India Drainage System: हर साल की तरह इस साल भी देश भर में बरसात ने अपना दस्तक देने शुरू कर दिया है, जिसका प्रकोप देश के कई इलाकों में देखने को मिल रहा है. बारिश आते ही हमारे शहरों की सड़कें नदी बन जाती हैं. गाड़ियां पानी में डूब जाती हैं, लोग घंटों जाम में फंसे रहते हैं और कई इलाकों में तो बाड़ जैसा हालात बन जाता है. ऐसे में हर किसी के मन में यह सवाल उठता है कि आखिर हमारा ड्रेनेज सिस्टम इतना कमजोर क्यों है, जबकि दुनिया में कुछ देश ऐसे भी हैं जहां भारी बारिश के बावजूद शहर नहीं डूबते. आइए जानते हैं इसके पिधे क्या कारण है, और किस देश का ड्रेनेज सिस्टम सबसे बेस्ट है. 

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हमारे शहरों में ड्रेनेज फेल होने का कारण 

भारत में ड्रेनेज सिस्टम फेल होने के पिछे का कारण है की वे कई दशक पुराना है. माना जाता है कि जब ये पाइपलाइनें बनी थीं, तब शहर में बहुत कम लोग रहते थे. लेकिन आज के समय कि आबादी की बात करें तो वे पहले से कई गुना ज्यादा बड़ गई है, जिसके कारण सड़कें, इमारतें हर जगह फैल गई हैं.  इससे बारिश का पानी जमीन पर गिरने के बजाय सीधे सड़कों पर गिरता है. जिसको पुराने नाले इतना पानी संभाल ही नहीं पाते, और वे भर जाते हैं.  इतना ही नहीं पानी भरने के पीछे स्थाई लोगों का भी हाथ होता है, जैसे जगह -जगह पर प्लास्टिक, और कचरा फेंकने की आदत, नालों की सही समय पर सफाई न करना. जो बारिश के मौसम में पानी के बहाव में रूकावट बनता है.    कुल मिलाकर सबसे बड़ी बात यह है कि हमारे यहां ड्रेनेज सिस्टम को बनाते वक्त भविष्य की बारिश और आबादी को ध्यान में नहीं रखा गया, इसलिए बारशात के मौसम में ये पानी भरना आम बात हो जाती है. 

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नीदरलैंड और जापान से सीखने वाली बात

भारत के ड्रेनेज सिस्टम के अलावा अगर दुनिया में सबसे अच्छे ड्रेनेज सिस्टम की बात करें, तो नीदरलैंड और जापान का नाम सबसे पहले आता है. नीदरलैंड का बड़ा हिस्सा समुद्र तल से भी नीचे है, फिर भी वहां पानी भरने की समस्या बहुत कम होती है. इसकी वजह है वहां का मजबूत बांध सिस्टम. इसके अलावा नीदरलैंड ने "रूम फॉर द रिवर" नाम का एक प्रोजेक्ट भी चलाया है, जिसमें नदियों को ज्यादा जगह दी गई ताकि पानी शहर में घुसने की बजाय नदी में ही समा जाए.

दूसरी तरफ जापान भी तूफान और भारी बारिश के लिए मशहूर है, फिर भी वहां के शहर शायद ही कभी डूबते हैं. इसकी वजह है टोक्यो के पास बना जी-कैन प्रोजेक्ट, जो दुनिया का सबसे बड़ा भूमिगत बाढ़ निकासी सिस्टम माना जाता है.  यह एक तरह की विशाल टनल है जो बारिश का अतिरिक्त पानी सीधे नदी में पहुंचा देती है. 

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