अक्सर हम किसी को पढ़ाई में तेज देखकर समझ लेते हैं कि वह बहुत होशियार है, लेकिन क्या सच में दिमाग की तेजी सिर्फ पढ़ाई या लॉजिक से मापी जा सकती है. इसे लेकर मनोविज्ञान कहता है कि दिमाग की तेजी सिर्फ पढ़ाई या लॉजिक से मापी नहीं जा सकती है. इंसान की सफलता और उसकी सोचने समझने की क्षमता सिर्फ IQ पर नहीं टिकी होती है. ऐसे में आज प्रोफेशनल और पर्सनललाइफ दोनों में IQ, EQ, SQ और AQ यह चारों ही तरह की इंटेलीजेंस बराबर मायने रखती है. यही वजह है कि कोई व्यक्ति अपने काम में जीनियसहोतेहुएभीलोगोंसेबातचीतमेंकमजोरहोसकताहै, जबकिकोईकमरेमेंमौजूदमाहौलतुरंतसमझलेताहैलेकिनमैथ्सकेसवालसेघबराजाताहै. वहींअबमनोवैज्ञानिकइनचारोंक्यूकोदिमागीक्षमताकापूरापैमानामानतेहैं. ऐसेमेंचलिएआजहमआपकोबतातेहैंकिIQ, EQ, SQ और AQ क्याहैऔरइसेदिमागकेतेजहोनेकापताकैसेचलताहै.
IQ यानीसोचनेसमझनेकीक्षमता
IQ वह क्षमता है जिससे इंसान प्रॉब्लमसॉल्व करता है, चीजें याद रखता है और तेजी से जानकारी प्रोसेस करता है. स्कूल, कॉलेज की पढ़ाई और टेक्निकलकरियर में इसकी अहम भूमिका होती है, लेकिन सिर्फ IQ होनेसेसफलतातयनहींहोतीहै.
EQ यानी इमोशन को समझने की क्षमता
EQ बताता है कि इंसान अपनी और दूसरों की भावनाओं को कितना समझाता है. यही क्षमता रिश्ते, टीमवर्क को लीडरशिप को मजबूत बनाती है. इसे इस तरह समझा जा सकता है कि अब्राहमलिंकन को दुनिया आज इसलिए याद करती है क्योंकि उनकी लीडरशिप का असली आधार उनकी इमोशनल समझ थी. जिसने उन्हें मुश्किल समय में भी लोगों को साथ लेकर चलने में मदद की.
SQ यानी लोगों से जुड़ने की क्षमता
SQ वह क्षमता है जिससे इंसान दूसरों को समझता है, रिश्ते बनाता है और सोशल माहौल में भी खुद को सहज रखता है. ऑफिस कल्चर, नेटवर्किंग और टीमवर्क इन सब में SQ बड़ी भूमिका निभाता है. जिन लोगों का SQ मजबूत होता है. वह आसानी से लोगों पर अच्छा प्रभाव डालते हैं और किसी भी टीम या ग्रुप में जल्दी फिट हो जाते हैं.
AQ यानी मुश्किलों से उभरने की क्षमता
AQ इंसान की वह ताकत है, जिससे वह मुश्किलों, असफलताओं और स्ट्रेस से निपटता है. आज की तेज रफ्तार दुनिया में सबसे ज्यादा चर्चा AQ की ही होती है, क्योंकि बदलते माहौल में खुद को एडजस्ट करना ही असली सफलता है. ऐसे में जो लोग मुश्किल हालात में भी टिके रहते हैं और सिखते हुए आगे बढ़ते हैं उनका AQ मजबूत माना जाता है. एक्सपर्ट्स बताते हैं कि इन चारों में से कोई एक भी क्षमता कमजोर हो तो इंसान का विकास रुक सकता है. जैसे सिर्फ IQ होने पर इंसान अच्छा जज करने वाला तो बन सकता है लेकिन लीडर नहीं बन सकता. वहीं सिर्फ EQ होने पर व्यक्ति लोगों से गुल मिल सकता है लेकिन मुश्किल हालात में टूट सकता है. इसलिए इन चारों क्यू का बैलेंस जरूरी होता है.
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