Husband of 375 Wives: आज के समय में जहां एक शादी के अलावा दूसरी शादी कर लेने पर लोग चर्चा का विषय बन जाते हैं, वहीं आपको जानकर हैरानी होगी कि एक राजा ऐसा भी था जिसने एक नहीं, दो नहीं, कम से कम 375 बार शादी की थी. जी हां, आपने एकदम सही सुना. हम बात कर रहे हैं अवध के आखिरी नवाब वाजिद अली शाह की. यह वही राजा थे जो कला, संगीत और कथक नृत्य के बहुत बड़े प्रेमी माने जाते थे. कहा जाता है कि वाजिद अली शाह ने अपनी जिंदगी में करीब 375 बेगमों से शादी की थी. जितनी यह बात सुनने में दिलचस्प लगती है, उतनी ही इसके पीछे की कहानी भी उतनी ही खास है. आइए जानते हैं इसके बारे में पूरी जानकारी.
मुताह से होती थीं कई शादियां
बेगमों की संख्या जितनी हैरान करती है, उतनी ही हैरानी आपको यह बात जानकर होगी कि इन शादियों के पीछे एक खास तरीका था, जिसे मुताह कहा जाता है. बता दें कि मुताह एक तरह की समय-सीमा वाली शादी होती थी, जिसमें दोनों पक्ष पहले से तय कर लेते थे कि यह रिश्ता कितने समय तक चलेगा. इसी तरीके से वाजिद अली शाह ने कई महिलाओं से निकाह किया, चाहे वह महल की नौकरानी हो या कोई और साधारण औरत.
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बेगमों के भी थे अलग-अलग दर्जे
इसके अलावा सबसे दिलचस्प बात यह है कि वाजिद अली शाह की सभी बीवियां एक बराबर नहीं मानी जाती थीं. मुताह से शादी करने वाली महिलाओं को शादी खत्म होने के बाद अपने गहने और कपड़े तक वापस करने पड़ते थे.
उनकी बीवियों की तीन श्रेणियां तय थीं. एक, जिन्होंने नवाब के बच्चों को जन्म दिया, उन्हें महल का ऊंचा दर्जा दिया जाता था और वे पर्दे में रहती थीं. दूसरी, जिन्होंने बच्चों को जन्म नहीं दिया, उन्हें बेगम कहा जाता था. और सबसे नीचे का दर्जा खिलावती का होता था. ये महिलाएं घर के नौकरों जैसा काम करती थीं, लेकिन शादी के बंधन में नवाब से जुड़ी रहती थीं. वाजिद अली शाह के बारे में एक और सबसे खास बात थी कि उन्हें काले रंग की बीवियां बहुत पसंद थीं और उन्हें अफ्रीकी अंगरक्षकों के बीच रहना भी पसंद था.
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