Somali Shilling: एक ऐसी दुनिया में जहां स्थिर करेंसी और डिजिटल पेमेंट का बोलबाला है सोमालिया एक अनोखा फाइनेंशियल नजारा पेश करता है. देश में आधिकारिक तौर पर सोमाली शिलिंग का इस्तेमाल होता है. लेकिन रोजमर्रा के लेनदेन की कहानी कुछ और ही होती है. आइए जानते हैं सोमालिया में भारत की ₹10,000 की कितनी कीमत होगी.

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सोमालिया की आधिकारिक करेंसी

सोमालिया के अधिकारी करेंसी सोमाली शिलिंग है. मौजूदा एक्सचेंज रेट के मुताबिक एक भारतीय रुपया 6.14 सोमाली शिलिंग के बराबर होता है. इसके आधार पर ₹10,000 लगभग 61,385 सोमाली शिलिंग के बराबर होते है.

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हालांकि महंगाई और करेंसी की कीमत गिरने की वजह से इस रकम की असली खरीदने की ताकत इस बात पर काफी ज्यादा निर्भर करती है की लेन-देन सोमाली शिलिंग में किया जा रहा है या फिर यूएस डॉलर में.

दोहरी करेंसी व्यवस्था 

हालांकि सोमाली शिलिंग आधिकारिक करेंसी है लेकिन इसके बावजूद भी पूरे देश में यूनाइटेड स्टेट्स डॉलर का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है. बड़ी खरीदारी और व्यापार के लिए डॉलर का काफी ज्यादा इस्तेमाल होता है. कई दुकानदार तो कीमत सीधे डॉलर में दिखाते हैं. 

बैंक नोट की कमी 

राजनीतिक अस्थिरता की वजह से सोमालिया में नई करेंसी नोट की लंबे समय से कमी चल रही है. चलन में मौजूद ज्यादातर नोट पुराने और घिसे-पिटे हैं. इनमें 1000 सोमाली शिलिंग का नोट सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला नोट है.

चलन में कोई सिक्का नहीं 

सोमालिया में अब सिक्कों का इस्तेमाल नहीं होता है. मुद्रा की घटती कीमत और उत्पादन सुविधा की कमी की वजह से सिक्के अब काम में नहीं रह गए हैं और रोजगार के लिए दिन से गायब हो गए हैं. 

सोमालीलैंड की अलग करेंसी व्यवस्था

सोमालीलैंड के उत्तर पश्चिम इलाके में सोमालीलैंड शिलिंग नाम की एक अलग करेंसी का इस्तेमाल किया जाता है. इसकी कीमत काफी कम है और छोटी-मोटी खरीदारी के लिए भी अक्सर बड़ी मात्रा में कैश की जरूरत पड़ती है. इसकी वजह से कभी-कभी लोगों को नोटों के बंडल साथ लेकर चलने पड़ते हैं. 

दिलचस्प बात यह है कि सोमालिया दुनिया की सबसे आगे चल रही मोबाइल मनी अर्थव्यवस्थाओं में से एक बन चुका है. नकद पैसों से जुड़ी मुश्किलों की वजह से ऑनलाइन प्लेटफार्म रोजाना के लेनदेन के लिए बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहे हैं. इससे कई इलाकों में डिजिटल पेमेंट नकद पैसों के मुकाबले ज्यादा आम हो गए हैं.

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