Forget Dreams After Waking Up: हम सभी रात को सोते समय सुंदर, डरावने या अजीबोगरीब सपने जरूर देखते हैं. लेकिन अक्सर ऐसा होता है कि सुबह आंख खुलते ही हम उस सपने को पूरी तरह भूल जाते हैं. हमें बस इतना याद रहता है कि हां, कोई सपना देखा था, लेकिन उसमें क्या हुआ था, यह दिमाग से पूरी तरह साफ हो जाता है.
विज्ञान कहता है कि सपने का कनेक्शन इस बात से होता है कि हमारे दिमाग की मेमोरी कैसी है. सोते समय कौन-कौन सी बातें याद हैं. क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों होता है? क्या यह कोई बीमारी है या इसके पीछे कोई वैज्ञानिक कारण है?
सपने याद क्यों नहीं रहते?
हमारे दिमाग में एक छोटा सा हिस्सा होता है जिसे हिप्पोकैम्पस कहते हैं. इसे आप दिमाग का मेमोरी कार्ड कह सकते हैं, जो हमारी शॉर्ट-टर्म यादों को लॉन्ग-टर्म यादों में बदलता है. विज्ञान कहता है कि जब हम सो रहे होते हैं, तो हिप्पोकैम्पस भी पूरी तरह सो जाता है. यह सबसे आखिर में जागता है. इसलिए, जब हम नींद में सपना देख रहे होते हैं, तो हमारा दिमाग उसे मेमोरी कार्ड में सेव ही नहीं कर पाता. जब तक हिप्पोकैम्पस जागता है, तब तक सपना दिमाग से उड़ चुका होता है.
नॉरपेनेफ्रिन केमिकल की कमी
चीजों को याद रखने के लिए हमारे दिमाग को नॉरपेनेफ्रिन नाम के एक खास केमिकल न्यूरोट्रांसमीटर की जरूरत होती है. जब हम गहरी नींद होते हैं तो सबसे ज्यादा सपने आते हैं. इस समय इस केमिकल का स्तर हमारे शरीर में बहुत कम हो जाता है. इस केमिकल के बिना हमारा दिमाग सपनों को यादों के रूप में दर्ज नहीं कर पाता. वैज्ञानिकों का मानना है कि सपनों को भूलना इंसानी दिमाग के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह है. अगर हम रोज रात के सारे सपने याद रखने लगेंगे, तो हमारा दिमाग असली जिंदगी की यादों और सपनों की काल्पनिक दुनिया में अंतर नहीं कर पाएगा. इसलिए दिमाग खुद को ओवरलोड होने से बचाने के लिए सपनों को तुरंत साफ कर देता है.
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कुछ सपने क्यों याद रह जाते हैं?
अब आप सोच रहे होंगे कि अगर ऐसा है, तो कुछ सपने हमें सुबह उठने के बाद भी याद क्यों रहते हैं. अगर आप किसी सपने के बीच में ही अचानक चौंककर जाग जाते हैं, तो उस समय आपका हिप्पोकैम्पस तुरंत एक्टिव हो जाता है और सपने का आखिरी हिस्सा आपकी याददाश्त में दर्ज हो जाता है. जो सपने बहुत ज्यादा डरावने या भावुक होते हैं, वे हमारे दिमाग में तेज हलचल पैदा करते हैं. इस वजह से वे जागने के बाद भी कुछ समय तक याद रह जाते हैं.
अगर आप अपने सपनों को याद रखना चाहते हैं, तो वैज्ञानिकों ने इसका एक आसान उपाय बताया है. सुबह जैसे ही आपकी आंख खुले, बिना हिले-डुले और बिना मोबाइल छुए, कुछ सेकंड के लिए शांत लेटें और सोचें कि आप क्या देख रहे थे. तो इसके तुरंत बाद उसे पास रखी किसी डायरी में नोट कर लें.
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