

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संसदीय कानून और गजट नोटिफिकेशन की हकीकत

पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007 की धारा 10A के प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए वित्त मंत्रालय ने नया नियम अधिसूचित किया है. इस सरकारी आदेश में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि कोई भी बैंक या पेमेंट सेवा प्रदान करने वाली संस्था किसी भी यूजर या दुकानदार से पैसे भेजने अथवा प्राप्त करने के नाम पर सीधा या परोक्ष रूप से कोई शुल्क नहीं वसूल सकती. इस कदम से अफवाहों पर पूरी तरह विराम लग गया है.

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पर्सन-टू-पर्सन यानी दोस्तों और रिश्तेदारों को ट्रांसफर

यदि आप किसी मित्र, परिवार के सदस्य या परिचित को उसके बैंक खाते में पैसे भेज रहे हैं, तो यह सुविधा पूरी तरह शुल्क-मुक्त है. इसे तकनीकी भाषा में P2P (पर्सन-टू-पर्सन) ट्रांसफर कहा जाता है. फोन पे, गूगल पे या पेटीएम जैसे किसी भी यूपीआई ऐप का उपयोग करके सीधे सामने वाले के बैंक अकाउंट या यूपीआई आईडी पर भेजी जाने वाली राशि पर एक भी रुपया चार्ज नहीं कटता है.

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2000 रुपये तक के छोटा डिजिटल भुगतान पूरी तरह मुफ्त

दुकानदार, फल-सब्जी विक्रेता या किसी भी छोटे व्यापारी को 2,000 रुपये तक की राशि का पेमेंट करने पर पूरी तरह से जीरो चार्ज का नियम लागू रहता है. आंकड़े बताते हैं कि देश में होने वाले लगभग 96 प्रतिशत यूपीआई लेन-देन 2,000 रुपये या उससे कम राशि के ही होते हैं. इस सीमा तक के सभी दैनिक भुगतानों को सरकार ने कानूनी सुरक्षा दी है ताकि आम नागरिक बिना किसी चिंता के डिजिटल लेनदेन कर सकें.

बचत खाते से सीधे जोड़कर भुगतान की सुविधा

अक्सर ई-वॉलेट या प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट (PPI) के माध्यम से व्यापारी लेन-देन करने पर कुछ विशेष परिस्थितियों में मर्चेंट चार्ज की बात उठती है. इस स्थिति से बचने का सबसे आसान और मुफ्त जरिया यह है कि आप अपने यूपीआई ऐप में किसी वॉलेट को जोड़ने के बजाय सीधे अपने बैंक के सेविंग्स अकाउंट को लिंक रखें. बैंक खाते से होने वाला सीधा लेन-देन पूरी तरह चार्ज-फ्री श्रेणी में आता है.

रूपे डेबिट कार्ड का इस्तेमाल है सुरक्षित और फ्री

सरकार की अधिसूचना में RuPay नेटवर्क से संचालित होने वाले डेबिट कार्ड से किए जाने वाले भुगतानों को भी विशेष छूट दी गई है. यदि आप किसी पीओएस मशीन या ऑनलाइन मर्चेंट को भुगतान करने के लिए रूपे डेबिट कार्ड या उससे जुड़े यूपीआई विकल्प का चयन करते हैं, तो उस पर भी बैंक कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष चार्ज नहीं वसूल सकते. यह तरीका सुरक्षित भी है और किफायती भी.

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