बेहतर वेतन, इंटरनेशनल एक्सपीरियंस और लाइफस्टाइल में बदलाव की इच्छा के लिए अक्सर युवाओं को विदेश में नौकरी करने का चस्का लगता है. भारत से हर साल लाखों की संख्या में युवा विदेश में नौकरी के लिए जाते हैं. इस समय दुनियाभर में तीन करोड़ से भी ज्यादा भारतीय रह रहे हैं. ऐसे में भारत उन देशों में शामिल हो गया है, जहां के लोग विदेशों में जाकर ज्यादा बसते हैं. विदेश में सबसे ज्यादा हेल्थकेयर, आईटी, कंस्ट्रक्शन, फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर और एग्रीकल्चर में लोगों की सबसे ज्यादा जरूरत होती है. आइए इसी क्रम में जान लेते हैं कि आखिर वो कौन से स्पेशल स्किल्स वाले लोग होते हैं, जिनको विदेश जाने के बाद डबल सैलरी मिलती है और लाखों रुपये की कमाई होती है. 

किन लोगों को मिलती है डबल सैलरी

आमतौर पर विदेश जाने वाले किन लोगों तो डबल सैलरी मिलती है, यह आमतौर पर कुछ कारकों पर निर्भर करता है. टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, आईटी, डॉक्टर्स या फिर सीईओ ये वो लोग हैं, जिनको कि विदेशों में खूब सैलरी मिलती है. इसके अलावा कुछ देशों में काम करने की स्थिति और जीवनयापन में होने वाले खर्चे की वजह से भी सैलरी में अंतर देखने को मिलता है. अब तकनीकी कौशल की बात करें तो आईटी, इंजीनियरिंग, डेटा साइंस आदि में कुशल लोगों की विदेशों में बहुत मांग है. इसलिए उनको वहां पर मोटी सैलरी भी मिलती है. 

खास क्षेत्र में अनुभव वाले भी उठाते हैं मोटा वेतन

इसके अलावा अगर किसी के पास किसी खास क्षेत्र में अनुभव है तो विदेश में ज्यादा आकर्षक सैलरी पैकेज मिलता है. वहीं डॉक्टर्स की बात करें तो एनेस्थिसियोलॉजिस्ट, ऑर्थोपेडिक सर्जन और साइकियाट्रिस्ट जैसे खास डॉक्टर्स विदेश में हाई सैलरी उठाते हैं. इसके अलावा इन्वेस्टमेंट बैंकर, सीएफओ, वित्तीय विश्लेषक, वित्त पेशेवर, कॉर्पोरेट लॉयर, मैनेजमेंट से जुड़े लोग विदेशों में हाई सैलरी पर काम करते हैं और भारत की अपेक्षा वहां पर उनकी सैलरी डबल या फिर उससे भी ज्यादा हो सकती है. इसके अलावा कुछ खास तकनीकी भूमिकाओं में काम करने वाले लोग जैसे कि तेल और गैस उद्योग में काम करने वाले या फिर कुछ खास इंजीनियर्स को भी अच्छी खासी सैलरी मिलती है. 

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