Death Penalty: मौत की सजा दुनिया भर में सजा के सबसे ज्यादा बहस वाले रूपों में से एक मानी जाती है. जहां कई देशों ने इसे खत्म कर दिया है वहीं कई देश अभी भी सक्रिय रूप से मौत की सजा देते हैं. वैश्विक  रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन को मौत की सजा देने के मामले में दुनिया में सबसे आगे माना जाता है. हालांकि वहां पर अब तक कितने लोगों को मौत की सजा दी गई है इसका कोई सार्वजनिक डेटा मौजूद नहीं है.  मानवाधिकार समूहों का अनुमान है कि वहां हर साल हजारों लोगों को मौत की सजा दी जाती है.

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सबसे ज्यादा मौत की सजा देने वाले शीर्ष देश 

एमनेस्टी इंटरनेशनल संगठनों द्वारा कम्पाइल्ड सार्वजनिक रूप से उपलब्ध डेटा के मुताबिक कई देश लगातार टॉप पर बने हुए हैं. ईरान वैश्विक स्तर पर दूसरे स्थान पर है. यहां 2024 में कम से कम 972 लोगों को मौत की सजा दी गई और 2025 में 800 से ज्यादा लोगों को मौत की सजा दिए जाने की रिपोर्ट है. सऊदी अरब में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिली है. यहां 2024 में 345 लोगों को मौत के सजा दी गई. 

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इसी के साथ इराक में 2024 में कम से कम 63 लोगों को मौत की सजा दी गई. वहीं अमेरिका भी मौत की सजा देना जारी रखे हुए हैं. यहां 2024 में 25 लोगों को मौत की सजा दी गई. 

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वैश्विक स्तर पर मौत की सजा के आंकड़े बढ़ रहे हैं 

2024 में दुनिया भर के 15 देशों में कम से कम 1518 लोगों को मौत की सजा दी गई. यह डेटा चीन को छोड़कर है क्योंकि वहां का कोई आधिकारिक डेटा मौजूद नहीं है. यह 2023 की तुलना में 32% की बढ़ोतरी को दर्शाता है.

किन अपराधों के लिए मौत की सजा दी जाती है?

मौत की सजा आमतौर पर हत्या, आतंकवाद और नशीले पदार्थों से जुड़े अपराधों के लिए दी जाती है. कुछ देशों में भ्रष्टाचार या फिर राजनीतिक अपराधों के लिए भी मौत की सजा दी जा सकती है, जिससे अलग-अलग क्षेत्रों में कानून काफी अलग-अलग होते हैं.  भारत में अभी भी मौत की सजा का प्रावधान है, लेकिन इसका इस्तेमाल सिर्फ दुर्लभ से दुर्लभ मामलों में ही किया जाता है. आजादी के बाद से कम से कम 752 लोगों को मौत की सजा दी जा चुकी है.

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