Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनावों के पहले चरण के लिए वोटिंग हो रही है. यहां 152 सीटों पर मतदान हो रहा है. इसी के साथ तमिलनाडु की 234 सीटों पर भी वोटिंग जारी है. लगभग 36 मिलियन वोटर 44000 पोलिंग स्टेशनों पर वोट डाल रहे हैं. इसी बीच एक दिलचस्प बात सामने आती है. कई ऐसे राज्य है जहां पर इंडियन नेशनल कांग्रेस सत्ताधारी गठबंधन का हिस्सा है, मगर उसके पास मुख्यमंत्री का पद नहीं है.
मुख्यमंत्री की कुर्सी के बिना भी सत्ता में कांग्रेस
भारतीय राजनीति में सत्ता में होने का मतलब हमेशा सरकार का नेतृत्व करना नहीं होता. गठबंधन की राजनीति के दौर में पार्टियां अक्सर सबसे ऊंचे पद पर बैठे बिना भी सत्ता में हिस्सेदारी करती हैं. कांग्रेस इस समय कई राज्यों में इसी स्थिति में है. वह शासन प्रशासन में बड़ी भूमिका निभा रही है, लेकिन मुख्यमंत्री का पद उसके गठबंधन सहयोगियों के पास है.
झारखंड
झारखंड में कांग्रेस सत्ताधारी महागठबंधन का एक बड़ा हिस्सा है. सरकार का नेतृत्व झारखंड मुक्ति मोर्चा के हेमंत सोरेन कर रहे हैं. हो सकता है कि कांग्रेस के पास मुख्यमंत्री का पद ना हो लेकिन शासन प्रशासन में उसकी भूमिका काफी मजबूत है. 2024 के चुनावों के बाद पार्टी ने अच्छी खासी सीटें जीतीं और उसके कई नेता राज्य मंत्रिमंडल का हिस्सा हैं.
तमिलनाडु
तमिलनाडु में कांग्रेस द्रविड़ मुनेत्र कड़गम लीडरशिप वाले सत्ताधारी गठबंधन का हिस्सा है. यहां के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन हैं. दिलचस्प बात यह है कि कांग्रेस इस समय सरकार को बाहर से समर्थन दे रही है लेकिन मंत्रिमंडल में उसका कोई भी सीधा प्रतिनिधित्व नहीं है. उसकी भूमिका ज्यादातर रणनीतिक है. वह सरकार को राजनीतिक समर्थन दे रही है और साथ ही सत्ता में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए बातचीत भी कर रही है.
जम्मू और कश्मीर
जम्मू और कश्मीर में कांग्रेस जम्मू और कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेतृत्व वाली सरकार को समर्थन दे रही है. यहां के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला हैं. यहां कांग्रेस ने मंत्रिमंडल से बाहर रहकर सरकार को बाहर से समर्थन देने का फैसला किया है. यह फैसला राजनीतिक रूप से काफी जरूरी है क्योंकि पार्टी एक तरफ तो इस क्षेत्र को फिर से पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग पर जोर दे रही है और दूसरी तरफ शासन प्रशासन को भी प्रभावित कर रही है.
यह तरीका कांग्रेस की एक राजनीतिक रणनीति को दर्शाता है. लीडरशिप पर जोर देने के बजाय कांग्रेस अक्सर क्षेत्रीय राजनीति में अपनी अहमियत बनाए रखने के लिए गठबंधन बनाने को प्राथमिकता देती है. गठबंधन सरकार का समर्थन करके वह अपना प्रभाव बनाए रखती है और शासन प्रशासन में हिस्सा लेती है.
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