National Flag Disposal Rules: 15 अगस्त के दिन पूरा देश बड़े ही धूमधाम से भारत के स्वतंत्र होने का जश्न मनाता है. हर सरकारी ऑफिस से लेकर विधालयों और कॉलेजों में ध्वजारोहण किया जाता है. साथ ही कुछ लोग अपने गाड़ियों, दुकानों और घरों पर तिरंगा लगा देते हैं. लेकिन अक्सर देखा जाता है कि 15 अगस्त गुजरने के बाद कई जगहों पर छोटे-छोटे कागजों और प्लास्टिक के तिरंगे बिना किसी सावधानी के सड़कों और नालियों में गिरे मिलते हैं. राष्ट्रिय ध्वज का इस तरह नालियों में मिलना हर नागरिक को आहत करता है. यह न सिर्फ हमारे देश का अपमान है, बल्कि कानूनी रूप से एक गंभीर अपराध भी है. 

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तिरंगा सड़क पर मिलने पर तुरंत करे ये काम

अगर आपको कभी भी सड़क या ऐसी जगह तिरंगा पड़ा हुआ मिले. जहां उसका अपमान हो रहा हो, तो ऐसे में सबसे पहले आगे बढ़कर उसे पूरे सम्मान के साथ अपने हाथ में उठा लें. ध्यान रखें कि उस पर पैर न लगे. झंडे को उठाने के बाद उसे किसी साफ कपड़े में लपेटकर सुरक्षित स्थान पर रख दें. इसके बाद आप फ्लैग कोड ऑफ इंडिया यानी भारतीय ध्वज संहिता के नियमों के तहत उसका निस्तारण कर सकते हैं.

कहां करे शिकायत दर्ज

यदि आपको लगता है कि किसी व्यक्ति, दुकानदार या संस्था ने जानबूझकर भारी मात्रा में तिरंगे को कचरे में फेंका है या उसका अपमान किया है, तो आप अपने नजदीकी पुलिस थाने में जाकर उस व्यक्ति या संस्था के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज करा सकते हैं. क्योंकि राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करना एक कानूनी अपराध है. इसके अलावा आप अपने जिले के प्रशासनिक अधिकारी या कलेक्टर कार्यालय के शिकायत सेल में इसकी जानकारी दे सकते हैं. 

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क्या कहता है देश का कानून

भारतीय कानून में राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान को बनाए रखने के लिए सख्त कानून बनाए गए हैं. प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर एक्ट, 1971 के तहत तिरंगे का किसी भी प्रकार से अपमान करना, उसे फाड़ना, जलाना या पैरों तले कुचलना एक दंडनीय अपराध है. ऐसे में यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर या किसी भी अन्य जगह पर जानबूझकर राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करता है या उसे दूषित करता है, तो उसे 3 साल तक की जेल की सजा हो सकती है. इसके साथ ही उस पर भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है. 

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क्षतिग्रस्त तिरंगे का क्या करें

भारतीय ध्वज संहिता के अनुसार, यदि कोई तिरंगा फट गया है, गंदा हो गया है या बेहद खराब स्थिति में है, तो उसे कहीं भी ऐसे ही नहीं फेंका जा सकता. कटे-फटे या गंदे तिरंगे को बहुत ही सम्मान के साथ एक साफ लकड़ी के बॉक्स में रखें. इसके बाद जमीन में गहरा गड्ढा खोदकर उसे सुरक्षित तरीके से दफना दें. तिरंगे को विसर्जित करने का दूसरा तरीका अग्नि विसर्जन है. झंडे को सीधे आग में फेंकने के बजाय ससम्मान उसमें रखना चाहिए. यह प्रक्रिया बेहद शांत और एकांत माहौल में होनी चाहिए, ताकि सार्वजनिक रूप से इसकी गरिमा को कोई ठेस न पहुंचे. 

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