Roti Origin: रोटी इंसानियत के सबसे पुराने खाने में से एक है. यह सभ्यता के उदय से गहराई से जुड़ी हुई है. आज भले ही रोटी को भारतीय खाने का एक मुख्य हिस्सा माना जाता है लेकिन फ्लैट ब्रेड की कहानी भारत के रिकॉर्डेड इतिहास से काफी पहले शुरू होती है. आर्कियोलॉजिकल खोजों से ऐसा पता चलता है कि दुनिया की सबसे पुरानी रोटी खेती शुरू होने से हजारों साल पहले बनी थी.  तो पहली रोटी आखिर कहां बनी थी. आइए जानते हैं.

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दुनिया की सबसे पुरानी रोटी 

आर्कियोलॉजिस्ट के मुताबिक दुनिया की सबसे पुरानी रोटी के बचे हुए हिस्से जॉर्डन के उत्तर पूर्वी रेगिस्तान में मिले हैं. यह बचे हुए हिस्से लगभग 14400 साल पुराने हैं. यानी ऑर्गेनाइज्ड खेती शुरू होने से लगभग 4000 साल पहले. यह रोटी एक तरह की फ्लैट ब्रेड थी जो जौ, ओट्स और कंद जैसे जंगली अनाज को पीसकर बनाई जाती थी. शायद इसे गर्म पत्थरों पर या फिर पुराने चूल्हों में पकाया जाता था. इस खोज से ऐसा पता चलता है कि शुरुआती इंसान सिस्टमैटिक खेती शुरू करने से काफी पहले अनाज वाले खाने के साथ एक्सपेरिमेंट कर रहे थे. 

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सिंधु घाटी और शुरुआती भारतीय रोटी की परंपरा 

भारतीय उपमहाद्वीप में रोटी की कहानी हजारों साल पुरानी सिंधु घाटी सभ्यता से जुड़ी हुई है. यह लगभग 3000 बीसीई की है. हड़प्पा और मोहनजोदड़ो में खुदाई से गेहूं और जौ के ऐसे दाने मिले हैं जो आज भी भारत में उगाए जाते हैं. इस सबूत से यह पता चलता है कि इस इलाके की शुरुआती लोग अनाज उगाते थे और किसी तरह की चपटी रोटी बनाते थे.

पुरानी किताबों में जिक्र 

रोटी और चपाती का जिक्र पुराने भारतीय साहित्य में भी मिलता है. चपाती जैसे शब्द संस्कृत की किताब और महाभारत जैसे महाकाव्य में मिलते हैं. ऐसा माना जाता है कि चपाती शब्द संस्कृत के शब्द कार्पाती से आया है. इसका मतलब होता है एक पतला केक. रोटी शब्द खुद संस्कृत के रोटिका से आया है.

मुगल काल और खाना बनाने की पहचान 

मुगल काल में रोटी को और ज्यादा पहचान मिली. इसका जिक्र खास तौर पर 16वीं सदी के ऐतिहासिक डॉक्यूमेंट आइन-ए-अकबरी में मिलता है. इसमें दरबारी रीति रिवाज और खाने के बारे में डिटेल में बताया गया है. मुगल बादशाह अकबर को अलग-अलग तरह की रोटी पसंद थी.

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