समंदर की लहरों पर राज करने की होड़ ने दुनिया के शक्ति संतुलन को बदल दिया है. वर्ल्ड डायरेक्टरी ऑफ मॉडर्न वॉरशिप्स (WDMMW) की रिपोर्ट ने कुछ वक्त पहले वैश्विक नौसैनिक ताकतों की एक नई तस्वीर पेश की थी. जिसमें अमेरिकी नौसेना अपनी परमाणु शक्ति और विशाल बेड़े के साथ अब भी शीर्ष पर काबिज है, लेकिन दूसरे स्थान पर कौन से देश की पकड़ है? आइए जान लेते हैं.
अमेरिकी नौसेना की बादशाहत और परमाणु ताकत
वर्ल्ड डायरेक्टरी ऑफ मॉडर्न वॉरशिप्स (WDMMW) की रैंकिंग में अमेरिकी नौसेना पहले स्थान पर बनी हुई है. अमेरिका की सबसे बड़ी ताकत उसके 11 विशाल एयरक्राफ्ट कैरियर हैं, जिनमें से ज्यादातर परमाणु ऊर्जा से संचालित होते हैं. यह तकनीक अमेरिकी बेड़े को बिना ईंधन की चिंता किए महीनों तक समंदर में तैनात रहने की क्षमता प्रदान करती है. अमेरिका के पास न केवल जहाजों की संख्या अधिक है, बल्कि उसके पास आधुनिक लॉजिस्टिकल सपोर्ट और दुनिया के किसी भी कोने में हमला करने की बेजोड़ क्षमता मौजूद है.
चीन का उभरता हुआ नौसैनिक साम्राज्य
इस सूची में दूसरे नंबर पर काबिज भारत के पड़ोसी देश चीन ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है. रिपोर्ट के अनुसार, चीन कई मामलों में तकनीकी रूप से अमेरिका के करीब पहुंच चुका है और जल्द ही उसे पछाड़ने की क्षमता रख सकता है. चीनी नौसेना का आधुनिकीकरण प्रोजेक्ट इतनी तेजी से चल रहा है कि WDMMW ने अनुमान लगाया है कि वह आने वाले समय में दुनिया की सबसे शक्तिशाली नौसेना बन जाएगी. दक्षिण चीन सागर में चीन की बढ़ती सक्रियता और उसके नए युद्धपोतों की संख्या इसका स्पष्ट प्रमाण है.
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रूस की जटिल और मारक पनडुब्बी शक्तियां
दुनिया की तीसरी सबसे शक्तिशाली नौसेना का खिताब रूस के पास है. रूसी नौसेना को एक जटिल ताकत के रूप में देखा जाता है, क्योंकि उसकी असली मजबूती उसकी पनडुब्बियों में छिपी है. रूस के पास ऐसा पनडुब्बी बेड़ा है जो परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है और समंदर की गहराई से दुश्मन को तबाह कर सकता है. इसके अलावा, रूस की एडवांस्ड एंटी-शिप मिसाइलें उसे रक्षात्मक और आक्रामक, दोनों ही मोर्चों पर एक घातक खिलाड़ी बनाती हैं.
इंडोनेशिया और दक्षिण कोरिया की छलांग
हैरानी की बात यह है कि चौथे नंबर पर इंडोनेशिया की नौसेना का कब्जा है. इंडोनेशिया के पास लगभग 245 अलग-अलग तरह के युद्धपोत हैं और वह अपनी 'ब्लू वॉटर' ऑपरेशन्स की क्षमता को लगातार बढ़ा रहा है. वहीं, पांचवें स्थान पर दक्षिण कोरिया है, जिसकी नौसेना को एशिया की सबसे आधुनिक नौसेनाओं में गिना जाता है. दक्षिण कोरिया ने अपनी तकनीक और जहाजों की बनावट पर इतना निवेश किया है कि उसने जापान और कई यूरोपीय देशों को भी पीछे छोड़ दिया है.
विश्व रैंकिंग में भारत की स्थिति और क्षमता
भारतीय नौसेना इस सूची में सातवें स्थान पर है, जिसे 100.5 की ट्रू वैल्यू रेटिंग दी गई है. भारत के पास वर्तमान में दो ताकतवर एयरक्राफ्ट कैरियर- INS विक्रांत और INS विक्रमादित्य मौजूद हैं. इसके अलावा भारतीय बेड़े में 19 पनडुब्बियां और 74 फ्लीट कोर शामिल हैं. हालांकि भारत टॉप-5 से बाहर है, लेकिन हिंद महासागर में भारत का एम्फीबियस असॉल्ट दस्ता और उसकी रणनीतिक स्थिति उसे एक बेहद प्रभावशाली ताकत बनाती है. लेकिन चीन के बढ़ते कद को देखते हुए भारत को अपने आधुनिकीकरण की गति तेज करनी होगी.
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