Working Hours: इंटरनेशनल लेबर ऑर्गेनाइजेशन के हालिया डेटा के मुताबिक दुनिया भर में काम के घंटे काफी अलग-अलग होते हैं. कुछ देश अपने कर्मचारियों से वैश्विक औसत से कहीं ज्यादा काम करवा रहे हैं. दिलचस्प बात यह है कि जहां भारत को अक्सर एक मेहनती देश माना जाता है, वहीं यह इस सूची में सबसे ऊपर नहीं है. इसके बावजूद भी भारतीय कर्मचारी कई विकसित अर्थव्यवस्थाओं के कर्मचारियों की तुलना में काफी ज्यादा घंटे काम करते हैं.
सबसे ज्यादा काम के घंटों की सूची में कौन आगे?
दुनिया भर में सबसे ज्यादा काम के घंटों वाला देश भूटान है. यहां कर्मचारी औसतन हर हफ्ते 54.5 घंटे काम करते हैं. यह वैश्विक मानक से कहीं ज्यादा है. भूटान के बाद सूडान 50.8 घंटे के साथ दूसरे नंबर पर और लेसोथो 50.02 घंटे के साथ तीसरे स्थान पर आते हैं. यहां ज्यादा मेहनत वाले काम और आर्थिक हालात की वजह से काम के हफ्ते लंबे होते हैं.
भारत की वैश्विक रैंक
सबसे ज्यादा काम के घंटे के मामले में भारत दुनिया भर में 15वें स्थान पर आता है. औसतन एक भारतीय कर्मचारी हर हफ्ते लगभग 45.8 घंटे काम करता है. हालांकि इससे भारत शीर्ष 10 में शामिल नहीं होता, लेकिन इसके बावजूद भी यह काम के भारी बोझ को दिखाता है.
भारतीय विकसित देशों के लोगों से ज्यादा काम करते हैं
संयुक्त राज्य अमेरिका 38 घंटे, यूनाइटेड किंगडम 35.9 घंटे और जापान 36.6 घंटे के साथ ये देश भारतीयों की तुलना में हर हफ्ते काफी कम घंटे काम करते हैं. यह विकासशील और विकसित अर्थव्यवस्थाओं के बीच का एक बड़ा फर्क दिखाता है. विकसित अर्थव्यवस्था में काम और निजी जिंदगी के बीच बेहतर संतुलन होता है.
भारत में ज्यादा काम एक बड़ी चिंता
एक चौंकाने वाला आंकड़ा यह है कि लगभग 51% भारतीय कर्मचारी हर हफ्ते 49 घंटे से ज्यादा काम करते हैं. अंतर्राष्ट्रीय मानकों के मुताबिक यह काफी ज्यादा काम के घंटों की श्रेणी में आता है.
काम के घंटे में लैंगिक अंतर
भारत के कार्यबल में लैंगिक असमानता भी साफ तौर पर देखी जा सकती है. पुरुष औसतन हर हफ्ते 49.8 घंटे काम करते हैं और महिलाएं लगभग 35.9 घंटे काम करती हैं. इस अंतर के पीछे कई वजह हैं. कार्यबल में भागीदारी की दर और सामाजिक जिम्मेदारियां इन्हीं वजहों में शामिल हैं.
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