Religious Cities Around The World: दुनिया के लगभग हर बड़े धर्म में कुछ ऐसे शहरों का उल्लेख मिलता है, जिन्हें सिर्फ एक भौगोलिक जगह नहीं बल्कि आस्था, इतिहास और आध्यात्मिकता का केंद्र माना गया है. इन शहरों ने हजारों वर्षों से सभ्यताओं, धार्मिक परंपराओं, युद्धों और सांस्कृतिक बदलाव को देखा है. यही वजह है कि आज भी दुनिया भर से करोड़ों लोग इन शहरों की यात्रा करते हैं. कई शहर ऐसे हैं जिनका जिक्र धार्मिक ग्रंथ, कुरान, बाइबल और इस्लामी इतिहास में मिलता है और जिनकी पहचान आज भी उसी आस्था से जुड़ी हुई है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि धार्मिक ग्रंथो में दुनिया के किन शहरों का नाम लिखा गया है और इसके पीछे की वजह क्या है. 

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हिंदू धर्म में सप्तपुरी का महत्व 

हिंदू धर्म में सात पवित्र नगरों का उल्लेख मिलता है, जिन्हें सप्तपुरी कहा जाता है. मान्यता है कि इन शहरों के दर्शन और यहां की यात्रा मोक्ष प्रदान करती है. इनमें अयोध्या, मथुरा, हरिद्वार, काशी, कांचीपुरम, उज्जैन और द्वारका शामिल है. इन शहरों का संबंध भगवान राम, कृष्ण और शिव जैसे प्रमुख देवताओं से जुड़ा हुआ है. अयोध्या को भगवान राम की जन्म भूमि माना जाता है. रामायण में वर्णित यह शहर सदियों से हिंदुओं की आस्था का केंद्र रहा है. वहीं मथुरा भगवान कृष्ण की जन्मस्थली माना जाता है, जहां स्थित कृष्ण जन्म भूमि परिसर को लेकर लंबे समय से धार्मिक और कानूनी विवाद भी चलते रहे हैं.

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काशी यानी वाराणसी को भगवान शिव की नगरी कहा जाता है. धार्मिक मान्यता है कि यह दुनिया के सबसे प्राचीन जीवित शहरों में से एक है और यहां स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर हिंदुओं के सबसे महत्वपूर्ण तीर्थ में गिना जाता है. हरिद्वार को गंगा नदी का प्रवेश द्वार माना जाता है यहां हर 12 साल में लगने वाला कुंभ मेला दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल है. उज्जैन में स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग शिव भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है, जबकि दक्षिण भारत का कांचीपुरम अपने प्राचीन मंदिरों और धार्मिक परंपराओं के लिए जाना जाता है. द्वारका को भगवान कृष्ण की नगरी माना जाता है, जहां उनके अंतिम समय से जुड़ी कथाएं प्रचलित हैं. 

इस्लाम धर्म के शहर 

इस्लाम में मक्का को सबसे पवित्र शहर माना जाता है. सऊदी अरब के इस शहर में पैगंबर मोहम्मद का जन्म हुआ था और यही स्थिति काबा मुसलमानों के लिए सबसे बड़ा धार्मिक केंद्र है. दुनिया भर के मुसलमान नमाज के दौरान इसी दिशा की ओर मुंह करके इबादत करते हैं. हर साल लाखों लोग हज यात्रा के लिए मक्का पहुंचते हैं. इस्लामी इतिहास में दमिश्क और बगदाद जैसे शहरों का भी विशेष महत्व है. दमिश्क को इस्लाम का चौथा सबसे पवित्र शहर माना जाता है. वहीं बगदाद लंबे समय तक इस्लामी सभ्यता, शिक्षा और व्यापार का केंद्र रहा. मेसोपोटामिया क्षेत्र में बसे इन शहरों ने कई प्राचीन सभ्यताओं का उत्थान और पतन देखा है. 

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ईसाई और यहूदी धर्म 

यरूशलेम दुनिया के सबसे विवादित और पवित्र शहरों में गिना जाता है. यह शहर यहूदी, ईसाई और मुस्लिम तीनों धर्म के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. मान्यता के अनुसार यही ईसा मसीह को सूली पर चढ़ाया गया था और उनका पुनर्जीवन हुआ था. वहीं यहूदियों के लिए यह शहर प्राचीन सुलेमानी मंदिर और टेंपल माउंट की वजह से बहुत पवित्र माना जाता है. यरूशलेम को लेकर इतिहास में कई युद्ध हुए हैं. क्रुसेड से लेकर वर्तमान तनाव तक यह शहर लगातार विवादों के केंद्र में रहा है. यहां मौजूद चर्च, मस्जिद, प्राचीन दीवारें और धार्मिक स्थल आज भी लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं. 

पारसी धर्म 

ईरान का प्राचीन इतिहास पारसी धर्म से जुड़ा रहा है. माना जाता है कि इस धर्म की स्थापना पैगंबर जरथुष्ट्र ने की थी. तेहरान और ईरान के यज्द जैसे क्षेत्रों को पारसी सभ्यता का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है. इस्लामी शासन के बाद बड़ी संख्या में पारसी समुदाय भारत आ गया और गुजरात में बस गया. आज भी ईरान और भारत में पारसी धर्म से जुड़े कई ऐतिहासिक स्थल मौजूद है.

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