भारत में ज्यादातर लोग चिकन खरीदते समय मुर्गे के पंजों को ज्यादा महत्व नहीं देते. वही कई जगह तो इन्हें बेकार समझकर फेंक दिया जाता है. लेकिन क्या आप जानते है दुनिया के कई देशों में यही पंजे बेहद महंगे दामों में बिकते हैं. खासतौर पर चीन, थाईलैंड, वियतनाम और कुछ अफ्रीकी देशों में लोग इसे बड़े शौक से खाते हैं.  वहां मुर्गे के पंजों को स्वादिष्ट डिश माना जाता है. यही वजह है कि कई बार बाजार में इसकी कीमत चिकन के मांस से भी ज्यादा हो जाती है. 

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चीन समेत कई देशों में क्यों बढ़ रही है डिमांड?

चीन में मुर्गे के पंजों को “फीनिक्स क्लॉ” कहा जाता है और यह वहां की फेमस डिशों में शामिल है. वहां के लोग इसे मसालेदार सॉस, सूप और स्नैक्स के रूप में खाना पसंद करते हैं.  माना जाता है कि इसमें कोलेजन और प्रोटीन अच्छी मात्रा में होता है, जो त्वचा और हड्डियों के लिए फायदेमंद माना जाता है.  यही कारण है कि लोग इसे स्वाद के साथ सेहत से भी जोड़कर देखते हैं. कई एशियाई देशों में शादी-पार्टी और बड़े रेस्तरां में भी इसकी काफी मांग रहती है. 

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कम सप्लाई और ज्यादा मांग से बढ़ रही कीमत

मुर्गे के पंजों की कीमत बढ़ने की सबसे बड़ी वजह इसकी कम सप्लाई और ज्यादा डिमांड होती है. एक मुर्गे से सिर्फ दो पंजे ही मिलते हैं, जबकि कई देशों में इसकी मांग लाखों टन में होती है. यही वजह है कि अमेरिका और ब्राजील जैसे देश भी बड़ी मात्रा में चिकन फीट का एक्सपोर्ट करते हैं. वही कई बार तो इंटरनेशनल मार्केट में इनके दाम चिकन के दूसरे हिस्सों से भी ज्यादा पहुंच जाते हैं. साथ ही  सोशल मीडिया और फूड वीडियो ने भी इसकी लोकप्रियता को तेजी से बढ़ा दिया है. 

बदलती फूड कल्चर की नई पहचान

हर देश की खाने की पसंद अलग होती है. जिस चीज को एक जगह लोग बेकार समझते हैं, वही दूसरी जगह बेहद खास और महंगी मानी जाती है. ऐसे में  मुर्गे के पंजों की बढ़ती कीमत भी इसी बदलती फूड कल्चर का हिस्सा है. अब यह सिर्फ चिकन का छोटा हिस्सा नहीं रहा, बल्कि कई देशों की फूड इंडस्ट्री का बड़ा कारोबार भी बन चुका है.

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