Vegetarian Villages India: भारत अपनी बड़ी सांस्कृतिक और धार्मिक विविधता के लिए जाना जाता है. इसकी कई अनूठी परंपराओं में ऐसे कई गांव और कस्बे शामिल हैं जो पूरी तरह से शाकाहारी जीवन शैली का पालन करते हैं. इन जगहों पर मांस, मछली, अंडे और यहां तक की शराब का सेवन भी या तो सामाजिक रूप से वर्जित है या फिर कानूनी तौर पर प्रतिबंधित है. 

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बिहार का बिहिआइन गांव 

बिहार के गया जिले में स्थित बिहिआइन गांव भारत के सबसे शाकाहारी गांव में से एक है. कहा जाता है कि 300 से भी ज्यादा सालों से गांव के निवासियों ने गहरी धार्मिक आस्था और सामुदायिक अनुशासन पर आधारित पूरी तरह से शाकाहारी जीवन शैली को बनाए रखा है. गांव वालों का मानना है कि सख्त शाकाहारी प्रथाओं का पालन करने से वे ब्रह्मा बाबा के प्रकोप से सुरक्षित रहते हैं और पूरे समुदाय पर उनका आशीर्वाद बना रहता है. यहां के नियम काफी सख्त हैं. ना सिर्फ मांस और मछली प्रतिबंधित हैं बल्कि गांव के अंदर प्याज, लहसुन, शराब और नशीले पदार्थों को भी वर्जित माना जाता है. 

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गुजरात का पालिताना

पालिताना को विश्व स्तर पर एक अनोखा गौरव प्राप्त है. यह दुनिया का पहला कानूनी रूप से शाकाहारी शहर है. पवित्र शत्रुंजय पहाड़ियों के पास स्थित पालिताना जैन धर्म के सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक है और यहां 800 से ज्यादा जैन मंदिर हैं. जैन दर्शन सभी जीवित प्राणियों के प्रति अहिंसा के सिद्धांत में गहराई से निहित है. 2014 में जैन भिक्षु के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों और भूख हड़तालों के बाद स्थानीय अधिकारियों ने कानूनी प्रतिबंध लागू कर दिए. 

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महाराष्ट्र का गांव 

महाराष्ट्र के सांगली जिले में स्थित रेनवी गांव अपनी सख्त शाकाहारी संस्कृति के लिए जाना जाने वाला एक और गांव है. इस गांव का केंद्र भगवान रेवन्नाथ का ऐतिहासिक मंदिर है और यहां के निवासियों का मानना है कि शुद्ध शाकाहारी जीवन शैली बनाए रखने से देवता और मंदिर के आसपास के वातावरण की पवित्रता बनी रहती है. 

राजस्थान का बिश्नोई गांव 

राजस्थान के मारवाड़ क्षेत्र में बिश्नोई समुदाय के गांव वन्य जीव और पर्यावरण की सुरक्षा के प्रति अपने असाधारण समर्पण के लिए विश्व स्तर पर पहचाने जाते हैं. गुरु जंभेश्वर के अनुयायी 29 आध्यात्मिक सिद्धांतों का पालन करते हैं. इनमें से कई जानवरों की सुरक्षा और प्रकृति के संरक्षण पर केंद्रित हैं.

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