Ants Communication: क्या आपने कभी चींटियों की एक लंबी लाइन देखी है जो एक दूसरे के पीछे चलती हैं और सोचा है कि वे कभी रास्ता कैसे नहीं भटकतीं? अपने छोटे आकार और कमजोर नजर के बावजूद चीटियां काफी सटीकता से चलती हैं. इसका राज उनकी नजर में नहीं बल्कि एक अदृश्य केमिकल कम्युनिकेशन सिस्टम में है जो उन्हें रास्ता खोजना, खाना ढूंढने और अपनी कॉलोनी से जुड़े रहने में मदद करता है. 

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केमिकल करता है मदद 

चींटियों के सीधी लाइन में चलने की मुख्य वजह फेरोमोन नाम का एक केमिकल पदार्थ है. चींटियां काफी मिलनसार कीड़े होती हैं. यह व्यवस्थित कॉलोनी में रहती हैं और एक दूसरे से बात करने के लिए फेरोमोन के निशान का इस्तेमाल करती हैं. बोलकर या फिर देख कर संकेत देने के बजाय वे अदृश्य केमिकल रास्ते छोड़ती हैं जो दूसरी चींटियों को खाने तक और वापस घोंसले तक ले जाते हैं.

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कैसे बनता है सही रास्ता? 

यह प्रक्रिया तब शुरू होती है जब एक स्काउट चींटी खाने की तलाश में कॉलोनी से निकलती है. जब उसे खाने का एक जरिया मिल जाता है तो वह जमीन पर फेरोमोन छोड़ते हुए वापस लौटने लगती हैं. इससे एक केमिकल रास्ता बनता है जो सीधे खाने से घोंसले तक जाता है.

दूसरी चींटियां अपने एंटीना पर मौजूद रिसेप्टर्स का इस्तेमाल करके इस गंध का पता लगाती हैं. बिना सोचे समझे इधर-उधर घूमने के बजाय वे बस पहले से बने फेरोमोन रास्ते का पीछा करती हैं. जब वे खाने के स्रोतों तक जाती हैं और वापस आती हैं तो वह और फेरोमोन भी छोड़ती हैं. 

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क्यों चलती है एक सीधी लाइन 

जैसे-जैसे ज्यादा चींटियां उसी रास्ते का इस्तेमाल करती हैं फेरोमोन का रास्ता और भी ज्यादा मजबूत होता जाता है. क्योंकि चींटियां स्वाभाविक रूप से सबसे तेज गंध का पीछा करती हैं इस वजह से वे उसी रास्ते पर चलती रहती हैं. इससे लंबी सीधी लाइनें बनती हैं.

चींटियां एक दूसरे को क्यों छूती हैं?

आपने देखा होगा कि चींटियां जब भी मिलती हैं तो कुछ समय के लिए अपने सार आपस में छूती हैं. यह व्यवहार बातचीत करने का एक तरीका होता है. अपने एंटीना कुछ छूकर चींटियां इस बात को पक्का करती हैं कि दूसरी चींटी इस कॉलोनी की है या फिर नहीं. साथ ही वे खाने, खतरे या फिर सही रास्ते के बारे में जानकारी का भी आदान प्रदान करती हैं.

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