इस साल देश अपना 79वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है. हर साल 15 अगस्त के दिन लाल किले की प्राचीर से देश के प्रधानमंत्री तिरंगे को फहराते हैं और देश को संबोधित करते हैं. 15 अगस्त 1947 को लाल किले पर पहली बार तिरंगा फहराया गया था जिसे भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने फहराया था. लेकिन क्या आापको पता है कि जिस तिरंगे को पंडित नेहरू ने फहराया था वो अब कहां है और कहां रखा गया है. इसे आम इंसान कैसे देख सकता है चलिए जानते हैं.
किसने डिजाइन किया था तिरंगा
भारत के जिस तिरंगे को पंडित नेहरू ने लाल किले पर फहराया था वो तिरंगा न केवल स्वतंत्रता का प्रतीक है, बल्कि भारत की आजादी के संघर्ष और एकता की भावना का जीवंत गवाह भी है. 22 जुलाई 1947 को भारत की संविधान सभा ने पिंगली वेंकैया द्वारा डिजाइन किए गए तिरंगे को राष्ट्रीय ध्वज के रूप में स्वीकार किया था. यह वह ऐतिहासिक क्षण था, जब तिरंगे को औपचारिक रूप से भारत की शान, आन और पहचान का प्रतीक बनाया गया. इसके कुछ ही दिन बाद, 15 अगस्त 1947 को, पंडित जवाहरलाल नेहरू ने लाल किले की प्राचीर से इस तिरंगे को फहराकर स्वतंत्र भारत की शुरुआत की. यह तिरंगा खादी का बना था, जो आत्मनिर्भरता और स्वदेशी आंदोलन का प्रतीक था. इसके बीच में अशोक चक्र था, जो धर्म और प्रगति का प्रतीक है.
कहां है ऐतिहासिक तिरंगा
15 अगस्त 1947 को लाल किले पर फहराया गया तिरंगा वर्तमान में नई दिल्ली में आर्मी बैटल ऑनर्स मेस में सुरक्षित रखा गया है. यह स्थान भारतीय सेना के लिए एक महत्वपूर्ण स्मारक है, जहां ऐतिहासिक और सैन्य महत्व की वस्तुओं को संरक्षित किया जाता है. यह तिरंगा आज भी भारत की स्वतंत्रता की कहानी को जीवंत रखता है और इसे विशेष अवसरों पर प्रदर्शित किया जाता है.
क्या आम जनता देख सकती है?
नई दिल्ली में आर्मी बैटल ऑनर्स मेस में रखे गए तिरंगे को देखने के लिए विशेष अनुमति की आवश्यकता हो सकती है, क्योंकि यह एक सैन्य क्षेत्र है. इच्छुक व्यक्ति भारतीय सेना के संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं या विशेष आयोजनों, जैसे स्वतंत्रता दिवस या गणतंत्र दिवस के दौरान प्रदर्शन की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.
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