सोशल मीडिया पर एक दोस्ताना मैसेज, प्रोफाइल फोटो पर मुस्कुराता चेहरा और कुछ ही दिनों में भरोसे प्यारी-प्यारी मीठी बातें. सब कुछ बिल्कुल सामान्य लगता है, लेकिन अचानक एक दिन कहानी पलट जाती है, जबआपके ऊपर पैसा मांगने से लेकर भावनात्मक दबाव तक बनाया जाता है. पता करने पर सामने वाला इंसान असल में स्कैमर निकलता है, लेकिन तब तक आप अपने लाखों रुपये गंवा चुके होते हैं. यही है कैटफिशिंग, एक ऐसा डिजिटल जाल जिसमें दुनिया भर में लाखों लोग फंस चुके हैं. आइए जानें कि इसे कैसे अंजाम देते हैं और सबसे बड़ा कैटफिशर कौन है.

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क्या होती है कैटफिशिंग?

कैटफिशिंग एक तरह की ऑनलाइन धोखाधड़ी है, जिसमें कोई व्यक्ति फर्जी पहचान बनाकर दूसरों को धोखा देता है. इसमें नकली नाम, किसी और की तस्वीरें और झूठी कहानी का इस्तेमाल किया जाता है. आमतौर पर यह धोखा सोशल मीडिया, डेटिंग ऐप्स या मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए किया जाता है.

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कैटफिशिंग कैसे की जाती है?

कैटफिशिंग की शुरुआत अक्सर एक आकर्षक प्रोफाइल से होती है. स्कैम करने वाला व्यक्ति किसी मॉडल, सैनिक, डॉक्टर या बिजनेसमैन की तस्वीर लगाता है. फिर धीरे-धीरे बातचीत बढ़ाई जाती है. सामने वाले का भरोसा जीतने के लिए भावनात्मक बातें, भविष्य के सपने और निजी कहानियां शेयर की जाती हैं. एक समय के बाद या तो प्यार के जाल में फंसाकर पैसों की मांग की जाती है या निजी जानकारी हासिल कर ली जाती है, उसके बाद ब्लैकमेल करके पैसों की डिमांड होती है.

लोग कैटफिशिंग का शिकार क्यों बनते हैं?

आज के डिजिटल दौर में अकेलापन, भरोसा और भावनात्मक जुड़ाव बड़ी वजह बनते हैं. कई लोग ऑनलाइन रिश्तों को जल्दी गंभीर मान लेते हैं. कैटफिशर इसी कमजोरी का फायदा उठाते हैं. वे सामने वाले को खास महसूस कराते हैं, जिससे शक की गुंजाइश कम हो जाती है. 

कैटफिशिंग के आम तरीके

कैटफिशिंग सिर्फ रोमांटिक धोखाधड़ी तक सीमित नहीं है. कई बार नौकरी का झांसा, निवेश का लालच या दोस्ती के नाम पर ठगी की जाती है. कुछ मामलों में ब्लैकमेलिंग भी देखने को मिलती है, जहां निजी तस्वीरों या चैट का गलत इस्तेमाल किया जाता है.

दुनिया का सबसे बड़ा कैटफिशर कौन है?

साइमन लेवीएव Simon Leviev इसे दुनिया भर में Tinder Swindler के नाम से जाना गया है. इसने डेटिंग ऐप्स पर फर्जी अमीर पहचान बनाकर कई देशों की महिलाओं से लाखों डॉलर ठगे हैं. यह मामला डॉक्यूमेंट्री और कोर्ट रिकॉर्ड्स के कारण प्रमाणित है, इसलिए इसे अक्सर सबसे कुख्यात कैटफिशर्स में गिना जाता है.

अफ्रीका, पूर्वी यूरोप और दक्षिण-पूर्व एशिया में सक्रिय कई साइबर गिरोह ऐसे हैं जो एक साथ सैकड़ों नकली प्रोफाइल बनाकर लोगों को भावनात्मक जाल में फंसाते हैं. असल में यही नेटवर्क सबसे बड़े कैटफिशर माने जा सकते हैं. 

कैटफिशिंग से कैसे बचा जा सकता है?

ऑनलाइन किसी पर भी जल्दी भरोसा करना खतरनाक हो सकता है. प्रोफाइल की जानकारी जांचना, वीडियो कॉल की मांग करना और पैसे या निजी दस्तावेज कभी साझा न करना बेहद जरूरी है. अगर कोई व्यक्ति मिलने से लगातार बच रहा है, तो सतर्क हो जाना चाहिए.

भारत में कैटफिशिंग का बढ़ता खतरा

भारत में इंटरनेट और स्मार्टफोन की पहुंच बढ़ने के साथ-साथ ऑनलाइन ठगी के मामले भी बढ़े हैं. साइबर अपराध से जुड़ी एजेंसियां लगातार लोगों को जागरूक कर रही हैं. कई मामलों में पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय गिरोहों का भी पर्दाफाश किया है.

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