रात के सन्नाटे में कैसे गायब हो जाती है हवाई जहाज की आवाज, क्या है इसके पीछे का विज्ञान?
आपने अक्सर ध्यान दिया होगा कि दिन में विमान की आवाज बहुत तेज सुनाई देती है, जबकि रात होती ही यह आवाज धीमी या फिर गायब हो जाती है. आइए जानें कि आखिर ऐसा क्यों होता है.

रात गहरी हो, सड़कें सूनी हों और आसमान साफ दिख रहा हो, ऐसे में ऊपर से गुजरता हवाई जहाज कई बार दिख तो जाता है, लेकिन उसकी आवाज उतनी साफ नहीं सुनाई देती है, जबकि आमतौर पर रात में छोटी-सी आहट भी साफ सुनाई देती है. फिर ऐसा क्यों है कि दिन में गूंजने वाला विमान रात के सन्नाटे में जैसे खो जाता है? क्या सच में प्लेन रात में कम शोर करता है, या इसके पीछे कोई वैज्ञानिक वजह है?
रात में कम क्यों सुनाई देती है विमान की आवाज?
आमतौर पर माना जाता है कि रात में हर आवाज ज्यादा साफ सुनाई देती है, क्योंकि आसपास का शोर कम होता है. यह बात काफी हद तक सही भी है, लेकिन हवाई जहाज के मामले में कई अलग कारण काम करते हैं. सबसे पहला कारण उड़ानों की संख्या है. कई शहरों में रात के समय उड़ानों की संख्या दिन के मुकाबले कम कर दी जाती है. सरकारें और एयरलाइंस कोशिश करती हैं कि लोगों की नींद खराब न हो. कम उड़ानें होंगी तो स्वाभाविक रूप से शोर भी कम होगा.
ऊंचाई और उड़ान का तरीका
रात में ज्यादातर विमान लंबी दूरी की उड़ान पर होते हैं और वे क्रूज मोड में 30,000 से 40,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ते हैं. इतनी ऊंचाई से आने वाली आवाज जमीन तक पहुंचते-पहुंचते काफी कमजोर हो जाती है. जब विमान टेकऑफ या लैंडिंग करता है, तब उसका शोर ज्यादा होता है क्योंकि इंजन पूरी ताकत से काम करता है, लेकिन ऊंचाई पर पहुंचने के बाद इंजन स्थिर गति में चलते हैं, जिससे आवाज कम महसूस होती है.
हवा की दिशा और तापमान का असर
रात के समय वातावरण में तापमान और हवा की दिशा बदल जाती है. कई बार ऊपरी परतों में ठंडी हवा की परत बन जाती है, जो ध्वनि तरंगों के फैलाव को प्रभावित करती है. इससे आवाज सीधी जमीन तक नहीं पहुंचती या उसका असर कम हो जाता है. ध्वनि का फैलाव पूरी तरह मौसम और हवा की चाल पर निर्भर करता है. इसलिए कभी-कभी रात में हवाई जहाज की आवाज सुनाई दे जाती है, लेकिन अक्सर यह नहीं सुनाई देती है.
घर के अंदर होने का असर
रात में ज्यादातर लोग घरों के अंदर होते हैं. दरवाजे और खिड़कियां बंद रहती हैं. पंखा या एसी चल रहा होता है. ये सभी चीजें बाहर की आवाज को रोकने में मदद करती हैं. अगर वही विमान की आवाज दिन में खुले मैदान या सड़क पर खड़े होकर सुनी जाए, तो शायद ज्यादा महसूस हो सकती है.
आधुनिक इंजनों की तकनीक
आज के समय में विमान इंजनों की तकनीक काफी आगे बढ़ चुकी है. नई पीढ़ी के जेट इंजन पुराने इंजनों की तुलना में कम शोर करते हैं. एयरक्राफ्ट डिजाइन में भी ऐसे बदलाव किए गए हैं जिससे ध्वनि कम फैले. अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत भी एयरलाइंस को शोर नियंत्रण के मानकों का पालन करना होता है. यही वजह है कि आधुनिक विमान अपेक्षाकृत शांत माने जाते हैं.
रात में जमीन पर कितना शोर पहुंचता है?
जब विमान 30,000-40,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा होता है, तब जमीन पर सुनाई देने वाला शोर आमतौर पर 50 से 70 डेसिबल के बीच होता है. यह स्तर सामान्य ट्रैफिक या दो लोगों की बातचीत जितना हो सकता है. हालांकि टेकऑफ और लैंडिंग के समय एयरपोर्ट के पास शोर का स्तर इससे ज्यादा हो सकता है, लेकिन ऊंचाई पर उड़ते विमान की आवाज काफी कम रह जाती है.
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Source: IOCL


























