PM Modi Sweden Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय विदेश दौरे पर हैं. हाल ही में वह नीदरलैंड्स के दौरे के बाद स्वीडन पहुंचे, जहां गोथेनबर्ग एयरपोर्ट पर उनका स्वागत स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने किया. इस दौरे के दौरान एक बहुत ही खास और भावुक पल देखने को मिला. जिसमें स्वागत समारोह में स्वीडन की मशहूर ओपेरा सिंगर शार्लोटा हुल्ड्ट ने “वैष्णव जन तो तेने कहिये” भजन गाया. यह सुनकर वहां मौजूद लोग भी भावुक हो गए. पीएम मोदी ने इस पल का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया और लिखा कि यह देखकर खुशी होती है कि बापू के विचार आज भी दुनिया में गूंज रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि महात्मा गांधी के विचार हमें एक बेहतर दुनिया बनाने की प्रेरणा देते हैं.
भजन की रचना किसने की और इसका असली मतलब क्या है
“वैष्णव जन तो तेने कहिये” एक बहुत पुराना और प्रसिद्ध भजन है. इसे 15वीं सदी में गुजराती संत और कवि नरसिंह मेहता ने लिखा था. नरसिंह मेहता (1414-1481) भगवान कृष्ण के परम भक्त थे और उनका जीवन भक्ति और सेवा से जुड़ा हुआ था. इस भजन का मतलब बहुत आसान है. इसमें बताया गया है कि सच्चा इंसान वही होता है जो दूसरों का दुख समझे, किसी को तकलीफ न दे और हमेशा जरूरतमंद की मदद करे. यह भजन हमें दया, सेवा और अच्छे व्यवहार की सीख देता है. इसलिए यह आज भी लोगों के दिलों में खास जगह रखता है.
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महात्मा गांधी और इस भजन का गहरा रिश्ता
महात्मा गांधी को यह भजन बहुत ज्यादा पसंद था. वे इसे अपनी प्रार्थना सभाओं में सबसे पहले गवाते थे. इसमें गांधी जी का मानना था कि इंसान की असली पहचान उसके काम और उसके व्यवहार से होती है, न कि उसके शब्दों से. अगर कोई व्यक्ति दूसरों की मदद करता है और किसी को दुख नहीं देता, वही सच्चा इंसान है. “वैष्णव जन तो तेने कहिये” उनके लिए सिर्फ एक भजन नहीं था, बल्कि जीने का तरीका था. इसी भजन ने गांधी जी के सत्य और अहिंसा के विचारों को और मजबूत किया.
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