Water Control System: पानी के मैनेजमेंट के मामले में नीदरलैंड दुनिया के सबसे दिलचस्प देशों में से एक है. देश का लगभग एक तिहाई हिस्सा समुद्र तल से नीचे है. इसके बावजूद भी लाखों लोग वहां सुरक्षित रूप से रहते हैं, काम करते हैं और खेती करते हैं. अगर यहां बाढ़ रोकने का एडवांस्ड इंफ्रास्ट्रक्चर ना होता तो देश का बड़ा हिस्सा पानी में डूबा होता. सदियों से डच इंजीनियरों ने समुद्र को दूर रखने और अपनी जमीन को बाढ़ से बचाने के लिए बेहतरीन सिस्टम विकसित किए हैं.
देश का एक तिहाई हिस्सा समुद्र तल से नीचे
नीदरलैंड को एक अनोखी भौगोलिक चुनौती का सामना करना पड़ता है. दरअसल इसकी लगभग 33% जमीन समुद्र तल से नीचे है. इसी के साथ बाकी हिस्सा नदियों और उत्तरी सागर से आने वाली बाढ़ के खतरे में रहता है. यही वजह है कि पानी का मैनेजमेंट देश के अस्तित्व और विकास का एक जरूरी हिस्सा बन गया है.
पोल्डर सिस्टम
नीदरलैंड की सबसे मशहूर इंजीनियरिंग उपलब्धियों में से एक है पोल्डर सिस्टम. इस तरीके के तहत पानी वाले हिस्सों के चारों तरफ बड़े बांध बनाए जाते हैं. इसके बाद घिरे हुए पानी को पंप करके बाहर निकाल दिया जाता है. इससे जो जमीन मिलती है उसे पोल्डर कहा जाता है. एक बार पानी निकल जाने और जमीन के स्थिर हो जाने के बाद इसका इस्तेमाल खेती, घरों और इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए किया जा सकता है. नीदरलैंड के कई शहर और खेत ऐसी जमीन पर बसे हैं जो कभी समुद्र का हिस्सा हुआ करती थी.
डेल्टा वर्क्स
1953 में उत्तरी सागर में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद नीदरलैंड ने डेल्टा वकर्स प्रोजेक्ट शुरू किया. इसे अब तक के सबसे एडवांस्ड बाढ़ नियंत्रण सिस्टम में से एक माना जाता है. इस प्रोजेक्ट में बांध, लॉक, डाइक और तूफानी लहरों को रोकने वाले बैरियर का एक बड़ा नेटवर्क शामिल है. इसे देश को समुद्र के शक्तिशाली तूफानों से बचाने के लिए डिजाइन किया गया है.
ऑटोमेटेड स्टॉर्म सर्ज बैरियर
डच सुरक्षा सिस्टम का एक अहम हिस्सा मेसलेंटकेयरिंग स्टॉर्म सर्ज बैरियर है. यह बड़ी संरचना अपने आप काम करती है. जब समुद्र का जलस्तर बढ़ता है या फिर खतरनाक तूफान तटीय इलाकों के लिए खतरा पैदा करता है तो कंप्यूटर से कंट्रोल होने वाले विशाल गेट बंद हो जाते हैं. इसी के साथ समुद्र के पानी को अंदर आने से रोका जाता है. खतरा टलने के बाद गेट फिर से खुल जाते हैं.
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