Line In The Middle Of Tablet: जब भी हम कोई दवाई देखते हैं तो अक्सर उसके बीच में एक लंबी सी सीधी लाइन नजर आती है. ज्यादातर लोग इसे सिर्फ डिजाइन का हिस्सा समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन वास्तव में इसका दवा के इस्तेमाल और सही डोज से सीधा कनेक्शन होता है. मेडिकल एक्सपर्ट्स के अनुसार गोली पर बनी यह लाइन मरीज को सही मात्रा में दवा लेने में मदद करती है और कई मामलों में उपचार को ज्यादा सुरक्षित बनाती है. दवाइयों से जुड़ी ऐसी कई बातें हैं, जिन पर लोग ध्यान नहीं देते जबकि पैकेट पर लिखी जानकारी और टैबलेट पर बने निशाना कई जरूरी संकेत देते हैं. गोली के बीच बनी यह लाइन भी उन्हें जरूरी संकेत में से एक है. 

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क्या कहलाती है गोली पर बनी यह लाइन? 

दवा की गोली पर बने इस निशान को मेडिकल भाषा में स्कोर लाइन कहा जाता है. कई जगह इससे डिस्पोज्ड लाइन भी कहा जाता है. यह एक तरह का खांचा होता है, जिसकी मदद से गोली को आसानी से दो बराबर हिस्सों में तोड़ा जा सकता है. फार्मास्यूटिकल कंपनियां यह लाइन खासतौर पर उन दावों पर बनाती है, जिन्हें जरूरत पड़ने पर आधी खुराक में लिया जा सकता है. इसका उद्देश्य मरीज को सही डोज उपलब्ध कराना होता है्.

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क्यों बनाई जाती है यह लाइन? 

कई बार डॉक्टर मरीज को पूरी गोली की बजाय आधी मात्रा में लेने की सलाह देते हैं. उदाहरण के तौर पर अगर किसी दवा की गोली 500 मिलीग्राम की है. डॉक्टर ने 250 मिलीग्राम लेने को कहा है, तो स्कोर लाइन की मदद से गोली को बराबर हिस्सों में तोड़ा जा सकता है. ऐसी स्थिति में 500 मिलीग्राम की गोली दो हिस्सों में बांटने पर लगभग 250-250 मिलीग्राम की खुराक में बदल जाती है. इससे मरीज को अलग से कम डोज वाली दवा खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती. 

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बुजुर्गों और बच्चों के लिए भी फायदेमंद 

बड़ी गोलियां निगलना हर किसी के लिए आसान नहीं होता, खासतौर पर बुजुर्गों और बच्चों को इसमें परेशानी हो सकती है. स्कोर लाइन वाली गोली को छोटे हिस्सों में तोड़ कर लेना आसान हो जाता है. यही वजह है कि कई दवाओं में यह सुविधा जानबूझकर दी जाती है, ताकि मरीज को दवा लेने में परेशानी न हो. वहीं कुछ बीमारियों में डॉक्टर समय-समय पर दवा की मात्रा बढ़े है या फिर घटे हैं तो ऐसे मामले में स्कोर लाइन वाली टेबलेट काफी उपयोगी साबित होती है. इससे डॉक्टर जरूरत के अनुसार मरीज की खुराक तय कर सकते हैं और दवा को आसानी से आधे हिस्से में बांट सकते हैं.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.