Mamata Banerjee Security: 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद पश्चिम बंगाल का राजनीतिक माहौल काफी ज्यादा बदल गया है. भारतीय जनता पार्टी ने 207 सीटों पर जीत हासिल की और अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन को समाप्त कर दिया. हाल के बाद पद छोड़ने के बाद ममता बनर्जी को मिलने वाली सुरक्षा व्यवस्था के बारे में तुरंत सवाल उठने लगे. आइए जानते हैं कि पहले ममता बनर्जी को कौन सी सिक्योरिटी मिलती थी और अब कौन सी मिलती है.

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मुख्यमंत्री स्तर की अतिरिक्त व्यवस्थाएं हटा ली गई 

मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद भी ममता बनर्जी को Z+ श्रेणी की ही सुरक्षा मिलती रहेगी. आधिकारिक येलो बुक प्रोटोकॉल के तहत उनकी सुरक्षा के लिए बारी-बारी से शिफ्टों में लगभग 248 सुरक्षा कर्मी तैनात रहते हैं. हालांकि मुख्यमंत्री के पद से हटने के बाद भी उनकी Z+ सुरक्षा बरकरार है लेकिन कुछ अतिरिक्त सुविधा हटा दी गई है. उनके कार्यकाल के दौरान उनके आवास और कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी, बैरिकेड, सुरक्षा बूथ, स्कैनर और यातायात नियंत्रण व्यवस्थाएं तैनात रहती थीं. अब सरकार बदलने के बाद इन अतिरिक्त व्यवस्थाओं को हटा लिया गया है.

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कालीघाट आवास के आसपास सुरक्षा कम कर दी गई 

कई मुख्यमंत्री के उलट जो आधिकारिक सरकारी आवासों में चले जाते हैं ममता बनर्जी कोलकाता के कालीघाट में अपने निजी घर में ही रहती हैं. पद छोड़ने के बाद इस आवास के आसपास की भारी बाहरी सुरक्षा घेरा भी कम कर दिया गया है. पहले उनके आवास के आसपास के क्षेत्र में अक्सर व्यापक बैरिकेड, पुलिस की तैनाती और विशेष भीड़ नियंत्रण बुनियादी ढांचा देखने को मिलता था. 

पूर्व मुख्यमंत्री को सुरक्षा क्यों मिलती रहती है?

भारत में राजनीतिक नेताओं को दी जाने वाली सुरक्षा का स्तर काफी हद तक खतरे की आशंका के आधार पर निर्धारित किया जाता है. पद छोड़ने के बाद भी जो वरिष्ठ नेता राजनीतिक रूप से सक्रिय रहते हैं उन्हें अक्सर खास सुरक्षा मिलती रहती है. टीएमसी के चुनावी हार के बावजूद भी ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की सबसे प्रभावशाली राजनीतिक हस्तियों में से एक बनी हुई है. सार्वजनिक जीवन में उनकी लगातार मौजूदगी और राजनीतिक महत्व को देखते हुए अधिकारियों ने उनकी उच्च स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था को जारी रखने का फैसला किया है.

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